Ambedkar Nagar News: निर्दल शिक्षक एमएलसी प्रत्याशी अजय सिंह ने शिक्षक और कर्मचारियों के हितों की अनदेखी को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों पर सवाल उठाए। जिले के एक महाविद्यालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल सत्ता में आने के बाद शिक्षक-कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों को भूल जाते हैं।
उन्होंने कहा कि शिक्षक एमएलसी का चुनाव केवल राजनीतिक लड़ाई नहीं, बल्कि शिक्षकों और कर्मचारियों की आवाज सदन तक पहुंचाने का माध्यम है। अजय सिंह ने पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) की बहाली का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इस विषय पर राजनीतिक दलों के बयानों और उनके वास्तविक रुख में अंतर दिखाई देता है। शिक्षक और कर्मचारी लंबे समय से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है।
रिक्त पदों से शिक्षा व्यवस्था प्रभावित होने का दावा
अजय सिंह ने प्रदेश में 50 प्रतिशत से अधिक शिक्षक पद रिक्त होने का दावा करते हुए कहा कि इसका सीधा असर शिक्षा व्यवस्था पर पड़ रहा है। उन्होंने वित्तविहीन शिक्षकों को उचित मानदेय देने की मांग की। साथ ही आउटसोर्सिंग व्यवस्था के तहत कार्यरत कर्मचारियों के हितों और अधिकारों से जुड़े मुद्दों को भी उठाया।
आश्वासन नहीं, ठोस समाधान की जरूरत
अजय सिंह ने कहा कि शिक्षक-कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान केवल आश्वासन देने से नहीं होगा। उनकी मांगों को सदन में प्रभावी ढंग से उठाने के साथ ही सरकार की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। उन्होंने शिक्षक और कर्मचारी वर्ग से अपने अधिकारों, सम्मान और भविष्य की सुरक्षा के लिए एकजुट होने की अपील की।
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