नई दिल्ली, 26 सितंबर 2026: घर या ऑफिस चुनते समय अब केवल लोकेशन, सुविधाओं और कीमत जैसी जानकारी ही महत्वपूर्ण नहीं रह गई है। मोबाइल नेटवर्क, इंटरनेट, फाइबर और भवन के अंदर डिजिटल कनेक्टिविटी भी किसी प्रॉपर्टी के उपयोग को प्रभावित करती है। इसी को ध्यान में रखते हुए भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने प्रॉपर्टीज की डिजिटल कनेक्टिविटी के आकलन के लिए डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग (DCR) का ढांचा तैयार किया है।
ट्राई के अनुसार, रेटिंग ऑफ़ प्रॉपर्टीज फॉर डिजिटल कनेक्टिविटी रेगुलेशंस, 2024 के तहत प्रॉपर्टीज की डिजिटल कनेक्टिविटी का एक मानकीकृत आकलन किया जाता है। इसका उद्देश्य अलग-अलग प्रॉपर्टीज में डिजिटल कनेक्टिविटी के स्तर को निर्धारित मानकों के आधार पर मापना और संभावित खरीदारों, किरायेदारों तथा अन्य हितधारकों को तुलनात्मक जानकारी उपलब्ध कराना है।
ट्राई के डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग प्लेटफॉर्म पर रेटिंग प्रक्रिया से संबंधित आवेदन, दस्तावेज, एजेंसी चयन, परीक्षण, रिपोर्ट और प्रमाणन जैसी प्रक्रियाओं को डिजिटल तरीके से संचालित किया जाता है।
डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग किसी प्रॉपर्टी के अंदर उपलब्ध डिजिटल कनेक्टिविटी और उससे जुड़े बुनियादी ढांचे का मानकीकृत आकलन है। ट्राई के अनुसार, इसके तहत प्रॉपर्टी में उपलब्ध कनेक्टिविटी विकल्प, इनडोर कवरेज, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और भविष्य की तकनीकी जरूरतों के लिए तैयारियों जैसे पहलुओं का मूल्यांकन किया जाता है।
रेटिंग व्यवस्था का उद्देश्य केवल मोबाइल नेटवर्क की उपलब्धता देखना नहीं है। इसमें फाइबर की उपलब्धता, वाई-फाई इंफ्रास्ट्रक्चर, इन-बिल्डिंग सॉल्यूशन और अन्य डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े पहलू भी शामिल किए गए हैं।
ट्राई ने अलग-अलग तरह की प्रॉपर्टीज के लिए संबंधित मानकों और मूल्यांकन प्रक्रिया को निर्धारित किया है, ताकि विभिन्न श्रेणियों की इमारतों की डिजिटल कनेक्टिविटी का आकलन उनके उपयोग और संरचना के अनुसार किया जा सके।
ट्राई के आधिकारिक विवरण के मुताबिक रेटिंग प्रक्रिया में डिजिटल कनेक्टिविटी के कई पहलुओं का मूल्यांकन किया जाता है। इनमें प्रमुख रूप से मोबाइल नेटवर्क की उपलब्धता और कवरेज, वाई-फाई की उपलब्धता, फाइबर ब्रॉडबैंड से जुड़ी तैयारी, इन-बिल्डिंग सॉल्यूशन, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, नेटवर्क और पावर बैकअप, भविष्य की तकनीकों के लिए तैयारी, भवन के अंदर विभिन्न हिस्सों में नेटवर्क कवरेज ये शामिल हैं।
ट्राई के अनुसार इनडोर कवरेज की जांच में भवन के अलग-अलग हिस्सों, जैसे बेसमेंट, लिफ्ट और विभिन्न मंजिलों को भी ध्यान में रखा जा सकता है। इसके अलावा डिस्ट्रीब्यूटेड एंटीना सिस्टम, छोटे सेल और ऑप्टिकल फाइबर बैकबोन जैसी व्यवस्थाएं भी मूल्यांकन का हिस्सा हैं।
किसी प्रॉपर्टी की डिजिटल कनेक्टिविटी का पता कई बार वहां रहने या काम शुरू करने के बाद चलता है। खासकर ऐसे समय में जब घर से काम, ऑनलाइन शिक्षा, डिजिटल भुगतान, वीडियो कॉल, मनोरंजन और इंटरनेट आधारित सेवाओं का इस्तेमाल आम है, भवन के अंदर नेटवर्क और इंटरनेट की उपलब्धता उपयोगकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है।
ट्राई का रेटिंग ढांचा संभावित खरीदारों और किरायेदारों को प्रॉपर्टीज की डिजिटल कनेक्टिविटी की तुलना करने के लिए एक मानकीकृत जानकारी उपलब्ध कराने का उद्देश्य रखता है। ट्राई के अनुसार, इससे उपभोक्ता प्रॉपर्टी चुनते समय डिजिटल कनेक्टिविटी से संबंधित जानकारी को भी ध्यान में रख सकते हैं।
इसका इस्तेमाल केवल आवासीय संपत्तियों तक सीमित नहीं है। ट्राई के अनुसार रेटिंग फ्रेमवर्क में आवासीय परिसर, ऑफिस और व्यावसायिक संपत्तियों के अलावा मॉल, शैक्षणिक संस्थान, स्वास्थ्य सुविधाएं, एयरपोर्ट, मेट्रो, स्टेडियम और खुले स्थान जैसी विभिन्न श्रेणियां भी शामिल हो सकती हैं।
डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग प्रक्रिया में प्रॉपर्टी मैनेजर की भूमिका महत्वपूर्ण है। ट्राई के अनुसार प्रॉपर्टी मैनेजर को रेटिंग प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण और आवेदन प्रक्रिया पूरी करनी होती है।
आवेदन के दौरान प्रॉपर्टी से जुड़ी जानकारी और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने होते हैं। इसके बाद रेटिंग के लिए पंजीकृत डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग एजेंसी (डीसीआरए) का चयन किया जाता है।
ट्राई की आवेदन व्यवस्था में प्रॉपर्टी का क्षेत्रफल, भवन से जुड़ी जानकारी, मंजिलों और अन्य संबंधित हिस्सों की जानकारी तथा जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने का प्रावधान है। इनमें प्रॉपर्टी की तस्वीरें, स्वामित्व से संबंधित दस्तावेज और भवन का लेआउट प्लान जैसी जानकारी शामिल हो सकती है।
आधिकारिक प्रक्रिया के मुताबिक प्रॉपर्टी मैनेजर आवेदन की स्थिति भी डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से देख सकता है।
डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग एजेंसी यानी डीसीआरए रेटिंग प्रक्रिया में मूल्यांकन एजेंसी के तौर पर काम करती है। प्रॉपर्टी मैनेजर रेटिंग के लिए पंजीकृत एजेंसी का चयन करता है।
डीसीआरए द्वारा प्रॉपर्टी की डिजिटल कनेक्टिविटी का निर्धारित मानकों के आधार पर मूल्यांकन किया जाता है। इसके लिए दस्तावेजों और प्रॉपर्टी से संबंधित जानकारी के साथ फील्ड स्तर पर कनेक्टिविटी टेस्ट भी किया जाता है।
ट्राई ने डीसीआरए के पंजीकरण और उनकी भूमिका के लिए अलग व्यवस्था बनाई है। प्रॉपर्टी रेटिंग फ्रेमवर्क के तहत डीसीआरए को निर्धारित प्रक्रिया और संबंधित मैनुअल के अनुसार मूल्यांकन करना होता है।
रेटिंग प्रक्रिया में फील्ड टेस्टिंग भी शामिल है। इसके लिए अधिकृत डीसीआरए को मोबाइल ऐप के माध्यम से भवन के अंदर डिजिटल कनेक्टिविटी से जुड़े परीक्षण करने की व्यवस्था दी गई है।
फील्ड से प्राप्त परीक्षण डेटा को प्रॉपर्टी की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी के साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जोड़ा जाता है। इससे रेटिंग प्रक्रिया के दौरान प्रॉपर्टी से संबंधित दस्तावेजी जानकारी और वास्तविक परीक्षण से मिले डेटा को एक साथ देखा जा सकता है।
इनडोर कवरेज का आकलन डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ट्राई के अनुसार इसमें भवन के भीतर मोबाइल नेटवर्क और अन्य डिजिटल कनेक्टिविटी की गुणवत्ता तथा उपलब्धता से जुड़े पहलुओं को देखा जाता है।
DCR प्लेटफॉर्म केवल आवेदन तक सीमित नहीं है। ट्राई के डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग ढांचे में रेटिंग प्रक्रिया, मूल्यांकन रिपोर्ट, प्रमाणन और रेटिंग के प्रकाशन से संबंधित डिजिटल व्यवस्था भी शामिल है।
इसके अलावा ऑनलाइन शुल्क भुगतान, इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर, ईमेल और एसएमएस अलर्ट जैसी सुविधाएं भी प्लेटफॉर्म से जुड़ी प्रक्रिया का हिस्सा हैं। प्रॉपर्टी रिकॉर्ड, परीक्षण परिणाम, प्रमाणपत्र और ऑडिट लॉग को डिजिटल रूप से सुरक्षित रखने की व्यवस्था भी की गई है। इस तरह रेटिंग प्रक्रिया के विभिन्न चरणों को एक डिजिटल सिस्टम के माध्यम से संचालित करने का प्रावधान है।
ट्राई के रेटिंग ढांचे में प्रॉपर्टी के आकलन के बाद स्कोर के आधार पर डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग प्रदान की जाती है। ट्राई के उपलब्ध दस्तावेजों में रेटिंग को स्टार आधारित प्रणाली से जोड़ा गया है। आधिकारिक रेटिंग मैनुअल में स्कोर के आधार पर अलग-अलग रेटिंग श्रेणियां निर्धारित की गई हैं। इस व्यवस्था का उद्देश्य अलग-अलग प्रॉपर्टीज की डिजिटल कनेक्टिविटी को एक समान मूल्यांकन पद्धति के आधार पर समझने और तुलना करने की सुविधा देना है।
ट्राई ने जून 2026 में डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग के लिए संशोधित रेटिंग मैन्युअलl 2026 भी जारी किया है। इसके साथ रेटिंग व्यवस्था से जुड़े नियमों और मूल्यांकन प्रक्रिया को अपडेट किया गया है।
ट्राई के आधिकारिक सवाल-जवाब पेज के अनुसार वर्तमान में डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग व्यवस्था स्वैच्छिक है। यानी प्रॉपर्टी के लिए रेटिंग लेना अनिवार्य नहीं है। हालांकि ट्राई ने प्रॉपर्टी डेवलपर्स, मालिकों और संबंधित सेवा प्रदाताओं को डिजिटल कनेक्टिविटी की योजना बनाने और प्रॉपर्टीज को रेट कराने के लिए प्रोत्साहित किया है।
इसका मतलब है कि किसी घर, ऑफिस या अन्य प्रॉपर्टी की रेटिंग उपलब्ध होना इस बात पर निर्भर करेगा कि संबंधित प्रॉपर्टी ने इस व्यवस्था के तहत रेटिंग प्रक्रिया में हिस्सा लिया है या नहीं।
किन प्रॉपर्टीज पर लागू हो सकता है यह ढांचा?
ट्राई के अनुसार डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग का दायरा कई प्रकार की प्रॉपर्टीज तक रखा गया है। इसमें आवासीय परिसर, व्यावसायिक और ऑफिस स्पेस, मॉल, रिटेल आउटलेट, शैक्षणिक संस्थान, स्वास्थ्य सुविधाएं, एयरपोर्ट, मेट्रो रेल, स्टेडियम और खुले स्थान शामिल हैं।
अलग-अलग श्रेणियों के लिए मूल्यांकन मानक प्रॉपर्टी के प्रकार और उपयोग के अनुसार तय किए जाते हैं। इसका उद्देश्य एक ही मानक से हर तरह की प्रॉपर्टी को मापने के बजाय संबंधित श्रेणी के लिए उपयुक्त डिजिटल कनेक्टिविटी मानकों का इस्तेमाल करना है।
डिजिटल कनेक्टिविटी को लेकर ट्राई का उद्देश्य
ट्राई ने डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग व्यवस्था के कई उद्देश्य बताए हैं। इनमें प्रॉपर्टीज के अंदर बेहतर कनेक्टिविटी को बढ़ावा देना, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए मानकीकृत मूल्यांकन तैयार करना और संभावित खरीदारों, किरायेदारों तथा व्यवसायों को डिजिटल कनेक्टिविटी की गुणवत्ता के बारे में पारदर्शी जानकारी उपलब्ध कराना शामिल है।
ट्राई का कहना है कि इस तरह की व्यवस्था प्रॉपर्टी के निर्माण और विकास के शुरुआती चरणों में डिजिटल कनेक्टिविटी इंफ्रास्ट्रक्चर को शामिल करने को भी प्रोत्साहित करती है।
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