UP News: प्रदेश में विधान परिषद चुनाव के दौरान मतदाता पर्चियों में नामों की गड़बड़ी और उसके बाद किए गए विवादित ट्वीट को लेकर यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा माफी मांगी है। निर्वाचन अधिकारी के आधिकारिक एक्स हैंडल से जारी बयान में कहा गया कि पोस्ट में इस्तेमाल की गई भाषा और उसका तीखा लहजा एक आधिकारिक मंच के अनुरूप नहीं था। बयान में लोगों की नाराजगी को स्वीकार करते हुए भविष्य में शालीन और औपचारिक संवाद का आश्वासन दिया गया।
विधान परिषद की 11 सीटों के चुनाव के दौरान कई मतदाता पर्चियों में नामों की गलतियां सामने आईं। एक वायरल पर्ची में पिता के नाम की जगह ‘राम ने शर्मा को मारा’ लिखा होने का दावा किया गया। ‘रामहित यादव’ का नाम ‘राम ने यादव को मारा’ छप गया। इसी तरह बाराबंकी के अतरौरा निवासी अजय कुमार ओझा की पर्ची में उनके पिता शिवनारायण ओझा के नाम की जगह ‘टक्कर मारना’ लिखा होने की बात भी सामने आई।

मतदाता पर्चियों में गलतियों को लेकर यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के आधिकारिक हैंडल से एक पोस्ट किया गया, जिसमें सॉफ्टवेयर और जातिवाद को लेकर टिप्पणी की गई थी। इस पोस्ट की भाषा पर सवाल उठे और राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी आलोचना की। आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह और कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने टिप्पणी पर आपत्ति जताई।
उन्होंने निर्वाचन अधिकारी के संवैधानिक पद की गरिमा और निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाए। बढ़ते विवाद के बाद यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के आधिकारिक हैंडल ने स्वीकार किया कि पोस्ट की भाषा अपेक्षित आधिकारिक संवाद के अनुरूप नहीं थी। बयान में कहा गया कि इससे आहत लोगों की नाराजगी को गंभीरता से लिया गया है और उनसे ईमानदारी से माफी मांगी जाती है।
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