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UP News: साक्षरता कर्मियों को मिलेगा बकाया मानदेय, योगी सरकार ने जारी किए 397 करोड़ रुपये

UP News: योगी सरकार ने सालो से बकाया मानदेय के भुगतान की प्रक्रिया शुरू करने के लिए प्रदेश के 64 जिलों को करीब 397.19 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।
Bureau
Bureau News Desk
02 Nov 2026
04:21 PM
1 min read
UP News: साक्षरता कर्मियों को मिलेगा बकाया मानदेय, योगी सरकार ने जारी किए 397 करोड़ रुपये
सोर्स-फाइल फोटो
हाइलाइट्स
योगी सरकार का साक्षरता कर्मियों को बड़ा तोहफा
64 जिलों के लिए 397.19 करोड़ रुपये आवंटित
प्रेरकों को 2,000 और जिला-ब्लॉक समन्वयकों को 6,000 रुपये प्रतिमाह के हिसाब से मिलेगा वर्षों का बकाया मानदेय
दस्तावेजों की जांच के बाद सीधे बैंक खातों में होगा भुगतान

UP News:  साक्षर भारत योजना के तहत काम करने वाले साक्षरता कर्मियों के लिए राहत भरी खबर है। योगी सरकार ने सालो से बकाया मानदेय के भुगतान की प्रक्रिया शुरू करने के लिए प्रदेश के 64 जिलों को करीब 397.19 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। इससे योजना के तहत काम कर चुके जिला और ब्लॉक समन्वयकों के साथ प्रेरकों को भी उनका बकाया मानदेय मिल सकेगा।

राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण की ओर से जारी आदेश के मुताबिक यह भुगतान उन साक्षरता कर्मियों को किया जाएगा, जिन्होंने 31 मार्च 2018 तक साक्षर भारत योजना के तहत काम किया था। आदेश में मानदेय की दर भी तय की गई है। इसके तहत प्रेरकों को 2,000 रुपये प्रतिमाह और जिला व ब्लॉक समन्वयकों को 6,000 रुपये प्रतिमाह के हिसाब से बकाया राशि दी जाएगी।

सरकार ने मानदेय देने से पहले सभी जरूरी दस्तावेजों की जांच करने के निर्देश दिए हैं। संबंधित कर्मचारियों की उपस्थिति, उनके काम और उपलब्ध रिकॉर्ड का मिलान किया जाएगा। जिला स्तर पर मौजूद ऑडिट रिपोर्ट और दूसरे दस्तावेजों के आधार पर ही बकाया राशि तय होगी। सरकार ने साफ किया है कि ,किसी भी कर्मचारी को बिना जाँच के भुगतान नहीं किया जाएगा। साथ ही आवंटित रकम का इस्तेमाल केवल बकाया मानदेय देने के लिए ही किया जा सकेगा। इस धनराशि को किसी दूसरे काम में खर्च करने की अनुमति नहीं होगी।

जारी आदेश में संबंधित जिलों को 31 दिसंबर 2026 तक आवंटित धनराशि खर्च करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद 5 जनवरी 2027 तक खर्च का पूरा ब्योरा और उपयोगिता प्रमाण-पत्र निदेशालय को भेजना होगा। मानदेय का भुगतान सीधे कर्मचारियों के बैंक खातों में किया जाएगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि भुगतान में किसी तरह की वित्तीय गड़बड़ी मिलने पर संबंधित जिला अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। इस फैसले से लंबे समय से अपने बकाया मानदेय का इंतजार कर रहे साक्षरता कर्मियों को राहत मिलने की उम्मीद है। अब सभी की नजर भुगतान की प्रक्रिया पूरी होने और उनके खातों में रकम पहुंचने पर रहेगी।

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