लखनऊ में पैसों के लेनदेन से शुरू हुआ एक विवाद अब पुलिस शिकायतों और सोशल मीडिया पर सामने आ रहे आरोपों तक पहुंच गया है। मामले में एक पक्ष की ओर से लूट और चोरी की शिकायत किए जाने की जानकारी सामने आई है, जबकि दूसरे पक्ष के शोएब ने वीडियो जारी कर अपनी बात रखी है। शोएब ने पूरे घटनाक्रम को लेकर पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है।
मामला लखनऊ के ठाकुरगंज थाना क्षेत्र में रिंग रोड चौकी के अंतर्गत आने वाले इलाके का बताया जा रहा है। शोएब के अनुसार, उनका विपक्षी पक्ष के साथ पैसों और कारोबार से जुड़ा विवाद चल रहा है। शोएब का आरोप है कि विपक्षी पक्ष ने उनके खिलाफ लूट और चोरी की शिकायत देकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की है। उनका दावा है कि यह शिकायत आर्थिक लेनदेन से जुड़े विवाद और मुकदमे से बचने के उद्देश्य से की गई है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में विपक्षी पक्ष का स्वतंत्र बयान और पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया शामिल नहीं है। इसलिए शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
शोएब ने बताया कि कुछ दिन पहले उन पर हमला किया गया था। इस संबंध में उन्होंने बालागंज पुलिस चौकी में लिखित शिकायत दी थी। उनके अनुसार, उन्होंने इस शिकायत को मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर भी दर्ज कराया था। शोएब का कहना है कि उन्होंने संबंधित अधिकारियों के सामने घटना और विवाद से जुड़ी जानकारी रखी थी। अब लूट और चोरी की शिकायत सामने आने के बाद उन्होंने पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है।
शोएब का दावा है कि उन्होंने पुलिस को अपने पक्ष से जुड़े कानूनी और कारोबारी दस्तावेज उपलब्ध कराए हैं। उनके अनुसार, इन दस्तावेजों में विपक्षी पक्ष को दी गई रकम और कारोबार से जुड़े अन्य साक्ष्य शामिल हैं। शोएब का कहना है कि इन दस्तावेजों के आधार पर आर्थिक लेनदेन और विवाद की वास्तविक स्थिति की जांच की जा सकती है। मामले में रकम कितनी थी, लेनदेन कब हुआ और संबंधित दस्तावेजों का पुलिस ने क्या परीक्षण किया है, इसकी विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।
शोएब ने आरोप लगाया कि विपक्षी पक्ष की ओर से लूट और चोरी से जुड़ी खबरें सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही हैं। उनका कहना है कि इन पोस्ट और शिकायतों के माध्यम से पुलिस प्रशासन पर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का दबाव बनाया जा रहा है। शोएब ने इन आरोपों को गलत बताते हुए अपना पक्ष सार्वजनिक किया है। उन्होंने पुलिस से सोशल मीडिया पर प्रसारित जानकारी और दोनों पक्षों की शिकायतों की जांच करने का अनुरोध किया है। हालांकि, सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री की संख्या, उसके मूल स्रोत और पुलिस की ओर से उस पर की गई कार्रवाई की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
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शोएब ने अपने बयान में विपक्षी पक्ष पर पहले भी कई लोगों के साथ बड़ी रकम से जुड़े धोखाधड़ी के मामले होने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि संबंधित व्यक्ति अलग-अलग तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसाता है। इन आरोपों के समर्थन में पूर्व शिकायतों, दर्ज मुकदमों या न्यायिक कार्रवाई का विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया है। ऐसे में इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
शोएब ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से मामले में निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने अनुरोध किया है कि दोनों पक्षों की शिकायतों, उपलब्ध दस्तावेजों और घटनाक्रम की जांच की जाए। साथ ही जांच में दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि आर्थिक लेनदेन और हमले से संबंधित शिकायतों को भी जांच के दायरे में शामिल किया जाना चाहिए।
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