अम्बेडकरनगर। अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर अम्बेडकरनगर जिले के विभिन्न परिषदीय विद्यालयों में छात्र-छात्राओं के लिए कई शैक्षिक और रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया गया। इस दौरान बच्चों ने उत्साह के साथ प्रतिभाग किया और साक्षरता तथा शिक्षा के महत्व को पोस्टर और चित्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया।
विद्यालयों में आयोजित गतिविधियों के दौरान बच्चों को शिक्षा और साक्षरता से जुड़े विषयों पर अपनी रचनात्मक सोच व्यक्त करने का अवसर मिला। पोस्टर प्रतियोगिता समेत विभिन्न गतिविधियों में छात्र-छात्राओं ने भाग लेकर अपने विचारों को चित्रों और पोस्टरों के जरिए सामने रखा।
अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर आयोजित गतिविधियों में पोस्टर प्रतियोगिता प्रमुख रही। इसमें छात्र-छात्राओं ने साक्षरता और शिक्षा के महत्व को केंद्र में रखते हुए पोस्टर और चित्र तैयार किए। बच्चों ने अपनी समझ और रचनात्मकता के अनुसार शिक्षा से जुड़े विषयों को चित्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया। विद्यालयों में इन गतिविधियों के जरिए विद्यार्थियों को अपने विचारों को रचनात्मक तरीके से अभिव्यक्त करने का अवसर मिला। कार्यक्रमों में विद्यार्थियों की भागीदारी के दौरान शिक्षा और साक्षरता के महत्व से जुड़े विषयों पर ध्यान केंद्रित किया गया। स्कूल स्तर पर आयोजित ऐसी गतिविधियों में बच्चों को पढ़ाई के साथ अपनी रचनात्मक क्षमताओं को सामने रखने का अवसर मिलता है।
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अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर जिले के विभिन्न परिषदीय विद्यालयों में कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें पोस्टर प्रतियोगिता के साथ अन्य शैक्षिक और रचनात्मक गतिविधियां भी शामिल रहीं। इन गतिविधियों में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों ने पोस्टर और चित्र तैयार कर साक्षरता एवं शिक्षा के महत्व को अपने तरीके से प्रस्तुत किया। विद्यालयों में पढ़ाई से इतर आयोजित इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी अभिव्यक्ति क्षमता का इस्तेमाल करने का अवसर मिला। गतिविधियों में विद्यार्थियों की भागीदारी के साथ शिक्षा से जुड़े विषयों को रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत किया गया।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि इन गतिविधियों का उद्देश्य बच्चों की रचनात्मकता, अभिव्यक्ति, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देना है। उनके अनुसार, बच्चों को केवल पाठ्यक्रम आधारित शिक्षा तक सीमित रखने के बजाय विभिन्न शैक्षिक और रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेने के अवसर देना भी महत्वपूर्ण है। ऐसे आयोजनों में विद्यार्थी अपने विचारों और समझ को अलग-अलग माध्यमों से व्यक्त कर सकते हैं। अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर आयोजित कार्यक्रमों में भी विद्यार्थियों को इसी तरह अपनी रचनात्मकता प्रदर्शित करने का अवसर दिया गया। पोस्टर और चित्रों के माध्यम से बच्चों ने शिक्षा और साक्षरता से जुड़े विषयों को प्रस्तुत किया।
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जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने कहा कि परिषदीय विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बच्चों के सर्वांगीण विकास पर लगातार जोर दिया जा रहा है। इसके लिए खेल, कला, संस्कृति और सह-शैक्षिक गतिविधियों को भी शिक्षा व्यवस्था का हिस्सा बनाया जा रहा है। विद्यालयों में आयोजित गतिविधियों का उद्देश्य बच्चों को विभिन्न क्षेत्रों में अपनी क्षमताओं को विकसित करने का अवसर देना है। पढ़ाई के साथ खेल, कला, संस्कृति और अन्य सह-शैक्षिक गतिविधियों में भागीदारी से विद्यार्थियों को अपनी रुचियों और क्षमताओं को सामने रखने का अवसर मिलता है। साक्षरता दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम भी इसी क्रम में रहे, जिनमें विद्यार्थियों ने पोस्टर और चित्र तैयार कर अपनी रचनात्मक अभिव्यक्ति प्रस्तुत की।
साक्षरता दिवस पर आयोजित पोस्टर प्रतियोगिता और अन्य गतिविधियों में बच्चों ने शिक्षा तथा साक्षरता के महत्व को रचनात्मक माध्यमों से प्रस्तुत किया। पोस्टर और चित्र विद्यार्थियों के लिए अपने विचारों को सामने रखने का माध्यम बने। इन गतिविधियों में विद्यार्थियों की भागीदारी ने विद्यालय स्तर पर आयोजित शैक्षिक कार्यक्रमों में उनकी सक्रिय भूमिका को सामने रखा। बच्चों ने अपनी समझ के अनुसार शिक्षा और साक्षरता से जुड़े विषयों को चित्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया। विद्यालयों में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान छात्र-छात्राओं की रचनात्मक भागीदारी पर ध्यान दिया गया। गतिविधियों ने विद्यार्थियों को अपनी अभिव्यक्ति और रचनात्मक कौशल प्रदर्शित करने का अवसर दिया।
परिषदीय विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ खेल, कला, संस्कृति और सह-शैक्षिक गतिविधियों पर जोर देने की बात जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने कही। इस दृष्टिकोण के तहत विद्यार्थियों को कक्षा शिक्षण के अलावा विभिन्न गतिविधियों में भाग लेने के अवसर दिए जा रहे हैं। अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के मौके पर जिले के विभिन्न विद्यालयों में आयोजित कार्यक्रमों में भी छात्र-छात्राओं ने इसी तरह भागीदारी की। पोस्टर प्रतियोगिता और अन्य रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने शिक्षा और साक्षरता से जुड़े विषयों को प्रस्तुत किया।
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