राजधानी दिल्ली में गांधी जयंती के दिन जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। एक प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बनी। आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज समेत कई कार्यकर्ता प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे, जहां पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। इस घटनाक्रम के बीच दिल्ली के कई प्रमुख रास्तों और सार्वजनिक परिवहन पर भी प्रतिबंध लगाए गए हैं।

दिल्ली में 2 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं। आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज अपने समर्थकों और अन्य कार्यकर्ताओं के साथ जंतर-मंतर पहुंचे। प्रदर्शन में शामिल होने से पहले ही दिल्ली पुलिस ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी थी। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को निर्धारित स्थान पर एकत्र होने की अनुमति नहीं दी और सौरभ भारद्वाज समेत कई नेताओं तथा कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) और चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी शिकायतें हैं। प्रदर्शनकारियों की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जा रही है।

जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन का आह्वान ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA), राज्यसभा सांसद मनोज झा और सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रशांत भूषण की ओर से किया गया था। प्रदर्शन के आयोजकों ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण और चुनाव कराने की प्रक्रिया में गड़बड़ियों के आरोपों को उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की मांग की है। आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने भी लोगों से जंतर-मंतर पहुंचकर प्रदर्शन में शामिल होने और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाने की अपील की थी। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने प्रस्तावित प्रदर्शन और मार्च की अनुमति देने से इनकार कर दिया। इसके बाद नई दिल्ली जिले में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई।

प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर और आसपास के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए हैं। नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू की गई है। इसके तहत संबंधित आदेश में निर्धारित प्रतिबंधों का पालन करना अनिवार्य है। पुलिस ने जंतर-मंतर की ओर जाने वाले रास्तों पर कई स्तरों की बैरिकेडिंग की है। प्रदर्शन स्थल के आसपास पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ निगरानी व्यवस्था भी बढ़ाई गई है। जंतर-मंतर रोड को यातायात के लिए बंद किया गया है। इसके अलावा टॉल्स्टॉय मार्ग और केरल भवन के आसपास आवाजाही प्रतिबंधित की गई है। अशोक रोड के पास भी बैरिकेडिंग की गई है। इलाके में सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी की व्यवस्था की गई है। दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रदर्शन की अनुमति नहीं दिए जाने की जानकारी भी दी है।
जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने 11 मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश और निकास बंद रखने का फैसला किया है। यह प्रतिबंध अगली सूचना तक लागू रहेगा। हालांकि, कुछ प्रमुख स्टेशनों पर यात्रियों को मेट्रो लाइन बदलने यानी इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
इन 11 मेट्रो स्टेशनों पर बंद है प्रवेश और निकास
- जनपथ
- पटेल चौक
- केंद्रीय सचिवालय
- राजीव चौक
- सेवा तीर्थ
- मंडी हाउस
- लोक कल्याण मार्ग
- आईएनए
- चावड़ी बाजार
- रामकृष्ण आश्रम मार्ग
- नई दिल्ली
इन स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा
दिल्ली मेट्रो की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, निम्नलिखित स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध रहेगी:
- राजीव चौक
- मंडी हाउस
- केंद्रीय सचिवालय
- नई दिल्ली
इन स्टेशनों पर यात्री मेट्रो की एक लाइन से दूसरी लाइन में बदलाव कर सकेंगे, जबकि प्रवेश और निकास पर प्रतिबंध लागू रहेगा। मेट्रो से यात्रा करने वाले लोगों को संबंधित स्टेशन की स्थिति की जानकारी लेकर ही यात्रा की योजना बनाने की सलाह दी गई है।
प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली यातायात पुलिस ने भी मध्य दिल्ली के कई इलाकों में यातायात व्यवस्था में बदलाव किए हैं। जंतर-मंतर रोड, टॉल्स्टॉय मार्ग, संसद मार्ग और आसपास की सड़कों पर वाहनों की आवाजाही नियंत्रित की गई है। कई स्थानों पर वाहनों को वैकल्पिक मार्गों की ओर भेजा जा रहा है। सुरक्षा व्यवस्था के कारण कुछ मार्गों पर सामान्य यातायात प्रभावित हुआ है। जंतर-मंतर, अशोक रोड और आसपास के क्षेत्रों में जाने वाले लोगों को वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करने की सलाह दी गई है। इन प्रतिबंधों का असर दिल्ली के केंद्रीय इलाकों में आने-जाने वाले यात्रियों पर भी पड़ सकता है।
जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर तीन प्रमुख आयोजकों के नाम सामने आए हैं। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA): छात्र संगठन ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर विरोध-प्रदर्शन का आह्वान किया। मनोज झा: राष्ट्रीय जनता दल के राज्यसभा सांसद ने प्रदर्शन के आयोजन में भाग लिया।
प्रशांत भूषण: सुप्रीम कोर्ट के वकील ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन का आह्वान किया। इनकी ओर से उठाई गई प्रमुख मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की है।
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