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2027 से पहले सपा की नई तैयारी, छात्र सभा के कार्यकर्ताओं का बदला ड्रेस कोड

छात्र सभा के कार्यकर्ता अब नीली जींस, नीली टी-शर्ट और लाल टोपी में नजर आएंगे; हर विधानसभा और विश्वविद्यालय में छात्रों से संवाद का अभियान चलेगा।
Bureau
Bureau News Desk
08 Sep 2026
08:05 PM
1 min read
2027 से पहले सपा की नई तैयारी, छात्र सभा के कार्यकर्ताओं का बदला ड्रेस कोड
सोर्स - लखनऊ संवाददाता (प्रदीप यादव)
हाइलाइट्स
समाजवादी छात्र सभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक लखनऊ में हुई।
करीब दो घंटे चली बैठक की अध्यक्षता अखिलेश यादव ने की।
2027 विधानसभा चुनाव को लेकर छात्र सभा की भूमिका पर चर्चा हुई।
छात्र सभा के लिए नीली जींस, नीली टी-शर्ट और लाल टोपी का ड्रेस कोड तय हुआ।

समाजवादी पार्टी ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को देखते हुए छात्र और युवा वर्ग के बीच संगठन की सक्रियता बढ़ाने की तैयारी शुरू की है। इसी क्रम में मंगलवार को लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में समाजवादी छात्र सभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक हुई। करीब दो घंटे चली इस बैठक की अध्यक्षता सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने की।

बैठक में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी छात्र सभा की भूमिका, संगठन को जमीनी स्तर पर सक्रिय करने और छात्रों के बीच संवाद बढ़ाने पर चर्चा हुई। अखिलेश यादव ने छात्र सभा के पदाधिकारियों को प्रदेश के हर विधानसभा क्षेत्र और विश्वविद्यालय तक पहुंच बनाने तथा छात्रों से सीधे संवाद करने के निर्देश दिए। बैठक में छात्र सभा के पदाधिकारियों के लिए नया ड्रेस कोड भी तय किया गया। इसके तहत संगठन के कार्यकर्ता नीली जींस, नीली टी-शर्ट और सिर पर लाल टोपी में नजर आएंगे। टी-शर्ट पर समाजवादी पार्टी का लोगो लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं।

समाजवादी छात्र सभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में संगठन के कार्यकर्ताओं की पहचान और एकरूपता से जुड़े विषय पर भी फैसला लिया गया। अब छात्र सभा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता निर्धारित ड्रेस कोड में नजर आएंगे। नए ड्रेस कोड में नीली जींस, नीली टी-शर्ट और लाल टोपी शामिल है। इसके अलावा टी-शर्ट पर समाजवादी पार्टी का लोगो बनवाने के निर्देश दिए गए हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, ड्रेस कोड का उद्देश्य छात्र सभा के कार्यकर्ताओं को अलग पहचान देना और संगठनात्मक कार्यक्रमों के दौरान एकरूपता बनाए रखना है। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब समाजवादी पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर संगठन के अलग-अलग स्तरों पर सक्रियता बढ़ाने की तैयारी कर रही है।

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बैठक में छात्र सभा को जमीनी स्तर पर सक्रिय करने पर जोर दिया गया। पदाधिकारियों को प्रदेश के हर विधानसभा क्षेत्र और विश्वविद्यालय में जाकर छात्रों से संवाद करने के निर्देश दिए गए हैं। इस अभियान में छात्रों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की योजना है। कार्यकर्ता छात्रों की समस्याओं और उनकी प्राथमिकताओं को सुनेंगे। इसके साथ ही उन्हें समाजवादी पार्टी की नीतियों और पूर्ववर्ती सपा सरकार के कार्यकाल में किए गए कार्यों की जानकारी भी दी जाएगी। इस रणनीति के तहत छात्र सभा को केवल संगठनात्मक गतिविधियों तक सीमित रखने के बजाय विधानसभा और विश्वविद्यालय स्तर पर छात्रों के बीच सक्रिय करने पर जोर दिया गया है।

बैठक में छात्रों के बीच संवाद के दौरान शिक्षा से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता देने की बात सामने आई। इसके अलावा रोजगार और युवाओं से जुड़े विषयों को भी अभियान में शामिल किए जाने की तैयारी है। 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए राजनीतिक दलों के लिए युवा और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं तक पहुंच महत्वपूर्ण मानी जाती है। समाजवादी पार्टी की छात्र सभा के माध्यम से इस वर्ग के साथ सीधे संवाद की रणनीति बैठक में चर्चा का हिस्सा रही। कार्यकर्ताओं को विधानसभा और विश्वविद्यालय स्तर पर पहुंच बनाकर छात्रों के मुद्दों को समझने और पार्टी की नीतियों के बारे में जानकारी देने की जिम्मेदारी दी गई है।

राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में दलित समाज के बीच पार्टी की पहुंच को मजबूत करने की रणनीति पर भी मंथन हुआ। बैठक में संगठन को अलग-अलग सामाजिक समूहों तक पहुंचाने के विषय पर चर्चा की गई। दलित मतदाताओं के बीच पार्टी की पहुंच बढ़ाने की रणनीति को समाजवादी पार्टी की पीडीए रणनीति से भी जोड़ा गया है। हालांकि, बैठक में छात्र सभा की गतिविधियों और संगठन को जमीनी स्तर पर सक्रिय करने के साथ इस विषय पर भी चर्चा हुई।

2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच समाजवादी पार्टी की छात्र सभा का फोकस युवाओं और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं तक पहुंच बढ़ाने पर रहेगा। विश्वविद्यालयों और विधानसभा क्षेत्रों में संवाद अभियान के जरिए छात्र और युवा वर्ग से जुड़े मुद्दों को सामने लाने की योजना है। इसमें शिक्षा और रोजगार से जुड़े विषयों के साथ युवाओं की समस्याओं को समझने पर जोर रहेगा। छात्र सभा के कार्यकर्ता संवाद के दौरान समाजवादी पार्टी की नीतियों और पूर्ववर्ती सपा सरकार के कार्यकाल में किए गए कार्यों की जानकारी भी छात्रों तक पहुंचाएंगे।

समाजवादी छात्र सभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक की अध्यक्षता पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने की। करीब दो घंटे तक चली बैठक में संगठन की चुनावी भूमिका और छात्र-युवा वर्ग के बीच गतिविधियां बढ़ाने पर चर्चा हुई। अखिलेश यादव ने पदाधिकारियों को विधानसभा और विश्वविद्यालय स्तर पर सक्रियता बढ़ाने तथा छात्रों से सीधा संवाद स्थापित करने के निर्देश दिए।

बैठक में समाजवादी छात्र सभा के प्रदेश अध्यक्ष विनीत कुशवाहा और राष्ट्रीय महासचिव मुकुल यादव समेत प्रदेशभर से आए राष्ट्रीय पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक में सामने आई रणनीति के अनुसार छात्र सभा की गतिविधियों को प्रदेश के विधानसभा क्षेत्रों और विश्वविद्यालयों तक ले जाने की तैयारी है। इसके लिए पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को स्थानीय स्तर पर छात्रों के बीच पहुंच बनाने के निर्देश दिए गए हैं।

संगठन की ओर से शिक्षा, रोजगार और युवाओं से जुड़े विषयों को संवाद का हिस्सा बनाया जाएगा। साथ ही छात्रों को पार्टी की नीतियों और पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में किए गए कार्यों के बारे में जानकारी दी जाएगी। नए ड्रेस कोड के जरिए छात्र सभा के कार्यकर्ताओं की सार्वजनिक पहचान को भी एकरूप बनाने का फैसला लिया गया है। अब संगठन के कार्यकर्ता नीली जींस, नीली टी-शर्ट और लाल टोपी में नजर आएंगे।

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