नई दिल्ली: सितंबर के जीएसटी कलेक्शन के आंकड़ों में सालाना आधार पर बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सितंबर में वस्तु एवं सेवा कर यानी जीएसटी से कुल ₹2,03,521 करोड़ का रेवेन्यू जुटाया गया। पिछले साल सितंबर की तुलना में यह कलेक्शन 14.7 प्रतिशत अधिक रहा। राज्यवार आंकड़ों में भी कई राज्यों ने पिछले साल के मुकाबले अधिक जीएसटी रेवेन्यू दर्ज किया है।
चालू वित्त वर्ष 2026-27 की अप्रैल से सितंबर तक की पहली छमाही के आंकड़ों में भी जीएसटी कलेक्शन में वृद्धि दर्ज की गई है। इस अवधि में कुल सकल जीएसटी कलेक्शन ₹12,46,278 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 11.6 प्रतिशत अधिक है।
सितंबर में सकल जीएसटी कलेक्शन ₹2.03 लाख करोड़ से अधिक रहा। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, घरेलू गतिविधियों से प्राप्त जीएसटी रेवेन्यू में 10.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और यह करीब ₹1.38 लाख करोड़ रहा। वहीं, आयात से प्राप्त रेवेन्यू में अपेक्षाकृत अधिक वृद्धि दर्ज की गई। सितंबर में आयात से प्राप्त जीएसटी रेवेन्यू 26 प्रतिशत बढ़कर ₹65,525 करोड़ रहा। इस तरह घरेलू गतिविधियों और आयात, दोनों से प्राप्त रेवेन्यू ने सितंबर के कुल सकल जीएसटी कलेक्शन में योगदान दिया।
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सितंबर में जीएसटी रिफंड की राशि भी जारी आंकड़ों में शामिल है। सितंबर में कुल जीएसटी रिफंड ₹27,001 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 3 प्रतिशत कम है। रिफंड को समायोजित करने के बाद सितंबर का शुद्ध जीएसटी कलेक्शन 18.1 प्रतिशत बढ़कर ₹1.76 लाख करोड़ से अधिक रहा। पिछले साल सितंबर में यह आंकड़ा करीब ₹1.49 लाख करोड़ था। इस तरह सकल कलेक्शन के साथ-साथ रिफंड के बाद नेट रेवेन्यू में भी सालाना आधार पर वृद्धि दर्ज की गई।
चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही यानी अप्रैल से सितंबर के दौरान कुल सकल जीएसटी कलेक्शन ₹12,46,278 करोड़ रहा। यह पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 11.6 प्रतिशत अधिक है। यानी छह महीने की अवधि में जीएसटी रेवेन्यू में दोहरे अंक की वृद्धि दर्ज की गई है। सितंबर के आंकड़े इस छह महीने की कुल तस्वीर का हिस्सा हैं। महीने के स्तर पर 14.7 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर्ज की गई, जबकि अप्रैल-सितंबर की पूरी अवधि में वृद्धि दर 11.6 प्रतिशत रही।
राज्यों के आंकड़ों में महाराष्ट्र सितंबर में सबसे अधिक जीएसटी कलेक्शन दर्ज करने वाले राज्यों में सबसे ऊपर रहा। महाराष्ट्र का सितंबर जीएसटी कलेक्शन ₹29,986 करोड़ रहा। एक साल पहले सितंबर में महाराष्ट्र का कलेक्शन ₹25,973 करोड़ था। इस तरह राज्य के जीएसटी रेवेन्यू में सालाना आधार पर 15 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
महाराष्ट्र के बाद दिए गए आंकड़ों में कर्नाटक का स्थान प्रमुख रहा। कर्नाटक में सितंबर का जीएसटी कलेक्शन ₹13,884 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 16 प्रतिशत अधिक है।
गुजरात में भी सितंबर के जीएसटी कलेक्शन में सालाना आधार पर बढ़ोतरी दर्ज की गई। राज्य का कलेक्शन ₹12,222 करोड़ रहा। पिछले साल की तुलना में गुजरात के जीएसटी रेवेन्यू में 17 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, महाराष्ट्र, कर्नाटक और गुजरात में सितंबर के दौरान उल्लेखनीय जीएसटी रेवेन्यू दर्ज हुआ।
उत्तर प्रदेश में भी सितंबर के जीएसटी कलेक्शन में बढ़ोतरी दर्ज की गई। राज्य का कलेक्शन ₹8,882 करोड़ रहा। पिछले साल सितंबर में उत्तर प्रदेश का जीएसटी कलेक्शन ₹7,516 करोड़ था। इस आधार पर राज्य के रेवेन्यू में 18 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। राज्यवार आंकड़ों में उत्तर प्रदेश का सितंबर कलेक्शन दिए गए प्रमुख आंकड़ों में महाराष्ट्र, कर्नाटक और गुजरात के बाद दर्ज किया गया है।
तेलंगाना में सितंबर का जीएसटी कलेक्शन ₹5,327 करोड़ रहा। पिछले साल की तुलना में राज्य के जीएसटी रेवेन्यू में 18 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। तेलंगाना के आंकड़े भी सितंबर में सालाना आधार पर जीएसटी कलेक्शन में बढ़ोतरी वाले राज्यों की सूची में शामिल हैं।
पंजाब में सितंबर का जीएसटी रेवेन्यू ₹2,549 करोड़ रहा। राज्य में पिछले साल की तुलना में 18 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इससे पता चलता है कि उपलब्ध आंकड़ों में पंजाब ने भी सितंबर के दौरान दोहरे अंक की वृद्धि दर्ज की है।
पूर्वोत्तर राज्यों में असम के जीएसटी कलेक्शन में सितंबर के दौरान 88 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। राज्य का कुल कलेक्शन ₹2,415 करोड़ रहा। यह आंकड़ा पिछले साल की समान अवधि की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाता है। हालांकि, राज्यवार रेवेन्यू की तुलना करते समय कुल कलेक्शन और वृद्धि दर दोनों को अलग-अलग देखना जरूरी है।
मणिपुर में सितंबर के दौरान जीएसटी कलेक्शन ₹92 करोड़ रहा। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, राज्य के कलेक्शन में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 145 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। यहां वृद्धि प्रतिशत अधिक है, जबकि कुल रेवेन्यू राशि अन्य बड़े राज्यों की तुलना में कम है। इसलिए राज्यवार आंकड़ों में वृद्धि दर और वास्तविक कलेक्शन, दोनों अलग-अलग संकेतक हैं।
सितंबर के आंकड़ों के अनुसार अरुणाचल प्रदेश के जीएसटी कलेक्शन में 46 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं नगालैंड में जीएसटी रेवेन्यू में 39 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई। उपलब्ध जानकारी में दोनों राज्यों के लिए सितंबर में सालाना वृद्धि दर दी गई है।
सितंबर के आंकड़ों को दो प्रमुख हिस्सों में देखा जा सकता है। पहला हिस्सा घरेलू गतिविधियों से मिलने वाला रेवेन्यू है और दूसरा आयात से प्राप्त रेवेन्यू । घरेलू गतिविधियों से प्राप्त जीएसटी कलेक्शन करीब ₹1.38 लाख करोड़ रहा और इसमें 10.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई। दूसरी ओर, आयात से प्राप्त रेवेन्यू ₹65,525 करोड़ रहा और इसमें 26 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इस तरह सितंबर के कुल सकल कलेक्शन में घरेलू गतिविधियों से प्राप्त रेवेन्यू की हिस्सेदारी बड़ी रही, जबकि आयात से प्राप्त रेवेन्यू में सालाना वृद्धि दर अधिक रही।
जीएसटी कलेक्शन के साथ रिफंड के आंकड़े भी महत्वपूर्ण हैं। सितंबर में कुल जीएसटी रिफंड ₹27,001 करोड़ रहा। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, यह पिछले साल सितंबर के मुकाबले 3 प्रतिशत कम है। रिफंड को समायोजित करने के बाद शुद्ध जीएसटी कलेक्शन ₹1.76 लाख करोड़ से अधिक रहा। इस आधार पर सकल और शुद्ध जीएसटी कलेक्शन के बीच अंतर रिफंड की राशि से जुड़ा है।
अप्रैल से सितंबर तक की छह महीने की अवधि में कुल सकल जीएसटी कलेक्शन ₹12,46,278 करोड़ रहा। इस अवधि में सालाना आधार पर 11.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई। सितंबर का 14.7 प्रतिशत का सालाना वृद्धि आंकड़ा इसी वित्त वर्ष की पहली छमाही के कुल प्रदर्शन में शामिल है। छह महीने के आंकड़ों से अप्रैल-सितंबर अवधि के दौरान जीएसटी रेवेन्यू में वृद्धि की स्थिति सामने आती है।
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