Saturday, 03 October 2026 | Lucknow | 29°C

लखनऊ में जलभराव वाले गांवों तक कैसे पहुंच रही मदद? डीएम ने नाव से किया निरीक्षण

लासा, बहादुरपुर, सुल्तानपुर और अकड़िया मऊ में जलभराव के बीच 30 से अधिक नावें संचालित, प्रभावित परिवारों को भोजन, राशन और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश।
Bureau
Bureau News Desk
03 Oct 2026
05:51 PM
1 min read
लखनऊ में जलभराव वाले गांवों तक कैसे पहुंच रही मदद? डीएम ने नाव से किया निरीक्षण
हाइलाइट्स
गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से बीकेटी तहसील के कई गांवों में जलभराव हुआ है।
जिलाधिकारी विशाख जी और संयुक्त पुलिस आयुक्त बब्लू कुमार ने नाव से प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया।

गोमती नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच लखनऊ के ग्रामीण इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। तहसील बीकेटी के कई गांवों में पानी पहुंचने से स्थानीय नागरिकों के आवागमन और दैनिक गतिविधियों पर असर पड़ा है। प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों की स्थिति जानने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए राहत सामग्री, भोजन, स्वास्थ्य सुविधाओं और परिवहन की व्यवस्था की है।

गोमती नदी के जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए जिलाधिकारी विशाख जी और संयुक्त पुलिस आयुक्त बब्लू कुमार ने तहसील बीकेटी के प्रभावित क्षेत्रों का नाव से स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने जलभराव वाले इलाकों में पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने स्थानीय नागरिकों से बातचीत कर उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी भी ली। निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों को राहत कार्यों में तेजी बनाए रखने और प्रभावित लोगों तक जरूरी सुविधाएं पहुंचाने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी के अनुसार, गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण बीकेटी तहसील के लासा, बहादुरपुर, सुल्तानपुर और अकड़िया मऊ सहित आसपास के क्षेत्रों में जलभराव हुआ है। प्रभावित क्षेत्रों में नागरिकों के आवागमन और आवश्यक सामग्री की आपूर्ति के लिए नावों का संचालन किया जा रहा है। प्रशासन ने जरूरत के अनुसार अतिरिक्त नावों की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए हैं।

ये खबर भी पढ़े - शिक्षा से लेकर पुलिस तक, अखिलेश यादव ने योगी सरकार को घेरा

निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी बीकेटी ने जिलाधिकारी को बताया कि प्रभावित इलाकों में 30 से अधिक नावें संचालित की जा रही हैं। इनका उपयोग लोगों के आवागमन और आवश्यक सामग्री पहुंचाने के लिए किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि प्रभावित नागरिकों की जरूरत के अनुसार नावों की संख्या बढ़ाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जलभराव वाले क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए प्रशासनिक अमला लगातार सक्रिय है।

प्रभावित नागरिकों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए चार राहत शिविर एवं सहायता केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों पर राजस्व, स्वास्थ्य और पशुपालन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारियों की 24 घंटे तैनाती की गई है। यहां प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के साथ उनकी समस्याओं पर कार्रवाई की जा रही है। जिलाधिकारी ने राहत शिविरों और आपदा राहत सामग्री के भंडारण केंद्र का भी निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित विभागों को उपलब्ध सामग्री और वितरण व्यवस्था की समीक्षा करते हुए आवश्यक निर्देश दिए।

राहत व्यवस्था की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने आपूर्ति विभाग को निर्देश दिया कि अगले दिन से प्रभावित क्षेत्रों में पात्र और जरूरतमंद परिवारों को राशन का मैनुअल वितरण सुनिश्चित किया जाए। अपर जिलाधिकारी प्रशासन ने बताया कि सभी प्रभावित क्षेत्रों में ड्राई राशन किट का वितरण भी अगले दिन से प्रारंभ किया जाएगा। प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों की जरूरतों के अनुसार राहत सामग्री उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है।

तहसीलदार बीकेटी ने निरीक्षण के दौरान बताया कि राहत शिविरों में रह रहे लोगों को पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा गांवों में रह रहे ऐसे परिवारों को भी बाढ़ राहत किट उपलब्ध कराई जाएगी, जिनकी आजीविका प्रभावित हुई है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित परिवारों तक राहत किट पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि उन्हें आवश्यक सामग्री के लिए परेशानी का सामना न करना पड़े।

जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं की देखभाल के लिए भी व्यवस्था की गई है। प्रशासन के अनुसार, पशुओं के लिए हरे चारे और भूसे की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी और पशुपालन विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में मौजूद रहकर पशुओं के उपचार तथा चारा और भूसे की उपलब्धता पर काम कर रही हैं। प्रशासन ने पशुपालन विभाग को निर्देश दिया है कि प्रभावित पशुओं की चिकित्सा और देखभाल में आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए।

जलभराव की स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रभावित परिवारों को आवश्यक दवाओं की किट और क्लोरीन टैबलेट वितरित की जा रही हैं। इस व्यवस्था का उद्देश्य प्रभावित नागरिकों को स्वास्थ्य संबंधी जरूरी सहायता और सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता में मदद करना है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें राहत शिविरों और प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए तैनात हैं।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी स्तर पर शिथिलता नहीं बरती जाए। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रभावित क्षेत्रों में लगातार भ्रमणशील रहकर स्थिति की निगरानी करने को कहा। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराने और नागरिकों तक आवश्यक सुविधाएं पहुंचाने के भी निर्देश दिए गए। जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के अनुसार, प्रभावित क्षेत्रों की 24 घंटे निगरानी की जा रही है। किसी भी आपात स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के लिए आवश्यक संसाधनों और व्यवस्थाओं को सक्रिय रखा गया है।

निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी प्रशासन, उप जिलाधिकारी बीकेटी, तहसीलदार बीकेटी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, आपूर्ति विभाग के अधिकारी और अन्य संबंधित विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, स्वास्थ्य सेवाओं, पशुओं के चारे और आवागमन की व्यवस्थाओं को संचालित किया जा रहा है।

Explore Related Topics

Lucknow Flood Gomti River BKT News Lucknow News Uttar Pradesh News Flood Relief Vishakh G Bablu Kumar BKT Flood Update Lucknow Administration Gomti Water Level

 

टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें

इस खबर को खबर पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद

ऐसी ही खबरों के लिए निचे स्क्रॉल करें

या होम पेज पर लेटेस्ट न्यूज़ पढ़ने के लिए क्लिक करें →

Related News