UP News: गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि लोकतंत्र में बदला नहीं, बल्कि बदलाव होता है। यह बदलाव जनता अपने वोट से तय करती है। उन्होंने कहा कि सपा के नेताओं को समझना चाहिए कि लोकतंत्र में जनता की ताकत सबसे बड़ी होती है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को गोरखपुर में भाजपा की ओर से आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा से पहले जनसभा को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने अखिलेश यादव के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने आने वाली पीढ़ी की ओर से लाठी की हर चोट और जख्म का बदला लेने की बात कही थी। सीएम ने कहा कि सपा अध्यक्ष का यह बयान अजीब है। उन्हें समझना चाहिए कि लोकतंत्र में बदले की नहीं, बदलाव की बात होती है।
सीएम ने कहा कि साल 2014 में देश की जनता ने बदलाव का फैसला किया और 2017 में उत्तर प्रदेश की जनता ने अपना निर्णय सुनाया। यह बदलाव किसी राजनीतिक दल की ताकत से नहीं, बल्कि जनता के मताधिकार से आया है। उन्होंने कांग्रेस और सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले तीन लोकसभा चुनावों में कांग्रेस को जितनी सीटें मिलीं, उससे अधिक भाजपा ने 2024 के लोकसभा चुनाव में अकेले हासिल कीं।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और इंडी गठबंधन की दिल्ली में हुई महारैली का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष के गठबंधन किसी तरह से अराजकता पैदा कर स्वयं लोकतंत्र के लिए खतरा बना हुआ है। उन्होंने आगे कहा विपक्ष की प्रवृत्ति बन गयी है कि अगर वे चुनाव जीत जाते हैं तो उसका श्रेय अपने परिश्रम को देत हैं और उपलब्धि बताते है। लेकिन अगर जनता चुनाव में नकार देती है तो ईवीएम पर दोषारोपण करने लगते हैं।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन भी बुधवार को गोरखपुर पहुंचे। राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद यह उनका पहला गोरखपुर दौरा है। उन्होंने महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज में आयोजित जनसभा में हिस्सा लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। सहयोगी दलों के प्रमुख भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
जनसभा के बाद महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज से पदयात्रा शुरू होगी। यह यात्रा करीब 1200 मीटर की दूरी तय कर गोलघर स्थित काली मंदिर के पास सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा तक पहुंचेगी। यहां माल्यार्पण के साथ यात्रा का समापन होगा। आयोजन में एक लाख कार्यकर्ताओं की भागीदारी का लक्ष्य रखा गया है। रास्ते में 18 स्थानों पर पदयात्रा का स्वागत किया जाएगा।
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