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केजीएमयू के गांधी वार्ड के बेसमेंट में लगी आग, धुएं के बीच मरीजों को सुरक्षित निकाला गया

गांधी वार्ड के बेसमेंट स्थित इलेक्ट्रिकल स्विचबोर्ड में आग लगने से सर्जरी और पीडियाट्रिक सर्जरी वार्ड में फैला धुआं, दमकल और एसडीआरएफ की त्वरित कार्रवाई से सभी मरीज सुरक्षित।
Bureau
Bureau News Desk
07 Aug 2026
09:46 AM
1 min read
केजीएमयू के गांधी वार्ड के बेसमेंट में लगी आग, धुएं के बीच मरीजों को सुरक्षित निकाला गया
हाइलाइट्स
केजीएमयू के गांधी वार्ड के बेसमेंट में इलेक्ट्रिकल स्विचबोर्ड में आग लगी।
धुआं सर्जरी और पीडियाट्रिक सर्जरी वार्ड तक पहुंच गया।
दमकल विभाग की दो गाड़ियां और एसडीआरएफ ने मिलकर आग पर काबू पाया।
सभी मरीजों को सुरक्षित स्थान पर ले जाकर बाद में वापस वार्डों में भेजा गया।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में शुक्रवार सुबह आग लगने की घटना सामने आई। गांधी वार्ड के बेसमेंट में स्थापित इलेक्ट्रिकल स्विचबोर्ड में आग लगने के बाद निकला घना धुआं सर्जरी और पीडियाट्रिक सर्जरी वार्ड तक पहुंच गया। धुआं फैलते ही अस्पताल प्रशासन ने तत्काल आपातकालीन प्रोटोकॉल लागू किया और प्रभावित वार्डों से मरीजों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।

सूचना मिलते ही दमकल विभाग की दो गाड़ियां और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीम मौके पर पहुंच गई। संयुक्त बचाव अभियान के दौरान आग पर काबू पा लिया गया और स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार घटना में किसी प्रकार की जनहानि या घायल होने की सूचना नहीं है।

केजीएमयू के प्रवक्ता प्रोफेसर के.के. सिंह ने बताया कि आग सर्जरी ब्लॉक के बेसमेंट में स्थित इलेक्ट्रिकल स्विचबोर्ड में लगी थी। आग से उठे धुएं का असर सर्जरी और पीडियाट्रिक सर्जरी वार्ड तक पहुंचा। जैसे ही धुआं फैलने की जानकारी मिली, डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारियों ने तत्काल मरीजों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का कार्य शुरू कर दिया।

अस्पताल प्रशासन ने बिना देरी किए आपातकालीन व्यवस्था लागू की। प्रभावित वार्डों में भर्ती मरीजों, बच्चों और उनके तीमारदारों को व्यवस्थित तरीके से सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया।

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इस दौरान चिकित्सा सेवाओं को बाधित होने से बचाने के लिए चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ ने समन्वित रूप से कार्य किया। अस्पताल प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी पूरे बचाव अभियान की निगरानी करते रहे।

घटना की सूचना मिलने के बाद दमकल विभाग की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। उनके साथ एसडीआरएफ की टीम ने भी राहत एवं बचाव अभियान में भाग लिया। दमकल कर्मियों ने कम समय में आग पर पूरी तरह नियंत्रण प्राप्त कर लिया। इसके बाद पूरे क्षेत्र की सुरक्षा जांच की गई ताकि किसी भी प्रकार का जोखिम शेष न रहे।

प्रोफेसर के.के. सिंह ने बताया कि आग पूरी तरह बुझने और सुरक्षा मानकों की जांच पूरी होने के बाद प्रभावित मरीजों को दोबारा उनके संबंधित वार्डों में स्थानांतरित कर दिया गया। उन्होंने बताया कि अस्पताल की चिकित्सा सेवाएं सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं और किसी भी मरीज के उपचार पर स्थायी प्रभाव नहीं पड़ा।

अस्पताल प्रशासन के अनुसार घटना में किसी मरीज, तीमारदार, डॉक्टर, नर्स या अन्य कर्मचारी के घायल होने अथवा जनहानि की कोई सूचना नहीं है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सभी मरीज सुरक्षित हैं और अस्पताल में नियमित चिकित्सा सेवाएं जारी हैं।

प्रारंभिक जांच में आग लगने का संभावित कारण इलेक्ट्रिकल स्विचबोर्ड में तकनीकी खराबी अथवा शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। हालांकि वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच कराई जा रही है। अस्पताल प्रशासन ने घटना के बाद विद्युत सुरक्षा व्यवस्था और अग्नि सुरक्षा प्रणाली की समीक्षा भी शुरू कर दी है।

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