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दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत ढही, हादसे में 3 की मौत

साउथ कैंपस थाना क्षेत्र में हुए हादसे के बाद पुलिस, दमकल और स्थानीय लोग राहत-बचाव अभियान में जुटे; पीजी में दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र रहते थे।
Bureau
Bureau News Desk
06 Sep 2026
07:18 PM
1 min read
दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत ढही, हादसे में 3 की मौत
हाइलाइट्स
दिल्ली के सत्य निकेतन में रविवार दोपहर पांच मंजिला इमारत ढह गई।
हादसे में अब तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।
इमारत में पीजी संचालित होने और दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों के रहने की जानकारी है।
पुलिस, दमकल विभाग और स्थानीय लोग राहत एवं बचाव अभियान में जुटे रहे।

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर पांच मंजिला इमारत ढहने से बड़ा हादसा हो गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार हादसे में अब तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। घटना के बाद पुलिस, दमकल विभाग और स्थानीय लोग राहत एवं बचाव कार्य में जुट गए। मलबे में फंसे लोगों की तलाश और उन्हें बाहर निकालने का अभियान जारी रहा।

यह हादसा साउथ कैंपस थाना क्षेत्र में हुआ। ढही हुई इमारत में पीजी संचालित होने की जानकारी सामने आई है। बताया गया है कि यहां मुख्य रूप से दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र रहते थे। इमारत अचानक ढहने के बाद इलाके में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जुट गए।

सत्य निकेतन इलाके में करीब 80 गज में बनी पांच मंजिला इमारत रविवार दोपहर अचानक भरभराकर गिर गई। इमारत के गिरते ही उसके मलबे में कई लोगों के फंसे होने की आशंका जताई गई। हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। बचाव अभियान में स्थानीय लोग और छात्र भी सुरक्षा एवं राहत टीमों के साथ जुटे रहे। घटनास्थल पर मलबा हटाने और उसके भीतर फंसे लोगों की तलाश का काम जारी रहा। प्रारंभिक जानकारी में मलबे में करीब 30 से 40 छात्रों के दबे होने की आशंका जताई गई थी। हालांकि, इस संख्या को आशंका के तौर पर बताया गया था। बाद की उपलब्ध जानकारी में हादसे में तीन लोगों की मौत की पुष्टि की गई।

बताई गई जानकारी के मुताबिक, जिस इमारत के ढहने से हादसा हुआ, उसमें पीजी संचालित हो रहा था। यहां रहने वाले लोगों में बड़ी संख्या दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों की थी। इमारत के अचानक गिरने के बाद छात्रों के बीच भी चिंता की स्थिति बनी रही। घटनास्थल पर मौजूद स्थानीय लोग और छात्र बचाव दल के साथ राहत कार्य में सहयोग करते दिखाई दिए। मलबे के भीतर लोगों की मौजूदगी की आशंका के चलते बचाव अभियान पर ध्यान केंद्रित किया गया।

हादसे के बाद पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। मलबे को हटाकर उसके नीचे फंसे लोगों को तलाशने का अभियान चलाया गया। स्थानीय लोगों ने भी बचाव कार्य में मदद की। हादसे के बाद सत्य निकेतन में बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल के आसपास मौजूद रहे। बचाव कार्य के दौरान मलबे के आसपास लोगों की आवाजाही और सुरक्षा को लेकर भी प्रशासनिक टीमें सक्रिय रहीं। घटना की गंभीरता को देखते हुए बचाव अभियान लगातार जारी रखा गया। हादसे में अब तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि सामने आई है।

सत्य निकेतन में इमारत गिरने के बाद दिल्ली के एलजी तरनजीत सिंह संधू घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने मौके पर चल रहे राहत एवं बचाव कार्य का जायजा लिया। स्पेशल सीपी (लॉ एंड ऑर्डर) नीरज ठाकुर भी घटनास्थल पर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने वहां चल रहे बचाव अभियान की स्थिति देखी और मौके पर मौजूद टीमों से जानकारी ली। घटनास्थल पर अधिकारियों की मौजूदगी के बीच बचाव दल मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुटा रहा।

पांच मंजिला इमारत के अचानक ढहने से सत्य निकेतन इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हादसे की जानकारी फैलने के बाद स्थानीय लोग घटनास्थल पर पहुंचे और राहत कार्य में मदद करने लगे। पुलिस और दमकल विभाग की टीमों के पहुंचने के बाद बचाव अभियान को आगे बढ़ाया गया। मलबे के नीचे लोगों के दबे होने की आशंका के कारण बचाव दल ने मौके पर लगातार काम किया। हादसे में तीन लोगों की मौत की पुष्टि होने के बाद मृतकों की संख्या सामने आई है, जबकि उपलब्ध जानकारी के अनुसार बचाव अभियान उस समय भी जारी था।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सत्य निकेतन में हुए हादसे पर एक्स पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने हादसे को बेहद दुखद बताया और मलबे में दबे छात्रों तक राहत टीम के तत्काल पहुंचने की बात कही। राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस-एनएसयूआई कार्यकर्ता मौके पर मदद कर रहे हैं। उन्होंने अपने पोस्ट में छात्रों के लिए सुरक्षित आवास की आवश्यकता का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, हॉस्टल नहीं मिलने के कारण छात्र असुरक्षित पीजी में रहने के लिए मजबूर होते हैं और हर छात्र की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।

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