Sunday, 02 August 2026 | Lucknow | 29°C

कपिल सिब्बल से मिले 1 करोड़ रुपये के फंड पर उठे सवाल, चुनाव आयोग समेत तीन संस्थाओं में CJP के खिलाफ शिकायत

आरटीआई कार्यकर्ता ने संगठन के पंजीकरण, फंडिंग और संस्थापक के परिवार की आर्थिक स्थिति की जांच की मांग उठाई; चुनाव आयोग, सीबीआईसी और महाराष्ट्र सरकार को भेजी शिकायत
Bureau
Bureau News Desk
02 Aug 2026
04:13 PM
1 min read
कपिल सिब्बल से मिले 1 करोड़ रुपये के फंड पर उठे सवाल, चुनाव आयोग समेत तीन संस्थाओं में CJP के खिलाफ शिकायत
हाइलाइट्स
आरटीआई कार्यकर्ता अमित तिवारी ने तीन संस्थाओं में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत चुनाव आयोग, सीबीआईसी और महाराष्ट्र सरकार को भेजी गई।
CJP की फंडिंग और पंजीकरण की जांच की मांग की गई।
अभिजीत दीपके के परिवार की आर्थिक स्थिति पर भी सवाल उठाए गए।

कॉकरोच जनता पार्टी को कथित तौर पर मिले 1 करोड़ रुपये के फंड को लेकर नया विवाद सामने आया है। सूरत के आरटीआई कार्यकर्ता अमित तिवारी ने चुनाव आयोग, सीबीआईसी और महाराष्ट्र सरकार को शिकायत भेजकर संगठन की फंडिंग, कानूनी स्थिति और इसके संस्थापक अभिजीत दीपके के परिवार की आर्थिक पृष्ठभूमि की जांच कराने की मांग की है।

अमित तिवारी का दावा है कि उन्होंने तीन अलग-अलग सरकारी संस्थाओं को भेजी शिकायतों में कई बिंदुओं पर जांच की मांग की है। इनमें संगठन के पंजीकरण की स्थिति, राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल द्वारा कथित रूप से दिए गए 1 करोड़ रुपये के फंड और अभिजीत दीपके के परिवार की आर्थिक स्थिति से जुड़े सवाल शामिल हैं। समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में अमित तिवारी ने बताया कि उन्होंने अलग-अलग विषयों को लेकर तीन संस्थाओं के समक्ष शिकायत दर्ज कराई है।

उनके अनुसार, चुनाव आयोग को भेजी गई शिकायत में सीजेपी के राजनीतिक गतिविधियों में शामिल होने और उसके पंजीकरण की स्थिति की जांच की मांग की गई है। वहीं सीबीआईसी को भेजी शिकायत में कपिल सिब्बल द्वारा कथित रूप से दिए गए 1 करोड़ रुपये के फंड पर कर संबंधी पहलुओं की जांच करने का अनुरोध किया गया है।

 

इसके अलावा महाराष्ट्र सरकार को भेजी शिकायत में अभिजीत दीपके के पिता भगवानराव दीपके की आय और संपत्तियों की जांच कराने की मांग की गई है। अमित तिवारी का आरोप है कि भगवानराव दीपके एमआईडीसी में जूनियर इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे और उनकी मासिक आय लगभग 60 हजार से 65 हजार रुपये थी।

उन्होंने शिकायत में सवाल उठाया है कि यदि आय का स्तर इतना था तो परिवार द्वारा बच्चों की अमेरिका में शिक्षा जैसे खर्च किस प्रकार वहन किए गए। तिवारी ने इन तथ्यों की जांच कराने और आवश्यकता होने पर आय से अधिक संपत्ति के पहलुओं की भी जांच किए जाने की मांग की है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्ष की ओर से इस पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

यह खबर भी पढ़े - 'मेरी मौत का जिम्मेदार वही है...' जान देने से पहले ग्रामीण ने बनाया वीडियो, अब पुलिस जांच में जुटी

अमित तिवारी ने आरोप लगाया कि सीजेपी बिना चुनाव आयोग में पंजीकरण कराए राजनीतिक दल की तरह गतिविधियां संचालित कर रही है और लोगों से चंदा भी प्राप्त कर रही है।

उन्होंने शिकायत में कहा है कि यदि कोई संगठन राजनीतिक दल की तरह कार्य करता है और सार्वजनिक रूप से फंड प्राप्त करता है, तो उसे जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29ए के तहत चुनाव आयोग में पंजीकरण कराना आवश्यक है। इसी आधार पर उन्होंने चुनाव आयोग से मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।

आरटीआई कार्यकर्ता ने सीजेपी के नेतृत्व में हुए आंदोलन को लेकर भी आपत्ति दर्ज कराई है। उनका कहना है कि आंदोलन की शुरुआत नीट पेपर लीक के मुद्दे पर छात्रों की आवाज उठाने के उद्देश्य से हुई थी, लेकिन बाद में इसका स्वरूप बदल गया।

उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके परिवार को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं तथा विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों से जुड़े मुद्दों पर भी भ्रामक बातें कही गईं। तिवारी का कहना है कि इन आरोपों को भी उन्होंने अपनी शिकायत का हिस्सा बनाया है।

अमित तिवारी ने कहा कि उनकी ओर से संबंधित एजेंसियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया है।

समाचार लिखे जाने तक चुनाव आयोग, सीबीआईसी, महाराष्ट्र सरकार, कॉकरोच जनता पार्टी, अभिजीत दीपके या राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल की ओर से इन शिकायतों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सार्वजनिक नहीं हुई थी।

Explore Related Topics

CJP अभिजीत दीपके अमित तिवारी कपिल सिब्बल चुनाव आयोग सीबीआईसी महाराष्ट्र सरकार राजनीतिक दल फंडिंग शिकायत नीट शिक्षा राजनीति भारत

 

टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें

इस खबर को खबर पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद

ऐसी ही खबरों के लिए निचे स्क्रॉल करें

या होम पेज पर लेटेस्ट न्यूज़ पढ़ने के लिए क्लिक करें →

Related News