नई दिल्ली। भारत के होटल उद्योग में पिछले कुछ समय से मांग, कमरे के किराये और नई प्रॉपर्टी के विस्तार को लेकर गतिविधियां बढ़ी हैं। देश के कई प्रमुख कारोबारी और पर्यटन बाजारों में होटल कंपनियां नई प्रॉपर्टी जोड़ने के साथ-साथ जमीन और विकास अधिकार हासिल करने पर भी ध्यान दे रही हैं। इसी बीच प्रमुख होटल कंपनियों की विस्तार योजनाओं से सेक्टर में हो रहे बदलाव की तस्वीर सामने आ रही है।
हालिया उद्योग आंकड़ों के मुताबिक होटल कमरों की मांग नई सप्लाई की तुलना में तेज रही है। इसी वजह से प्रमुख होटल कंपनियां मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु और अन्य स्थापित बाजारों के साथ उभरते शहरों में भी अपनी मौजूदगी बढ़ाने की दिशा में काम कर रही हैं।
होटल ऑक्यूपेंसी और कमरे के किराये में बढ़ोतरी
Hotelivate-Savills के जून तिमाही के आंकड़ों के हवाले से रिपोर्ट के मुताबिक FY26 में देशभर में होटल ऑक्यूपेंसी में सालाना आधार पर 6% की बढ़ोतरी हुई, जबकि औसत दैनिक कमरे का किराया यानी एडीआर 7.5% बढ़ा। मुंबई, नई दिल्ली, बेंगलुरु, गोवा और उदयपुर जैसे बाजारों में उपलब्ध कमरे के मुकाबले हासिल होने वाले राजस्व यानी रेवपार के स्तर पर मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया गया। इसी रिपोर्ट में HVS Anarock के अनुमान का भी उल्लेख है, जिसके अनुसार भारत में होटल ऑक्यूपेंसी 2026 में करीब 67% से बढ़कर 2027 में 69% तक पहुंच सकती है। यह अनुमान आने वाले समय में मांग और नई सप्लाई के बीच संतुलन को लेकर उद्योग की स्थिति को समझने में मदद करता है।
ये खबर भी पढ़े - आज शेयर बाजार में क्या हुआ? सेंसेक्स-निफ्टी गिरकर बंद, बड़े शेयरों का हाल जानें
मांग के मुकाबले नई सप्लाई की रफ्तार पर नजर
होटल उद्योग में केवल कमरों की संख्या बढ़ना ही महत्वपूर्ण नहीं है। किसी शहर में नए कमरों की उपलब्धता और यात्रियों की मांग के बीच संतुलन भी होटल कारोबार की स्थिति को प्रभावित करता है। हालिया उद्योग रिपोर्ट में कहा गया है कि अगले दो से तीन वर्षों में प्रीमियम होटल कमरों की नई सप्लाई मांग की तुलना में पीछे रह सकती है। इसी परिस्थिति में होटल संचालक प्रमुख बाजारों में जमीन और विकास अधिकार हासिल करने पर जोर दे रहे हैं।
मुंबई में Lemon Tree Hotels की बड़ी योजना
प्रमुख होटल कंपनियों में Lemon Tree Hotels ने मुंबई के बांद्रा ईस्ट में 989.3 वर्ग मीटर जमीन का अधिग्रहण किया है। कंपनी की सहायक कंपनी Fleur Hotels ने इस जमीन के लिए 120 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। कंपनी यहां 172 कमरों वाला Lemon Tree Premier विकसित करने की योजना पर काम कर रही है। यह सौदा ऐसे समय हुआ है जब होटल कंपनियां अधिक मांग वाले प्रमुख बाजारों में अपनी मौजूदगी बढ़ाने के लिए जमीन और विकास अधिकार सुरक्षित कर रही हैं। Lemon Tree Hotels ने सितंबर 2026 में महाराष्ट्र के नासिक में भी 48 कमरों वाला Keys Prima by Lemon Tree Hotels शुरू किया। कंपनी के अनुसार महाराष्ट्र में यह उसका 15वां परिचालन होटल है और राज्य में 16 अन्य प्रॉपर्टी पाइपलाइन में हैं। इनमें नासिक की दो और प्रॉपर्टी शामिल हैं।
IHCL का पोर्टफोलियो 650 होटलों तक पहुंचा
Indian Hotels Company Limited यानी IHCL, जो Taj सहित कई होटल ब्रांड संचालित करती है, भी अपने पोर्टफोलियो का विस्तार कर रही है। कंपनी ने सितंबर 2026 में बताया कि उसके पोर्टफोलियो में 650 होटल हैं, जिनमें 268 होटल पाइपलाइन में हैं। ये होटल चार महाद्वीपों, 15 देशों और 300 से अधिक स्थानों में फैले हुए हैं। सितंबर में ही IHCL ने ओडिशा के संभलपुर में 125 कमरों वाले Gateway होटल की घोषणा की। होटल में रेस्तरां, बार, जिम, स्विमिंग पूल और 10,000 वर्ग फुट से अधिक का बैंक्वेट क्षेत्र प्रस्तावित है। इससे पहले कंपनी ने त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में 104 कमरों वाले Gateway होटल की घोषणा की थी। कंपनी के मुताबिक इस प्रॉपर्टी के जुड़ने के बाद त्रिपुरा में उसके तीन होटल होंगे, जिनमें दो विकासाधीन हैं।
IHCL और Oriental Hotels के विलय की घोषणा
होटल उद्योग में सितंबर का एक अन्य महत्वपूर्ण घटनाक्रम IHCL और Oriental Hotels Limited से जुड़ा है। 3 सितंबर 2026 को दोनों कंपनियों ने घोषणा की कि Oriental Hotels को IHCL में विलय करने के लिए स्कीम ऑफ अरेंजमेंट को दोनों कंपनियों के बोर्ड ने मंजूरी दी है। यह विलय वैधानिक मंजूरियों और आवश्यक स्वीकृतियों के अधीन है। Oriental Hotels के पोर्टफोलियो में Taj Coromandel, Chennai, Taj Fisherman’s Cove Resort & Spa और Taj Malabar Resort & Spa जैसे होटल शामिल हैं।
ITC Hotels का 22,000 से ज्यादा कमरों का लक्ष्य
होटल उद्योग के दूसरे प्रमुख नाम ITC Hotels ने भी अगले कुछ वर्षों के लिए विस्तार का लक्ष्य रखा है। कंपनी के चेयरमैन संजीव पुरी ने अगस्त 2026 में बताया था कि ITC Hotels अगले पांच वर्षों में अपने परिचालन पोर्टफोलियो को 250 प्रॉपर्टी और 22,000 से अधिक कमरों तक ले जाने का लक्ष्य रखता है। कंपनी के अनुसार उसके पास 78 होटल और 8,000 से अधिक कमरों की पाइपलाइन है। कंपनी ने FY26 में 33 होटल और 3,300 से अधिक कमरों के साइनिंग की जानकारी दी थी। इसके अलावा मैनेज्ड होटल पाइपलाइन में 67 होटल और करीब 6,700 कमरे शामिल थे।
अयोध्या से गोवा तक ITC Hotels का विस्तार
ITC Hotels की विस्तार रणनीति केवल बड़े महानगरों तक सीमित नहीं है। कंपनी ने उत्तर प्रदेश के अयोध्या में 143 कमरों वाले Welcomhotel के लिए प्रबंधन समझौता किया है। अयोध्या की प्रॉपर्टी में कमरे और सुइट्स के अलावा रेस्तरां, 11,000 वर्ग फुट से अधिक का इनडोर बैंक्वेट क्षेत्र, स्विमिंग पूल, फिटनेस सेंटर और स्पा प्रस्तावित हैं। अगस्त 2026 में कंपनी ने गोवा के असगांव में 51 कमरों वाले Storii by ITC Hotels के लिए भी प्रबंधन समझौते की घोषणा की। यह समझौता गोवा में कंपनी की मौजूदगी को बढ़ाने वाली योजनाओं का हिस्सा है।
टियर-2 और टियर-3 शहरों पर भी कंपनियों की नजर
भारतीय होटल उद्योग में विस्तार का एक महत्वपूर्ण पहलू छोटे और उभरते शहरों की ओर बढ़ती रुचि है। ITC Hotels ने अपनी विस्तार योजनाओं में कारोबारी, औद्योगिक, धार्मिक और पर्यटन केंद्रों को शामिल किया है। अयोध्या, शिर्डी, भुवनेश्वर और अन्य शहरों में कंपनी के नए समझौते इसी दिशा में हैं। IHCL ने भी संभलपुर और अगरतला जैसे बाजारों में नए होटल जोड़े हैं। कंपनी के अनुसार इन शहरों में कारोबारी गतिविधियों, सामाजिक कार्यक्रमों और स्थानीय पर्यटन से होटल मांग जुड़ी हुई है।
घरेलू यात्रा बनी होटल मांग का महत्वपूर्ण आधार
होटल उद्योग के प्रदर्शन में घरेलू यात्रा की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही है। ITC Hotels ने FY26 के अपने परिणामों में कहा था कि घरेलू यात्रा और बेहतर बुनियादी ढांचे से भारतीय हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को समर्थन मिला। कंपनी के अनुसार CY2025 में देशभर में ब्रांडेड होटल कमरों की सप्लाई में सालाना 7.8% की वृद्धि हुई, जबकि मांग में 9.1% की वृद्धि दर्ज हुई। इसी अवधि में होटल ऑक्यूपेंसी 64% रही और औसत दैनिक कमरे का किराया 8,600 रुपये तक पहुंचा, जो सालाना आधार पर 8.6% अधिक था।
सितंबर में भी होटल बुकिंग में बढ़ोतरी
सितंबर 2026 में भी भारतीय होटल बाजार में बुकिंग गतिविधि मजबूत रहने की रिपोर्टें सामने आई हैं। Economic Times की होटल उद्योग रिपोर्ट के अनुसार कॉरपोरेट यात्रा और सरकारी गतिविधियों के साथ कई शहरों और टियर-2 स्थानों में होटल ऑक्यूपेंसी और दैनिक कमरे के किराये में बढ़ोतरी देखी गई। Global Fintech Fest और Semicon India जैसे आयोजनों ने भी कुछ बाजारों में होटल मांग को प्रभावित किया।
होटल कंपनियां जमीन और विकास अधिकार क्यों जुटा रही हैं?
होटल उद्योग में एक प्रॉपर्टी विकसित करने में समय लगता है। ऐसे में कंपनियां भविष्य की मांग को देखते हुए पहले से जमीन, लीज और विकास अधिकार सुरक्षित कर रही हैं। हालिया सौदों में ITC Hotels ने दिल्ली के यशोभूमि परिसर में करीब 91 साल की लीज के लिए 326.5 करोड़ रुपये का एकमुश्त प्रीमियम दिया। Juniper Hotels ने द्वारका में 500 कमरों वाले लक्जरी होटल के लिए 2.52 एकड़ के लाइसेंस अधिकार हासिल किए। Samhi Hotels ने नोएडा में 162 कमरों वाले होटल के लिए दीर्घकालिक लीज की है, जबकि Chalet Hotels ने पुणे और हैदराबाद में क्रमशः 231 और 150 कमरों वाले होटलों के लिए लीज समझौते किए हैं।
प्रमुख होटल कंपनियों की मौजूदा दिशा
भारतीय होटल उद्योग में इस समय कई प्रमुख कंपनियां अलग-अलग रणनीतियों के साथ विस्तार कर रही हैं। IHCL अपने व्यापक ब्रांड पोर्टफोलियो और नए शहरों में प्रॉपर्टी जोड़ने पर काम कर रही है। कंपनी का पोर्टफोलियो 650 होटलों तक पहुंच चुका है। ITC Hotels ने 250 प्रॉपर्टी और 22,000 से अधिक कमरों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा है। कंपनी प्रबंधन समझौतों और नई प्रॉपर्टी के जरिये विस्तार कर रही है। Lemon Tree Hotels मुंबई जैसे प्रमुख बाजारों में नई जमीन खरीदने के साथ महाराष्ट्र के अन्य शहरों में भी होटल जोड़ रही है। EIH और Chalet Hotels भी नए बाजारों में होटल परियोजनाओं और विकास अधिकारों से जुड़े कदम उठा रहे हैं। हालिया उद्योग रिपोर्ट में इन कंपनियों की नई परियोजनाओं का उल्लेख किया गया है।
Explore Related Topics
टिप्पणियाँ
टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें