पुरी में उमड़ा ‘सुनाबेसा’ का सैलाब: रातभर रथों पर जागते रहे भगवान, दर्शन को टूट पड़ी भीड़!

सुनहरा आकर्षण बना भीड़ का कारण: पुरी में ‘सुनाबेसा’ के लिए उमड़े लाखों श्रद्धालु, पुलिस ने जारी किया अलर्ट
News Desk 05 Jul 2025, 11:42 PM 1 min read
पुरी में उमड़ा ‘सुनाबेसा’ का सैलाब: रातभर रथों पर जागते रहे भगवान, दर्शन को टूट पड़ी भीड़!


>भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के ‘सुनाबेसा’ दर्शन के लिए पुरी नगरी में शनिवार रात से ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। लाखों की संख्या में भक्तों ने रविवार तड़के तक महाप्रभु के सुनहरे रूप के दर्शन की आस में शहर की ओर रुख किया, जिससे पार्किंग से लेकर यातायात तक व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया।


>ओडिशा पुलिस ने श्रद्धालुओं के लिए विशेष एडवाइजरी जारी करते हुए उन्हें अपने यात्रा कार्यक्रम को सोच-समझकर तय करने की अपील की है। पुलिस ने एक्स पर पोस्ट कर बताया:“सुनाबेसा यात्रा अलर्ट - सुबह 7 बजे तक पुरी में भारी संख्या में भक्तों की आमद हो चुकी है। लगभग सभी प्रमुख पार्किंग स्थल भर चुके हैं। वाहन अब तालाबनिया और स्टर्लिंग की ओर भेजे जा रहे हैं। बाटागांव और मलतिपतपुर पर प्रतीक्षा समय लंबा हो सकता है।”

पहुडा’ नहीं होने से बढ़ी श्रद्धालुओं की भीड़


>शनिवार रात देवताओं के लिए ‘पहुडा’ (विश्राम) नहीं हुआ, जिससे भक्तों को पूरी रात रथों पर विराजमान भगवानों के दर्शन का दुर्लभ अवसर मिला। श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (SJTA) के अनुसार, इसी वजह से रात भर भक्तों का तांता लगा रहा और रविवार तड़के भीड़ चरम पर पहुंच गई।

रथों पर विराजे भगवान, सुरक्षा के कड़े इंतजाम


>रविवार सुबह भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा को उनके-अपने ‘नंदीघोष’, ‘तलध्वज’ और ‘दर्पदलन’ रथों पर सुबह की सभी पूजा विधियां पूर्ण कर विराजमान किया गया। रथ श्रीमंदिर के सिंहद्वार के समक्ष खड़े हैं। यह आयोजन रथयात्रा की ‘बहुदा यात्रा’ के बाद होता है, जिसमें देवता अपने नौ दिवसीय प्रवास से लौटते हैं।

पुलिस अलर्ट मोड में, पिछली भगदड़ से सबक


>गौरतलब है कि 29 जून को श्री गुंडिचा मंदिर के पास भगदड़ में तीन श्रद्धालुओं की मृत्यु के बाद, प्रशासन ने इस बार सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और ट्रैफिक कंट्रोल को प्राथमिकता दी है। पूरे आयोजन को सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन और सेवायतों की सक्रिय भूमिका रही।


>SJTA के मुख्य प्रशासक अरविंद पदही ने सभी श्रद्धालुओं व संबंधित विभागों से सहयोग की अपील की है ताकि ‘सुनाबेसा’ के दिव्य दर्शन बिना किसी अव्यवस्था के संपन्न हो सकें।

कब और कैसे करें दर्शन?


>SJTA के अनुसार, भक्त रविवार शाम 6:30 बजे से रात 11 बजे तक भगवानों के ‘सुनाबेसा’ दर्शन कर सकेंगे। ऐसे में भक्तों से आग्रह किया गया है कि वे पुलिस की एडवाइजरी का पालन करें, ट्रैफिक नियमों का ध्यान रखें और धैर्य बनाए रखें।

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