Ayodhya Deepotsav 2026: रामनगरी अयोध्या में 10वें दीपोत्सव के अवसर पर पूरा शहर रंग-बिरंगी रोशनी, फूलों और आकर्षक सजावट से जगमगा रहा है। दीपोत्सव के मुख्य आयोजन में त्रेतायुग की परंपराओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया। भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और हनुमान के स्वरूप पुष्पक विमान के प्रतीक हेलीकॉप्टर से रामकथा पार्क के निकट बने अस्थायी हेलीपैड पर पहुंचे।
जहां गुरु वशिष्ठ की भूमिका निभा रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ भगवान श्रीराम का भव्य स्वागत किया। हेलीपैड से उतरने के बाद भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के साथ विशेष रथ पर सवार हुए और रामकथा पार्क पहुंचे। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्रियों के साथ स्वयं रथ खींचकर प्रभु श्रीराम का स्वागत किया।
प्रभु श्रीराम के इस भव्य स्वागत का दृश्य देखकर वहां उपस्थित सभी श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। रामकथा पार्क में बनाए गए भव्य राजदरबार में भगवान श्रीराम का राज्याभिषेक किया गया। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगवान की आरती उतारी और विधिवत पूजन किया। इस पूरे आयोजन ने वहां पर मौजूद श्रद्धालुओं को त्रेतायुग में रामराज्य की स्थापना की याद दिला दी।
वहीं दसवें दीपोत्सव के आयोजन में शामिल होने के लिए उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल भी अयोध्या पहुंचे। उपराष्ट्रपति राम मंदिर परिसर में अयोध्या के 10वें दीपोत्सव का शुभारंभ करेंगे। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव गोविंद देव गिरि और कोषाध्यक्ष महेश भागचंदका भी तैयारियों के बीच रामनगरी अयोध्या पहुंचे।
इस बार दीपोत्सव को ऐतिहासिक बनाने के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं। राम की पैड़ी पर करीब 30 लाख दीप प्रज्ज्वलित करने की तैयारी पूरी कर ली गयी है। इसके साथ ही धर्मपथ पर 50 डिजिटल स्तंभ लगाए गए हैं, जिनके जरिए रामायण के विभिन्न प्रसंगों का प्रदर्शन किया जाएगा। नेशनल हाईवे से प्रवेश द्वार तक दोनों ओर 12-12 फीट ऊंचे डिजिटल स्तंभ आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। आधुनिक लाइटिंग और डिजिटल तकनीक के जरिए अयोध्या को नया स्वरूप दिया गया है।
दीपोत्सव के भव्य आयोजन से पहले रामपथ पर भव्य शोभायात्रा निकाली गई। लोक कलाकारों के नृत्य, ढोल-नगाड़ों की गूंज और जय श्रीराम के उद्घोष से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। झांकियों में रामायण के विभिन्न प्रसंगों का सजीव मंचन किया गया। विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों ने पारंपरिक लोकनृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। महिला कलाकारों ने कंधों पर ढोल रखकर शानदार प्रदर्शन किया। प्रभु श्रीराम के दिव्य स्वरूपों के दर्शन कर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
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