लखनऊ, उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश में एक ऐसे नेटवर्क की गतिविधियों की जांच तेज की गई है, जिसके संपर्कों और ऑनलाइन गतिविधियों को लेकर सुरक्षा एजेंसियां पहले से पड़ताल कर रही हैं। इस कार्रवाई में प्रदेश के अलग-अलग जिलों में एक साथ कई टीमें सक्रिय हैं। जांच का दायरा केवल संदिग्ध व्यक्तियों तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके डिजिटल संपर्कों और ऑनलाइन गतिविधियों को भी इसमें शामिल किया गया है।
उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) ने शाहजाद भट्टी नेटवर्क से जुड़े मामलों में 55 टीमों को कार्रवाई में लगाया है। टीमें संदिग्ध लोगों के सोशल मीडिया अकाउंट, ऑनलाइन चैट, संपर्कों और डिजिटल कनेक्शन की जानकारी जुटा रही हैं। जांच का उद्देश्य नेटवर्क से जुड़े लोगों के बीच संपर्कों और उनकी गतिविधियों की कड़ियों को समझना है।
शाहजाद भट्टी नेटवर्क से जुड़े मामलों में उत्तर प्रदेश एटीएस की कार्रवाई प्रदेश के अलग-अलग जिलों में चल रही है। इसके लिए 55 टीमों को एक साथ जांच और छापेमारी में लगाया गया है। कार्रवाई के दौरान संदिग्ध ठिकानों और संबंधित व्यक्तियों से जुड़े इनपुट की पड़ताल की जा रही है। एटीएस की टीमें यह जानकारी जुटा रही हैं कि नेटवर्क से जुड़े लोगों के संपर्क में कौन-कौन व्यक्ति रहे हैं और उनके बीच किस प्रकार की बातचीत या ऑनलाइन गतिविधियां हुई हैं। जांच में डिजिटल उपकरणों और सोशल मीडिया गतिविधियों से संबंधित जानकारियों को भी शामिल किया गया है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में किसी जिले का विस्तृत नाम, कार्रवाई के दौरान हुई बरामदगी या गिरफ्तारियों की संख्या की पुष्टि नहीं की गई है।
इस कार्रवाई का प्रमुख हिस्सा डिजिटल संपर्कों की पड़ताल है। एटीएस संदिग्धों के सोशल मीडिया अकाउंट, ऑनलाइन बातचीत और संपर्कों से जुड़ी जानकारी जुटा रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि शाहजाद भट्टी नेटवर्क से जुड़े लोगों के साथ किन व्यक्तियों का संपर्क रहा है। इन संपर्कों के माध्यम से किसी प्रकार की गतिविधि संचालित होने की जानकारी भी जांच के दायरे में है। डिजिटल उपकरणों और ऑनलाइन गतिविधियों से जुड़े इनपुट की जांच के जरिए संपर्कों की कड़ियों को समझने का प्रयास किया जा रहा है। इस प्रक्रिया में सोशल मीडिया पर मौजूद गतिविधियों और ऑनलाइन संवाद से संबंधित जानकारी महत्वपूर्ण है। हालांकि, जांच के दौरान सामने आए किसी विशेष डिजिटल साक्ष्य या व्यक्ति की भूमिका के संबंध में अभी विस्तृत आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।
शाहजाद भट्टी नेटवर्क को लेकर केंद्र सरकार ने 16 सितंबर 2026 को महत्वपूर्ण निर्णय लिया था। गृह मंत्रालय ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी यूएपीए के तहत नेटवर्क को आतंकवादी संगठन घोषित किया। गृह मंत्रालय की अधिसूचना के माध्यम से शाहजाद भट्टी नेटवर्क को यूएपीए की प्रथम अनुसूची में शामिल किया गया। यह अधिसूचना अधिनियम की धारा 35(1)(a) के तहत जारी की गई थी। केंद्र सरकार की अधिसूचना में नेटवर्क पर सीमा पार हथियारों, विस्फोटकों और मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े मामलों, युवाओं और स्थानीय अपराधियों को आतंकवादी गतिविधियों की ओर प्रेरित करने तथा डिजिटल माध्यमों से भड़काऊ सामग्री प्रसारित करने जैसे आरोपों का उल्लेख किया गया है। सरकार के अनुसार, नेटवर्क की गतिविधियों को देश की आंतरिक सुरक्षा, लोकतांत्रिक व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द के लिए खतरा माना गया है। इस निर्णय के बाद नेटवर्क से जुड़े लोगों और उनके संपर्कों की जांच सुरक्षा एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण हो गई है।
शाहजाद भट्टी नेटवर्क से जुड़े मामलों में जांच एजेंसियां पहले भी डिजिटल संपर्कों और पाकिस्तानी हैंडलरों से जुड़े कनेक्शन की पड़ताल कर चुकी हैं। अप्रैल में उत्तर प्रदेश एटीएस ने नोएडा से दो लोगों को गिरफ्तार किया था। यह कार्रवाई पाकिस्तानी हैंडलरों के संपर्क से जुड़े मामले में की गई थी। उस मामले में ऑनलाइन संपर्कों और संबंधित गतिविधियों की जांच की गई थी। अब प्रदेश के अलग-अलग जिलों में चल रही मौजूदा कार्रवाई में भी डिजिटल कनेक्शन और नेटवर्क से जुड़े लोगों के संपर्कों की जानकारी जुटाई जा रही है। हालांकि, अप्रैल में हुई गिरफ्तारियों और मौजूदा कार्रवाई के बीच किसी विशिष्ट व्यक्ति या संपर्क की प्रत्यक्ष भूमिका के बारे में उपलब्ध जानकारी में कोई विस्तृत पुष्टि नहीं है। मौजूदा कार्रवाई में एटीएस की टीमें संदिग्ध ठिकानों और उनसे जुड़े लोगों के बारे में उपलब्ध सूचनाओं की जांच कर रही हैं।
जांच के प्रमुख बिंदुओं में शामिल हैं:
- शाहजाद भट्टी नेटवर्क से जुड़े लोगों के संपर्कों की पहचान।
- संदिग्ध सोशल मीडिया अकाउंट और ऑनलाइन चैट की पड़ताल।
- डिजिटल उपकरणों से संबंधित जानकारी जुटाना।
- ऑनलाइन संपर्कों के जरिए हुई गतिविधियों की जांच।
- नेटवर्क से जुड़े संदिग्ध हैंडलरों और उनके संपर्कों की कड़ियों को समझना।
जांच के दौरान जुटाए जा रहे डिजिटल और अन्य इनपुट के आधार पर संबंधित मामलों की पड़ताल की जा रही है।
शाहजाद भट्टी नेटवर्क को केंद्र सरकार ने सितंबर 2026 में यूएपीए के तहत आतंकवादी संगठन घोषित किया था। गृह मंत्रालय की अधिसूचना में नेटवर्क पर सीमा पार हथियारों, विस्फोटकों और मादक पदार्थों की तस्करी, युवाओं को आतंकवादी गतिविधियों के लिए प्रेरित करने और डिजिटल माध्यमों के इस्तेमाल से संबंधित आरोप दर्ज हैं। सरकार ने नेटवर्क को यूएपीए की प्रथम अनुसूची में शामिल किया है। इसके बाद नेटवर्क से जुड़े मामलों में सुरक्षा एजेंसियों की जांच का कानूनी और प्रशासनिक संदर्भ भी स्पष्ट हुआ है। उत्तर प्रदेश में एटीएस की मौजूदा कार्रवाई इसी नेटवर्क से जुड़े संपर्कों और गतिविधियों की जांच का हिस्सा है।
उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में 55 एटीएस टीमों की कार्रवाई जारी है। जांच में संदिग्ध व्यक्तियों, उनके ऑनलाइन संपर्कों, डिजिटल उपकरणों और सोशल मीडिया गतिविधियों से जुड़े इनपुट की पड़ताल की जा रही है। फिलहाल कार्रवाई के दौरान सामने आए नए साक्ष्यों, गिरफ्तारी या बरामदगी को लेकर विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है। जांच पूरी होने और आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद मामले से जुड़े अन्य तथ्य स्पष्ट हो सकेंगे।
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