असम में लैंडिंग के कुछ सेकंड बाद हादसे का शिकार हुआ वायुसेना का AN-32, 5 वायुसैनिक शहीद - सामने आया वीडियो

जोरहाट एयरबेस पर सामान्य लैंडिंग के कुछ ही क्षण बाद रनवे से भटका विमान, आग लगने के बाद पांच वायुसैनिकों की मौत।
Bureau 15 Jun 2026, 11:29 AM 1 min read
असम में लैंडिंग के कुछ सेकंड बाद हादसे का शिकार हुआ वायुसेना का AN-32, 5 वायुसैनिक शहीद - सामने आया वीडियो

 

असम के जोरहाट एयरबेस में भारतीय वायुसेना का एएन-32 परिवहन विमान शनिवार को दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में विमान में सवार पायलट समेत पांच वायुसैनिक शहीद हो गए। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें विमान सामान्य रूप से लैंडिंग करने के कुछ सेकंड बाद रनवे से बाईं ओर भटकता दिखाई दे रहा है। भारतीय वायुसेना ने हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश दिए हैं।

 

सामने आए वीडियो के अनुसार, एएन-32 सैन्य परिवहन विमान ने जोरहाट एयरबेस के रनवे पर सामान्य तरीके से लैंडिंग की थी। हालांकि, रनवे पर उतरने के कुछ ही सेकंड बाद विमान बाईं ओर खिसकता हुआ घास वाले कच्चे हिस्से की तरफ चला गया। बताया जा रहा है कि इस दौरान विमान कच्चे हिस्से में लगे कुछ सेंसरों से टकरा गया। इसके बाद ऊबड़-खाबड़ जमीन की वजह से विमान का अगला हिस्सा अचानक नीचे की ओर झुक गया और देखते ही देखते उसमें आग लग गई।

 

विमान में आग लगते ही रनवे पर मौजूद फायर ब्रिगेड की दो से तीन गाड़ियां करीब दो मिनट के भीतर मौके पर पहुंच गईं। हालांकि, तब तक आग तेजी से फैल चुकी थी और विमान में मौजूद पांचों वायुसैनिकों को नहीं बचाया जा सका।

 

 

भारतीय वायुसेना ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए बताया कि दुर्घटना में स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह, फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार, सार्जेंट जितेंद्र शर्मा, अग्निवीरवायु खेमाराम कुमावत और अग्निवीरवायु दानिश आलम शहीद हो गए। वायुसेना ने कहा कि सभी जवानों ने ड्यूटी के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया है और इस कठिन समय में वह शोक संतप्त परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है।

 

भारतीय वायुसेना ने घटना की जांच के लिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश दिए हैं। जांच के माध्यम से यह पता लगाया जाएगा कि विमान के रनवे से भटकने और दुर्घटनाग्रस्त होने के पीछे क्या कारण थे।

 

रौरिया एयरफोर्स स्टेशन, जिसे जोरहाट एयरबेस के नाम से भी जाना जाता है, भारतीय वायुसेना के लिए पूर्वोत्तर क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण सैन्य केंद्र माना जाता है। यह एयरबेस असम सहित पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र में सैन्य अभियानों और लॉजिस्टिक सपोर्ट में अहम भूमिका निभाता है।

 

रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2016 से 2026 के बीच भारतीय वायुसेना के एएन-32 परिवहन विमान से जुड़े तीन बड़े हादसे सामने आ चुके हैं। ताजा दुर्घटना के बाद एक बार फिर इस विमान की सुरक्षा और परिचालन से जुड़े पहलुओं पर चर्चा शुरू हो गई है।

← Previous Story Next Story →

 

टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें


Related News

लेह की बर्फीली वादियों से कोलकाता के रेड रोड तक, योग दिवस पर एक तस्वीर में दिखा पूरा भारत
'योग की ताकत पूरी दुनिया को जोड़ रही है', अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर बंगाल से PM मोदी का संदेश
सदस्य नहीं होने के बावजूद G7 Summit में क्यों बुलाया जाता है भारत? जानिए इसके पीछे के बड़े कारण
21 जून के NEET री-एग्जाम से पहले केंद्र की तैयारी तेज, सुरक्षा से लेकर समय तक हुए कई बदलाव
पिछले 15 दिनों में चुपचाप महंगे हो गए ये सामान, रोजमर्रा का खर्च बढ़ना तय
सरकार ने किया पेट्रोल पर राहत का ऐलान, E22 से E30 फ्यूल पर एक्साइज ड्यूटी हुई शून्य
नेहरू का रिकॉर्ड पीछे छोड़ पीएम मोदी ने रचा इतिहास, जनसेवा को बताया लोकतंत्र की सबसे बड़ी कसौटी
29 रुपये बढ़ने के बाद भी नहीं मिली राहत, एलपीजी सिलेंडर की फिर बढ़ने वाली है कीमत - सरकार ने दिए संकेत
उज्ज्वला लाभार्थियों के लिए आया नया नियम, करोड़ो लोगों को लगा झटका