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दिल्ली लक्ष्मी योजना पर सियासत तेज, कांग्रेस ने 2500 रुपये को लेकर उठाए सवाल

देवेंद्र यादव का दावा है कि 26 अगस्त तक 17.50 लाख के लक्ष्य के मुकाबले 6.65 लाख महिलाओं का ही पूर्ण पंजीकरण हो पाया।
Bureau
Bureau News Desk
28 Aug 2026
01:01 PM
1 min read
दिल्ली लक्ष्मी योजना पर सियासत तेज, कांग्रेस ने 2500 रुपये को लेकर उठाए सवाल
हाइलाइट्स
दिल्ली की लक्ष्मी योजना को लेकर कांग्रेस ने सरकार से कई सवाल पूछे हैं।
कांग्रेस के अनुसार, योजना में 17.50 लाख महिलाओं को लाभ देने का लक्ष्य है।
देवेंद्र यादव का दावा है कि 26 अगस्त तक 6.65 लाख महिलाओं का पूर्ण पंजीकरण हुआ था।
कांग्रेस ने रक्षाबंधन तक 2500 रुपये की सहायता नहीं मिलने का मुद्दा उठाया।

दिल्ली में महिलाओं को आर्थिक सहायता देने वाली लक्ष्मी योजना को लेकर कांग्रेस और दिल्ली सरकार के बीच राजनीतिक बहस तेज हो गई है। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर योजना के तहत महिलाओं को 2500 रुपये की सहायता देने के वादे को लेकर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस का कहना है कि निर्धारित समयसीमा के मुताबिक महिलाओं के खातों में सहायता राशि पहुंचनी चाहिए थी, लेकिन रक्षाबंधन के अवसर तक बड़ी संख्या में महिलाओं को इसका इंतजार करना पड़ा।

देवेंद्र यादव ने योजना के तहत लाभार्थियों के पंजीकरण और सहायता राशि दिए जाने की प्रक्रिया को लेकर कई सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि 17.50 लाख महिलाओं को लाभ देने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि 26 अगस्त तक केवल 6.65 लाख महिलाओं का पूर्ण पंजीकरण हो पाया था।

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कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने कहा कि 26 अगस्त को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने उपराज्यपाल की मौजूदगी में 2500 महिलाओं को 2500 रुपये की सहायता के लिए स्वीकृति पत्र दिए। कांग्रेस ने इस प्रक्रिया को लेकर दावा किया कि इससे योजना के तहत वास्तविक राशि मिलने की तारीख आगे खिसक गई। यादव के अनुसार, रक्षाबंधन के मौके पर महिलाओं को 2500 रुपये की आर्थिक सहायता मिलने की उम्मीद थी, लेकिन बड़ी संख्या में लाभार्थियों को राशि का इंतजार करना पड़ा। कांग्रेस ने इसी मुद्दे को आधार बनाकर सरकार से योजना के क्रियान्वयन की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कांग्रेस का दावा है कि योजना के तहत 17.50 लाख महिलाओं को लाभ देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वहीं, 26 अगस्त तक 6.65 लाख महिलाओं का पूर्ण पंजीकरण होने की बात कही गई है। कांग्रेस ने इन आंकड़ों के आधार पर योजना की प्रगति पर सवाल उठाया है।

देवेंद्र यादव ने कहा कि महिलाओं को 2500 रुपये की सहायता देने की घोषणा के बाद भी योजना का लाभ व्यापक स्तर पर नहीं पहुंचा है। कांग्रेस ने दावा किया कि सरकार की ओर से तय समयसीमा के अनुसार महिलाओं के बैंक खातों में राशि पहुंचनी चाहिए थी। यादव ने यह भी कहा कि अब सरकार करीब 5000 महिलाओं के खातों में राशि भेजने की बात कर रही है। कांग्रेस नेता ने इसे योजना के घोषित उद्देश्य और लाभार्थियों की अपेक्षित संख्या के संदर्भ में उठाया गया सवाल बताया। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में सरकार की ओर से इस संबंध में कोई विस्तृत प्रतिक्रिया या स्पष्टीकरण शामिल नहीं है। इसलिए राशि वितरण की वास्तविक स्थिति के संबंध में कांग्रेस द्वारा बताए गए आंकड़ों को उसके दावे के रूप में ही देखा जा रहा है।

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कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने लक्ष्मी योजना को महंगाई के मुद्दे से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि रोजमर्रा की कई जरूरी वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी से परिवारों के घरेलू बजट पर दबाव बढ़ा है। यादव ने चीनी, प्याज, खाद्य तेल, सब्जियों और फलों जैसी वस्तुओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इनकी कीमतों का असर गरीब, निम्न आय और मध्यम वर्गीय परिवारों पर पड़ रहा है। कांग्रेस का कहना है कि ऐसे हालात में महिलाओं को दी जाने वाली आर्थिक सहायता की राशि बढ़ाने पर भी सरकार को विचार करना चाहिए। यह मांग कांग्रेस की ओर से रखी गई है। उपलब्ध सामग्री में सरकार की ओर से सहायता राशि बढ़ाने के संबंध में कोई निर्णय या आधिकारिक घोषणा का उल्लेख नहीं है।

देवेंद्र यादव ने जनवरी 2025 में प्रकाशित दिल्ली की मतदाता सूची का हवाला देते हुए राजधानी में करीब 71 लाख महिला मतदाताओं का आंकड़ा सामने रखा। उन्होंने कहा कि 8 मार्च 2025 को महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं को 2500 रुपये देने का वादा किया गया था, लेकिन यह वादा अब तक पूरा नहीं हुआ। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने इसी आंकड़े के आधार पर लक्ष्मी योजना में निर्धारित 17.50 लाख महिलाओं के लक्ष्य पर भी सवाल उठाया। उनका कहना है कि दिल्ली में महिला मतदाताओं की संख्या करीब 71 लाख होने के बावजूद योजना के लिए 17.50 लाख महिलाओं का लक्ष्य क्यों तय किया गया। कांग्रेस ने इसे योजना की पहुंच और पात्रता के दायरे से जुड़ा विषय बताया है। उपलब्ध जानकारी में सरकार की ओर से 17.50 लाख के लक्ष्य के निर्धारण का विस्तृत आधार नहीं दिया गया है।

देवेंद्र यादव ने इस मुद्दे पर कांग्रेस के शासनकाल में लागू लाडली योजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने बेटियों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से लाडली योजना शुरू की थी। इसके साथ ही उन्होंने आम आदमी पार्टी के दिल्ली में करीब 10 साल के शासन का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि इस अवधि में लाडली योजना कमजोर हुई। यादव ने आम आदमी पार्टी के महिलाओं को 1000 रुपये देने के वादे का भी उल्लेख किया और दावा किया कि यह वादा पूरा नहीं किया गया। कांग्रेस नेता ने कहा कि अब भाजपा सरकार के कार्यकाल में महिलाओं को 2500 रुपये देने की योजना को लेकर भी इंतजार की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने महिलाओं के लिए सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन पर सवाल उठाए।

लक्ष्मी योजना की पात्रता शर्तों में 2.50 लाख रुपये की सालाना पारिवारिक आय सीमा को लेकर भी कांग्रेस ने आपत्ति जताई है। देवेंद्र यादव का आरोप है कि इस आय सीमा के कारण बड़ी संख्या में महिलाएं योजना के लाभ से बाहर हो सकती हैं। कांग्रेस का कहना है कि निर्धारित आय सीमा के कारण मुख्य रूप से अकुशल श्रमिक परिवारों को लाभ मिल सकता है, जबकि कुशल श्रमिक परिवारों की आय इस सीमा से अधिक होने की स्थिति में वे योजना के दायरे से बाहर हो सकते हैं।

यादव ने सरकार से पात्रता मानदंड पर पुनर्विचार करने की मांग की है। कांग्रेस के अनुसार, आय सीमा का निर्धारण इस तरह होना चाहिए कि अधिक संख्या में पात्र महिलाओं को योजना का लाभ मिल सके। यहां भी उपलब्ध जानकारी में सरकार की ओर से आय सीमा को बदलने या मौजूदा पात्रता नियमों में संशोधन किए जाने की कोई घोषणा नहीं दी गई है।

देवेंद्र यादव ने केवल लक्ष्मी योजना तक अपने सवाल सीमित नहीं रखे। उन्होंने केंद्र की विभिन्न योजनाओं और अभियानों का भी उल्लेख किया। कांग्रेस नेता ने स्वच्छता अभियान, घरों तक शौचालय, उज्ज्वला योजना, सुकन्या योजना और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान का जिक्र करते हुए इनके परिणामों पर सवाल उठाए। उन्होंने लक्ष्मी योजना को भी इसी संदर्भ में रखा और कहा कि इन योजनाओं का अपेक्षित लाभ लोगों तक पहुंचने की स्थिति पर सरकार को जवाब देना चाहिए। इन योजनाओं को लेकर यादव द्वारा लगाए गए आरोप कांग्रेस के राजनीतिक रुख का हिस्सा हैं। उपलब्ध सामग्री में इन आरोपों के संबंध में केंद्र सरकार या संबंधित विभाग की कोई प्रतिक्रिया शामिल नहीं है।

लक्ष्मी योजना को लेकर मौजूदा राजनीतिक विवाद का प्रमुख मुद्दा 2500 रुपये की आर्थिक सहायता और इसके वितरण की समयसीमा है। कांग्रेस का कहना है कि रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं को इस सहायता राशि की उम्मीद थी, लेकिन बड़ी संख्या में लाभार्थियों को भुगतान का इंतजार करना पड़ा। दूसरी ओर, उपलब्ध जानकारी में 26 अगस्त को 2500 महिलाओं को 2500 रुपये की सहायता के लिए स्वीकृति पत्र दिए जाने का उल्लेख है। कांग्रेस ने इसी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाया है और दावा किया है कि वास्तविक राशि के वितरण में देरी हुई। योजना के कुल लक्ष्य, पंजीकरण और वास्तविक भुगतान के बीच अंतर को लेकर कांग्रेस ने सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।

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