Ram Mandir: उच्चतम न्यायालय ने अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दान और चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने स्वतंत्र जांच और सीबीआई जांच की मांग को लेकर दाखिल याचिकाओं का निपटारा कर दिया है। प्रदेश सरकार की ओर से उच्चतम न्यायालय को बताया गया कि मामले की जांच पूरी होने के बाद पुलिस चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने कहा कि अब संबंधित मजिस्ट्रेट अदालत कानून के मुताबिक आगे की कार्रवाई करेगी।
जनहित को ध्यान में रखते हुए उच्चतम न्यायालय ने याचिकाकर्ताओं को मजिस्ट्रेट अदालत में चलने वाली आपराधिक कार्यवाही में सहायता करने की अनुमति दी है। सुनवाई के दौरान पीठ ने बिल्कुल स्पष्ट किया कि अदालत ने मामले में लगाए गए आरोपों की सत्यता या उनके गुण-दोष पर टिप्पणी नहीं की है। अब मजिस्ट्रेट कोर्ट चार्जशीट और जांच में सामने आए साक्ष्यों के आधार पर आगे का निर्णय करेगी।
उच्चतम न्यायालय ने माना कि यह प्रकरण केवल आरोपी और राज्य सरकार के बीच का विवाद नहीं है, बल्कि इसमें व्यापक जनहित जुड़ा हुआ है। उल्लेखनीय है कि राम मंदिर में दान और चढ़ावे की रकम में कथित चोरी और वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आया था। इसके बाद उच्चतम न्यायालय में कई याचिकाएं दाखिल कर सीबीआई जांच और मंदिर ट्रस्ट के वित्तीय लेनदेन की स्वतंत्र जांच की मांग की गई थी।
सुनवाई के दौरान सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दान की नकदी को कथित तौर पर बिना अनुमति निकालने की 105 घटनाओं की जानकारी दी गई थी। जांच में आठ आरोपियों की भूमिका सामने आने की बात भी कही गई थी। पूर्व में उच्चतम न्यायालय ने पूरे प्रकरण की जांच की प्रगति पर निगरानी रखते हुए यूपी पुलिस की एसआईटी से रिपोर्ट तलब की थी। अब चार्जशीट दाखिल होने के बाद कानूनी प्रक्रिया मजिस्ट्रेट अदालत में चलेगी।
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