लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय के कैलाश छात्रावास में भोजन की गुणवत्ता को लेकर बुधवार को छात्राओं का विरोध सामने आया। मामला उस समय सामने आया जब छात्रावास में भोजन करने के बाद कई छात्राओं की तबीयत बिगड़ने की बात कही गई। इसके बाद छात्राओं का एक समूह विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन की ओर पहुंचा और अपनी समस्याओं को लेकर विरोध दर्ज कराया।
छात्राओं ने मेस व्यवस्था और भोजन की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए। विरोध कर रही छात्राएं कुलपति कार्यालय पहुंचीं और वहां नारेबाजी की। मामला देर रात तक जारी धरने तक पहुंच गया।
छात्राओं के अनुसार, मंगलवार को कैलाश छात्रावास में भोजन परोसा गया था। भोजन करने के बाद कई छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई। छात्राओं के मुताबिक, कुछ छात्राओं को उपचार के लिए अस्पताल भी ले जाना पड़ा। घटना के बाद छात्रावास में भोजन की गुणवत्ता को लेकर नाराजगी बढ़ी। छात्राओं ने मेस में परोसे जा रहे भोजन की जांच और व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई। छात्राओं ने भोजन में चूहों का मल, कीड़े और अन्य अपशिष्ट मिलने का भी आरोप लगाया। इन आरोपों के बाद छात्राओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने मेस व्यवस्था को लेकर अपनी शिकायतें रखीं।
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घटना के बाद आक्रोशित छात्राएं विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन स्थित कुलपति कार्यालय पहुंचीं। यहां छात्राओं ने नारेबाजी करते हुए अपनी समस्याएं प्रशासन के सामने रखने की कोशिश की। प्रदर्शन कर रही छात्राओं की प्रमुख मांग मेस के भोजन की गुणवत्ता में सुधार और व्यवस्था की नियमित निगरानी से जुड़ी रही। छात्राओं ने जिम्मेदार अधिकारियों से मौके पर पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनने की मांग भी की। विरोध कर रही छात्राएं देर रात तक धरने पर बैठी रहीं। इस दौरान छात्रावास की भोजन व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठाए गए।
प्रदर्शन कर रही छात्राओं का कहना है कि छात्रावासों में भोजन की गुणवत्ता को लेकर पहले भी शिकायतें की जाती रही हैं। उनका आरोप है कि निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाओं को ठीक दिखाया जाता है, लेकिन बाद में स्थिति दोबारा पहले जैसी हो जाती है। छात्राओं ने केवल निरीक्षण तक सीमित रहने के बजाय मेस व्यवस्था की नियमित निगरानी की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने जिम्मेदारी तय करने और भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने की बात कही।
भोजन की गुणवत्ता और मेस व्यवस्था का मुद्दा केवल कैलाश छात्रावास तक सीमित नहीं रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, विश्वविद्यालय के मुख्य परिसर से लेकर नवीन परिसर तक छात्र-छात्राएं भोजन की गुणवत्ता और मेस व्यवस्था को लेकर विरोध कर चुके हैं। कैलाश छात्रावास की घटना के बाद एक बार फिर मेस में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता का मुद्दा सामने आया है। छात्राओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन से इस संबंध में प्रभावी व्यवस्था बनाने की मांग की है।
प्रदर्शन के दौरान छात्राओं ने जिम्मेदार अधिकारियों के मौके पर पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनने की मांग की। इसके साथ ही मेस व्यवस्था में सुधार, भोजन की गुणवत्ता की निगरानी और शिकायतों पर कार्रवाई की मांग रखी गई। छात्राओं का कहना है कि छात्रावास में रहने वाली छात्राओं के लिए भोजन की गुणवत्ता से जुड़ी शिकायतों का स्थायी समाधान जरूरी है। उन्होंने व्यवस्था की नियमित निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।
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