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लखनऊ में कारोबारी के 9 वर्षीय पोते के यौन शोषण का आरोप

कैसरबाग में दर्ज मामले में पुलिस के मुताबिक आरोपी परिवार के भरोसे का फायदा उठाकर बच्चे के संपर्क में रहा; बच्चे के व्यवहार में बदलाव के बाद परिजनों को घटना की जानकारी हुई।
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Bureau News Desk
10 Aug 2026
05:50 PM
1 min read
लखनऊ में कारोबारी के 9 वर्षीय पोते के यौन शोषण का आरोप
हाइलाइट्स
लखनऊ के कैसरबाग इलाके में 9 वर्षीय बच्चे के यौन शोषण का आरोप सामने आया है।
आरोप कारोबारी के चालक सुहान पर लगाया गया है।
पुलिस के अनुसार जनवरी से मई के बीच कई बार गलत हरकत किए जाने का आरोप है।
बच्चे के व्यवहार में बदलाव के बाद परिजनों को घटना की जानकारी हुई।

लखनऊ के कैसरबाग इलाके में एक कारोबारी के नौ वर्षीय पोते के साथ करीब पांच महीने तक यौन शोषण करने का आरोप सामने आया है। आरोप कारोबारी के चालक सुहान पर लगा है। पुलिस के अनुसार आरोपी लंबे समय से कारोबारी के घर चालक के तौर पर काम करता था और परिवार के लोग उस पर भरोसा करते थे।

पुलिस के मुताबिक जनवरी से मई के बीच आरोपी ने बच्चे के साथ कई बार गलत हरकत की। मामले का खुलासा बच्चे के व्यवहार में आए बदलाव के बाद हुआ। परिजनों को संदेह होने पर उन्होंने बच्चे से बातचीत की, जिसके बाद उसने आरोपी की हरकतों के बारे में जानकारी दी।

शिकायत मिलने के बाद कैसरबाग पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट समेत अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया और उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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पुलिस के अनुसार आरोपी सुहान काफी समय से कारोबारी के यहां चालक के तौर पर काम कर रहा था। लंबे समय तक परिवार के साथ रहने और घर में आने-जाने के कारण परिजनों का उस पर भरोसा था।

आरोप है कि इसी परिचय और भरोसे का फायदा उठाकर आरोपी बच्चे के करीब आया। कारोबारी का परिवार बाद में कैसरबाग से गोमतीनगर स्थित आवास में शिफ्ट हो गया, लेकिन आरोपी का परिवार से संपर्क बना रहा। पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी अपार्टमेंट की पार्किंग में बच्चे के साथ खेलता था। आरोप है कि इसी दौरान उसने बच्चे के साथ आपत्तिजनक हरकत की।

परिजनों के अनुसार घटना के बाद बच्चे के व्यवहार में बदलाव दिखाई देने लगा। वह पहले की तुलना में गुमसुम रहने लगा और परिवार के सदस्यों से दूरी बनाने लगा। बच्चे के इस बदले व्यवहार को देखकर परिजनों को शक हुआ। उन्होंने उससे बातचीत करने की कोशिश की। शुरुआत में बच्चे ने घटना के बारे में बताने में झिझक दिखाई।

बाद में परिजनों ने उसे भरोसे में लेकर बातचीत की तो उसने चालक की हरकतों के बारे में जानकारी दी। बच्चे ने आरोप लगाया कि चालक उसे घटना के बारे में किसी को नहीं बताने के लिए डराता-धमकाता था।

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पुलिस के मुताबिक बच्चे ने परिजनों को बताया कि आरोपी ने उसे चुप रहने के लिए धमकाया था। आरोप है कि आरोपी ने किसी को जानकारी देने पर जान से मारने की धमकी भी दी।

पुलिस अब बच्चे के बयान और शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। नाबालिग से जुड़े मामले में उसकी पहचान और व्यक्तिगत विवरण को सार्वजनिक नहीं किया गया है।

परिजनों की शिकायत के आधार पर दर्ज एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि आरोपी ने जनवरी से मई के बीच बच्चे के साथ कई बार गलत हरकत की। घटना के सामने आने के बाद परिवार ने पुलिस से संपर्क किया। पुलिस के अनुसार शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि कारोबारी के कैसरबाग से गोमतीनगर शिफ्ट होने के बाद आरोपी चालक को नौकरी से हटा दिया गया था। इसके बाद बच्चे ने परिजनों को घटना के बारे में बताने की हिम्मत जुटाई। परिवार से बातचीत के दौरान बच्चे ने उन जगहों के बारे में भी जानकारी दी, जहां आरोपी उसके साथ रहता या खेलता था। इसके बाद परिजनों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को सूचना दी।

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एसीपी कैसरबाग नवरत्न गौतम के मुताबिक कारोबारी ने छह अगस्त को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज करने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अधिकारी के अनुसार मामले की जांच जारी है। पुलिस बच्चे के बयान, घटनास्थल और उपलब्ध अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।

नाबालिग से संबंधित यौन अपराध के मामलों में पॉक्सो एक्ट के प्रावधान लागू होते हैं। इसी के तहत पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस की कार्रवाई में आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। जांच के दौरान घटना से जुड़े अन्य तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों को भी देखा जा रहा है।

आरोपी की गिरफ्तारी अपने आप में दोष सिद्ध होने का प्रमाण नहीं है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार होगी। बच्चों के व्यवहार में अचानक बदलाव, चुप रहने या किसी व्यक्ति से दूरी बनाने जैसी बातों को अभिभावकों द्वारा गंभीरता से लिया जाना महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे मामलों में बच्चे से शांतिपूर्वक बातचीत कर उसे सुरक्षित माहौल देना जरूरी होता है, ताकि वह अपनी बात खुलकर बता सके।

यदि बच्चा किसी व्यक्ति की गलत हरकत या धमकी की जानकारी देता है तो परिवार को मामले को दबाने के बजाय संबंधित अधिकारियों को सूचना देनी चाहिए। नाबालिग से जुड़े मामलों में उसकी सुरक्षा, पहचान की गोपनीयता और मानसिक स्थिति का ध्यान रखना भी महत्वपूर्ण है।

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