उत्तर प्रदेश के कालीन उद्योग से जुड़ा भदोही एक महत्वपूर्ण आयोजन का गवाह बनने जा रहा है। हस्तनिर्मित कालीनों के लिए देश-दुनिया में पहचान रखने वाले इस जिले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कार्यक्रम प्रस्तावित है। इस दौरान कालीन उद्योग, निर्यात और स्थानीय विकास से जुड़े कई विषयों पर फोकस रहेगा। मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर भदोही के कालीन उद्योग और उत्तर प्रदेश के निर्यात में इसके योगदान का उल्लेख किया है। उन्होंने कहा कि राज्य में बीते 10 वर्षों में निर्यात बढ़ा है और इसमें भदोही के कालीन उद्योग की महत्वपूर्ण भूमिका है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एशिया के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय हस्तनिर्मित कालीन व्यापार मेले 'इंडिया कारपेट एक्सपो' के स्वर्ण जयंती संस्करण का शुभारंभ करेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री कालीन उद्योग से जुड़े निर्यातकों, विक्रेताओं और उद्यमियों से संवाद करेंगे। कार्यक्रम में भदोही के कालीन उद्योग, हस्तनिर्मित उत्पादों और वैश्विक बाजार से जुड़े विषयों पर चर्चा होगी। इंडिया कारपेट एक्सपो का यह संस्करण ऐसे समय में आयोजित हो रहा है, जब भदोही का कालीन उद्योग उत्तर प्रदेश की निर्यात अर्थव्यवस्था में अपनी भूमिका के कारण प्रमुखता रखता है।
मुख्यमंत्री ने रविवार को सोशल मीडिया पर उत्तर प्रदेश के विकास और भदोही के कालीन उद्योग के योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने लिखा कि भदोही का हुनर पहले अपनी राह तलाशता था, जबकि अब सरकार उसके लिए विकास, बाजार और अवसर के नए द्वार खोल रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार, भदोही के कारीगरों ने अपने हुनर से यहां के कालीनों को दुनिया तक पहुंचाया है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2017 से पहले बुनियादी सुविधाओं और अवसरों से जुड़ी चुनौतियां थीं और अब सरकार के प्रयासों से इस हुनर को विकास तथा वैश्विक बाजार से जोड़ा जा रहा है।
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मुख्यमंत्री ने प्रदेश के निर्यात से जुड़े आंकड़ों का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, पिछले 10 वर्षों में उत्तर प्रदेश का निर्यात लगभग 2.27 गुना बढ़ा है और यह दो लाख करोड़ रुपये से अधिक पहुंच चुका है। उन्होंने उत्तर प्रदेश को देश का पांचवां सबसे बड़ा निर्यातक राज्य बताया। मुख्यमंत्री के संदेश के अनुसार, इस निर्यात में भदोही के कालीन उद्योग का महत्वपूर्ण योगदान है। कालीन उद्योग के संदर्भ में उन्होंने कहा कि हाथ से बने भदोही के कालीनों की मांग दुनिया में है और यह उद्योग उत्तर प्रदेश के हस्तशिल्प कौशल को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने में भूमिका निभा रहा है।
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान भदोही जिले के तीन विधानसभा क्षेत्रों से जुड़ी विकास परियोजनाएं भी प्रमुख एजेंडे में रहेंगी। मुख्यमंत्री के अनुसार, भदोही, औराई और ज्ञानपुर विधानसभा क्षेत्रों के लिए 1,340 करोड़ रुपये से अधिक की 112 विकास परियोजनाओं की सौगात दी जाएगी। इन परियोजनाओं के अलावा विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को हितलाभ भी प्रदान किए जाएंगे। हालांकि उपलब्ध जानकारी में इन 112 परियोजनाओं की विभागवार सूची, प्रत्येक परियोजना की लागत और उनके पूरा होने की समयसीमा का विवरण नहीं दिया गया है।
इंडिया कारपेट एक्सपो के दौरान मुख्यमंत्री का कालीन उद्योग से जुड़े लोगों से संवाद भी कार्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा रहेगा। इसमें निर्यातक, विक्रेता और उद्यमी शामिल होंगे। कार्यक्रम के माध्यम से कालीन कारोबार से जुड़े लोगों और सरकार के बीच संवाद का अवसर मिलेगा। भदोही लंबे समय से हस्तनिर्मित कालीनों के उत्पादन और कारोबार से जुड़ा प्रमुख केंद्र रहा है। स्थानीय कारीगरों के कौशल और यहां निर्मित कालीनों की अंतरराष्ट्रीय मांग इस उद्योग की पहचान का हिस्सा है।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कारीगरों, उद्यम और युवाओं के रोजगार को भी भदोही के विकास से जोड़ा। उन्होंने कहा कि कारीगर के हाथ को सम्मान, उद्यम को विस्तार, युवाओं को रोजगार और भदोही को समृद्धि नए उत्तर प्रदेश में विरासत और विकास के संगम की पहचान है। यह संदेश भदोही के पारंपरिक कालीन उद्योग को आधुनिक बाजार और विकास के अवसरों से जोड़ने की सरकार की प्राथमिकता को रेखांकित करता है।
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