Anupama Saroj VRS: उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक सेवा छोड़ राजनीति में आने वाले अफसरों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। आईएएस रहीं दिव्या मित्तल के इस्तीफा देने के लगभग दो माह बाद अब यूपी की एक और महिला अधिकारी ने प्रशासनिक सेवा को अलविदा कह दिया है। शासन ने राज्य कर विभाग की डिप्टी कमिश्नर अनुपमा सरोज का स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का आवेदन स्वीकार कर लिया है।
राज्य कर अनुभाग-1 की तरफ से जारी कार्यालय आदेश के अनुसार अनुपमा सरोज को 31 अक्टूबर 2026 को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) दे दी गयी है। महिला अफसर अनुपमा सरोज ने 11 जून 2026 को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए आवेदन किया था। माना जा रहा है कि प्रशासनिक सेवा से वीआरएस लेने के बाद वह राजनीति में अपनी पारी की शुरूआत कर सकती हैं। चर्चा यह भी है कि जल्द ही अनुपमा सरोज समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण करेगीं और सीतापुर की सिधौली विधानसभा सीट से विधानसभा चुनाव के मैदान में उतरेगीं। हालांकि अनुपमा सरोज की ओर से राजनीति में कदम रखने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गयी है।
अनुपमा सरोज ने खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो शेयर करते हुए अपने इस निर्णय के बावत जानकारी दी। वीडियो में अनुपमा ने कहा कि अब वह नए संकल्प के साथ जीवन के नये सफर की शुरूआत करेगीं। उल्लेखनीय है कि अनुपमा सरोज का सियासी परिवार से भी पुराना जुड़ाव है। उनकी मां सुशीला सरोज साल 2004 में मोहनलालगंज लोकसभा सीट से सांसद रह चुकी हैं। वहीं उनके पति अनुराग भदौरिया समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता हैं और लखनऊ पूर्व सीट से विधानसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं।
विदित हो कि इससे पहले यूपी कैडर की 2013 बैच की आईएएस अफसर दिव्या मित्तल ने भी वीआरएस लेकर अपनी सियासी पारी की शुरूआत की है। दिव्या मित्तल ने अपनी नई राजनीतिक पार्टी जननीति भारत का गठन कर यूपी में आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने का भी ऐलान किया है। संभावना जतायी जा रही है कि पूर्व आईएएस अफसर दिव्या मित्तल मिर्जापुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव मैदान में उतर सकती हैं। मिर्जापुर की जिलाधिकारी रहते उन्होंने कई अहम कार्य किए थे। इनमें लहुरियादह गांव में पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराना प्रमुख रहा।
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