अम्बेडकरनगर, 5 सितंबर। शिक्षक दिवस की संध्या पर अम्बेडकरनगर ऑप्थल्मिक एसोसिएशन और टोरेंट फार्मा के सहयोग से वैभव रिजेंसी होटल में सतत चिकित्सा शिक्षा (सीएमई) कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न नेत्र विशेषज्ञों के साथ महामाया राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज के नेत्र विशेषज्ञों और पीजी छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की।
सीएमई के दौरान ड्राई आई डिजीज और ग्लूकोमा जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने विस्तृत जानकारी साझा की। इसके साथ ही नेत्र चिकित्सा से जुड़े मेडिकोलीगल पहलुओं पर भी चर्चा हुई। कार्यक्रम में चिकित्सकों ने संबंधित विषयों के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया और अपने चिकित्सकीय अनुभव साझा किए।
कार्यक्रम का शुभारंभ अम्बेडकरनगर ऑप्थल्मिक एसोसिएशन के सचिव एवं महामाया राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. अमित कुमार पटेल तथा आरएसजीआई हॉस्पिटल की निदेशक डॉ. सरिता गुप्ता ने किया। दोनों ने कार्यक्रम में शामिल अतिथियों का स्वागत किया।
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इसके बाद मुख्य अतिथि महामाया राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मुकेश यादव और विशिष्ट अतिथि जिला चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पी.एन. यादव सहित अन्य अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। कार्यक्रम में जिले के नेत्र चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े चिकित्सकों के अलावा मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ और पीजी छात्र-छात्राएं भी मौजूद रहे।
सीएमई में ड्राई आई डिजीज प्रमुख विषयों में शामिल रहा। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता साई नेत्रालय एवं चिकित्सालय की निदेशक डॉ. श्वेता जी पटेल ने ड्राई आई डिजीज पर व्यावहारिक जानकारी साझा की।
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उन्होंने इस विषय से जुड़े चिकित्सकीय पहलुओं पर जानकारी दी। कार्यक्रम में मौजूद चिकित्सकों ने ड्राई आई डिजीज से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की और अपने अनुभव भी साझा किए।
सीएमई का उद्देश्य चिकित्सकों के बीच संबंधित चिकित्सा विषयों पर जानकारी और अनुभव साझा करने के लिए एक मंच उपलब्ध कराना था। इसी क्रम में ड्राई आई डिजीज पर विशेषज्ञ वक्तव्य के बाद प्रतिभागियों के बीच विषय से जुड़े पहलुओं पर विचार-विमर्श हुआ।
कार्यक्रम के दूसरे प्रमुख विषय ग्लूकोमा पर आरएसजीआई हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. राजेश गुप्ता ने व्याख्यान दिया। उन्होंने ग्लूकोमा से संबंधित चिकित्सकीय विषयों पर जानकारी प्रस्तुत की। सीएमई में ग्लूकोमा को लेकर विशेषज्ञों और प्रतिभागी चिकित्सकों के बीच चर्चा हुई। इस दौरान विषय से संबंधित चिकित्सकीय अनुभवों को भी साझा किया गया।
ड्राई आई डिजीज और ग्लूकोमा दोनों विषयों को कार्यक्रम में अलग-अलग विशेषज्ञ सत्रों के माध्यम से रखा गया। इससे कार्यक्रम में शामिल चिकित्सकों को दोनों विषयों पर विशेषज्ञों की जानकारी सुनने और आपसी विचार-विमर्श का अवसर मिला।
मुख्य अतिथि डॉ. मुकेश यादव ने नेत्र चिकित्सा के मेडिकोलीगल पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। सीएमई के दौरान चिकित्सा से जुड़े कानूनी पहलुओं को भी कार्यक्रम की चर्चा में शामिल किया गया।
नेत्र चिकित्सा में चिकित्सकीय कार्य से जुड़े मेडिकोलीगल विषयों पर मुख्य अतिथि का वक्तव्य कार्यक्रम के प्रमुख हिस्सों में रहा। इसके बाद चिकित्सकों ने संबंधित विषय से जुड़े पहलुओं पर विचार-विमर्श किया। इस तरह कार्यक्रम में चिकित्सा संबंधी विषयों के साथ नेत्र चिकित्सा के मेडिकोलीगल पक्ष को भी चर्चा में स्थान दिया गया।
सीएमई के दौरान विशेषज्ञों के व्याख्यान के साथ चिकित्सकों को विभिन्न विषयों पर अपने अनुभव साझा करने का अवसर भी मिला। ड्राई आई डिजीज, ग्लूकोमा और मेडिकोलीगल पहलुओं पर हुई चर्चा में जिले के नेत्र विशेषज्ञों तथा मेडिकल कॉलेज से जुड़े चिकित्सकों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम में चिकित्सकीय जानकारी के आदान-प्रदान के साथ विभिन्न विषयों से जुड़े पहलुओं पर चर्चा हुई। मेडिकल कॉलेज के पीजी छात्र-छात्राओं और पीजी रेजिडेंट्स की मौजूदगी भी कार्यक्रम का हिस्सा रही।
कार्यक्रम के दौरान अम्बेडकरनगर ऑप्थल्मिक एसोसिएशन की ओर से मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मुकेश यादव को श्रेष्ठ चिकित्सकीय शिक्षा के क्षेत्र में योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. आर.एस. वर्मा, उपाध्यक्ष डॉ. लालचंद यादव, सचिव डॉ. अमित कुमार पटेल, कोषाध्यक्ष डॉ. राजेश गुप्ता और सह-सचिव डॉ. अतीक आलम ने डॉ. मुकेश यादव को शॉल पहनाकर सम्मानित किया। सम्मान समारोह सीएमई कार्यक्रम के दौरान आयोजित किया गया।
सीएमई में महामाया राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज के पीजी रेजिडेंट्स और जिले के अन्य नेत्र विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में डॉ. सारीब सोहेल, डॉ. जुनैद अख्तर, डॉ. सुनील वर्मा, डॉ. साजन देव केसर और डॉ. सृष्टि नागराजन सहित कई चिकित्सक मौजूद रहे। इसके अलावा जिले के अन्य नेत्र विशेषज्ञों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की। कार्यक्रम में मेडिकल कॉलेज से जुड़े चिकित्सकों और पीजी रेजिडेंट्स की उपस्थिति रही।
कार्यक्रम के अंत में अम्बेडकरनगर ऑप्थल्मिक एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. आर.एस. वर्मा ने सभी अतिथियों, वक्ताओं, चिकित्सकों, पीजी रेजिडेंट्स और सहयोगी संस्था का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के दौरान ड्राई आई डिजीज और ग्लूकोमा पर विशेषज्ञों के व्याख्यान, नेत्र चिकित्सा के मेडिकोलीगल पहलुओं पर चर्चा और चिकित्सकों के अनुभवों के आदान-प्रदान को सीएमई के प्रमुख हिस्सों के रूप में रखा गया।
अम्बेडकरनगर ऑप्थल्मिक एसोसिएशन की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में जिले के नेत्र चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े चिकित्सकों तथा मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञों और पीजी रेजिडेंट्स ने सहभागिता की।
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