लखनऊ के पारा थाना क्षेत्र में आवारा पशुओं को पकड़ने पहुंची नगर निगम की टीम पर पथराव का मामला सामने आया है। रविवार को चलाए जा रहे अभियान के दौरान टीम की कार्रवाई का कुछ लोगों ने विरोध किया। इसी दौरान पथराव हुआ, जिसमें नगर निगम के कई कर्मचारी घायल हो गए। हमले में अभियान में शामिल तीन सरकारी वाहनों के शीशे भी टूट गए।
घटना के बाद पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज किया और दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इस बीच नगर निगम की टीम ने अभियान जारी रखते हुए 18 भैंसों को पकड़कर ठाकुरगंज स्थित कांजी हाउस भेजा।
नगर निगम की जोन-6 की टीम पारा क्षेत्र में सड़क पर खुलेआम घूम रहे आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए अभियान चला रही थी। इसी दौरान कुछ लोगों ने नगर निगम की कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, विरोध के दौरान स्थिति बिगड़ गई और नगर निगम की टीम पर पथराव किया गया। अचानक हुए पथराव से मौके पर मौजूद कर्मचारियों में अफरातफरी की स्थिति पैदा हो गई। अभियान के दौरान टीम के कई कर्मचारियों को चोटें आईं। सरकारी अभियान में इस्तेमाल किए जा रहे वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया गया।
यह खबर भी पढ़े - लखनऊ में पांच मिनट तक तार से चिपकी रही महिला, 11 हजार वोल्ट की लाइन बनी वजह
पथराव के दौरान नगर निगम के तीन सरकारी वाहनों के शीशे टूट गए। ये वाहन आवारा पशुओं को पकड़ने के अभियान में इस्तेमाल किए जा रहे थे। घटना के बाद मौके पर पुलिस बल की मौजूदगी रही। पथराव और वाहनों के क्षतिग्रस्त होने के कारण अभियान के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी। इसके बावजूद नगर निगम की टीम ने कार्रवाई जारी रखी।
नगर निगम की टीम ने विरोध और पथराव के बीच अभियान को जारी रखा। टीम ने कार्रवाई करते हुए कुल 18 भैंसों को पकड़ा। पकड़ी गई भैंसों को ठाकुरगंज स्थित कांजी हाउस भेजा गया। नगर निगम के अभियान का उद्देश्य सड़क पर खुलेआम घूम रहे पशुओं को हटाना था। यह कार्रवाई पारा थाना क्षेत्र में नगर निगम की जोन-6 टीम द्वारा की जा रही थी।
घटना के संबंध में पशु कल्याण प्रभारी अवधेश कुमार की ओर से पारा थाने में तहरीर दी गई थी। इसमें नामजद और अज्ञात लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी।तहरीर मिलने के बाद पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज किया। पुलिस के अनुसार, घटना से जुड़े दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है। घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस कार्रवाई के तहत उपलब्ध जानकारी और शिकायत के आधार पर घटनाक्रम से जुड़े लोगों की पहचान की जा रही है। फिलहाल दो आरोपियों की गिरफ्तारी की पुष्टि की गई है।
मामले में नगर निगम कर्मचारियों के घायल होने के साथ-साथ सरकारी वाहनों के क्षतिग्रस्त होने का तथ्य भी सामने आया है। पथराव में तीन वाहनों के शीशे टूटे हैं। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि पथराव में कौन-कौन लोग शामिल थे। नगर निगम की ओर से भी सरकारी अभियान में बाधा उत्पन्न किए जाने और वाहनों को हुए नुकसान को लेकर कार्रवाई की मांग की गई है।
यह पूरा घटनाक्रम पारा थाना क्षेत्र में नगर निगम के आवारा पशु पकड़ने के अभियान के दौरान हुआ। नगर निगम की टीम कार्रवाई के लिए मौके पर पहुंची थी। विरोध शुरू होने के बाद स्थिति बिगड़ी और पथराव की घटना हुई। घटना के बाद पुलिस ने मामले को दर्ज कर जांच शुरू की। वहीं, नगर निगम की ओर से पकड़े गए 18 पशुओं को कांजी हाउस भेजा गया।
पशु कल्याण प्रभारी अवधेश कुमार की तहरीर के आधार पर पारा थाने में नामजद और अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पारा इंस्पेक्टर के अनुसार, मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस घटना में शामिल अन्य लोगों के संबंध में जांच कर रही है। नगर निगम टीम पर पथराव, कर्मचारियों के घायल होने और तीन सरकारी वाहनों के शीशे टूटने की घटना के संबंध में पुलिस की जांच जारी है।
Explore Related Topics
टिप्पणियाँ
टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें