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अम्बेडकरनगर में अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध दिवस पर नशा मुक्ति एवं जनजागरूकता संगोष्ठी आयोजित

अम्बेडकरनगर के अकबरपुर में अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध दिवस पर आयोजित संगोष्ठी में विशेषज्ञों ने नशा मुक्ति के लिए नियमित उपचार, काउंसलिंग और परिवार के सहयोग को सबसे महत्वपूर्ण बताया।
Bureau
Bureau News Desk
26 Jun 2026
04:45 PM
1 min read
अम्बेडकरनगर में अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध दिवस पर नशा मुक्ति एवं जनजागरूकता संगोष्ठी आयोजित
इमेज सोर्स - लखनऊ संवाददाता आर के पाल
हाइलाइट्स
अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध दिवस पर अम्बेडकरनगर में जागरूकता संगोष्ठी आयोजित।
विशेषज्ञों ने नशा मुक्ति में परिवार और नियमित उपचार की अहम भूमिका बताई।
मरीजों पर दबाव या हिंसा के बजाय प्रेम और सहयोग पर दिया गया जोर।
क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट ने रोल प्ले के माध्यम से सकारात्मक संवाद का महत्व समझाया।

अम्बेडकरनगर। अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध दिवस के अवसर पर शुक्रवार को अकबरपुर स्थित आशीर्वाद मेडिकल सेंटर में आशीर्वाद फाउंडेशन के तत्वावधान में नशा मुक्ति एवं जनजागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में चिकित्सकों, काउंसलरों, नशामुक्त हो चुके लोगों और उनके परिजनों ने भाग लेकर नशे की रोकथाम, उपचार और समाज की भूमिका पर विचार साझा किए।

मुख्य वक्ता डॉ. जे. के. वर्मा ने कहा कि नशा एक गंभीर और लंबे समय तक चलने वाली बीमारी है, जिसके उपचार में धैर्य, नियमित चिकित्सा और परिवार का निरंतर सहयोग महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने बताया कि उपचार के बाद दोबारा नशे की लत लगने की संभावना बनी रह सकती है, इसलिए मरीजों और उनके परिजनों को निराश होने के बजाय लगातार इलाज और काउंसलिंग से जुड़े रहना चाहिए।

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उन्होंने बताया कि शुरुआती चरण में दवाओं और आवश्यकता होने पर अस्पताल में भर्ती कर उपचार किया जाता है। इसके बाद मोटिवेशनल एनहांसमेंट थेरेपी जैसी काउंसलिंग मरीजों को सकारात्मक सोच और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करती है। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या से जूझ रहे व्यक्ति पर दबाव बनाना, डांटना, मारपीट करना या पुलिस की मदद लेना समाधान नहीं है। ऐसे लोगों को सबसे अधिक प्रेम, सहयोग और अपनापन देने की आवश्यकता होती है।

कार्यक्रम में काउंसलर एवं क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट सुश्री पंजतन ने रोल प्ले के माध्यम से समझाया कि जो व्यक्ति उपचार के लिए तैयार नहीं होते, उन्हें सकारात्मक संवाद, विश्वास और प्रेरणा के जरिए नशामुक्ति की दिशा में आगे बढ़ाया जा सकता है।

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संगोष्ठी के दौरान आशीर्वाद फाउंडेशन से जुड़े नशामुक्त हो चुके लोगों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि दृढ़ इच्छाशक्ति, परिवार का साथ और सही उपचार के माध्यम से नशे की लत पर विजय पाना संभव है। उन्होंने समाज के अधिक से अधिक लोगों से नशामुक्ति अभियान से जुड़कर इस सामाजिक पहल को मजबूत बनाने की अपील की।

कार्यक्रम में अभिषेक पांडेय, शरद वर्मा, शशिकांत, आज़ाद, मित्रसेन सहित बड़ी संख्या में नशे से प्रभावित व्यक्ति, उनके परिजन तथा आशीर्वाद फाउंडेशन के सदस्य उपस्थित रहे।

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