Sunday, 13 September 2026 | Lucknow | 29°C

BRICS से BSP के बूथ तक, मायावती ने बैठक में सामने रखा पार्टी का पूरा एजेंडा

BSP प्रमुख ने BRICS में सर्वसम्मति से जारी 140 पैराग्राफ के घोषणापत्र का उल्लेख किया और पंचायती कर्मचारियों की समस्याओं के साथ संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की बात कही।
Bureau
Bureau News Desk
13 Sep 2026
02:01 PM
1 min read
BRICS से BSP के बूथ तक, मायावती ने बैठक में सामने रखा पार्टी का पूरा एजेंडा
हाइलाइट्स
मायावती ने BSP की बैठक में तीन प्रमुख मुद्दों पर पार्टी का रुख रखा।
BRICS के 18वें शिखर सम्मेलन के 140 पैराग्राफ वाले घोषणापत्र का उन्होंने विशेष उल्लेख किया।
यूक्रेन, अमेरिका-ईरान तनाव, व्यापारिक तनाव और टैरिफ जैसी वैश्विक चुनौतियों का जिक्र किया गया।
लखनऊ में धरने पर बैठे पंचायती विभाग के कर्मचारियों की समस्याएं भी बैठक के एजेंडे में शामिल रहीं।

बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने रविवार को पार्टी की बैठक में BRICS शिखर सम्मेलन, लखनऊ में धरने पर बैठे पंचायती विभाग के कर्मचारियों की समस्याओं और देशभर में पार्टी के संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने से जुड़े मुद्दों पर अपना पक्ष रखा। बैठक में इन तीन विषयों को प्रमुख एजेंडे के तौर पर रखा गया।

BRICS सम्मेलन का उल्लेख करते हुए मायावती ने कहा कि मौजूदा समय में दुनिया अंतरराष्ट्रीय तनाव और आर्थिक चुनौतियों से गुजर रही है। ऐसे माहौल में BRICS देशों की ओर से 18वें शिखर सम्मेलन में 140 पैराग्राफ वाला घोषणापत्र सर्वसम्मति से जारी किया जाना आपसी समझ-बूझ और कूटनीतिक उपलब्धि से कम नहीं है।

मायावती ने BRICS के 18वें शिखर सम्मेलन के दौरान जारी किए गए 140 पैराग्राफ वाले घोषणापत्र को अपने बयान का प्रमुख हिस्सा बनाया। उनके मुताबिक, मौजूदा अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के बीच सदस्य देशों का व्यापक घोषणापत्र पर सर्वसम्मति बनाना महत्वपूर्ण है। उन्होंने वैश्विक स्तर पर जारी तनाव और आर्थिक चुनौतियों का भी उल्लेख किया। मायावती के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां इस समय सामान्य नहीं हैं और अलग-अलग क्षेत्रों में चल रहे संघर्ष तथा व्यापारिक तनाव का प्रभाव वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। उनके बयान में BRICS देशों के बीच संवाद और सहमति को विशेष महत्व दिया गया। मायावती ने ऐसे समय में सदस्य देशों के बीच साझा घोषणापत्र पर सहमति को कूटनीतिक उपलब्धि के तौर पर रेखांकित किया।

यह खबर भी पढ़े - फूलों की होली और कृष्ण लीला ने मोहा मन, चिनहट में देर रात तक चला जन्मोत्सव

BSP प्रमुख ने अपने बयान में यूक्रेन से जुड़े युद्ध और संघर्ष का उल्लेख किया। इसके साथ ही अमेरिका और ईरान के बीच जारी गंभीर तनाव तथा सैन्य संघर्ष की स्थिति का भी जिक्र किया गया। मायावती ने कहा कि दुनिया के विभिन्न हिस्सों में चल रहे संघर्षों का असर संबंधित देशों तक सीमित नहीं रहता। इनके प्रभाव वैश्विक अर्थव्यवस्था, व्यापार, रोजगार और आम लोगों के जीवन पर भी पड़ सकते हैं। उन्होंने व्यापारिक तनाव और टैरिफ जैसी नीतियों को भी वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के संदर्भ में रखा। उनके अनुसार, मौजूदा परिस्थितियों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक सहयोग और संवाद महत्वपूर्ण हैं।

मायावती ने अपने बयान में टैरिफ और व्यापारिक तनाव का भी उल्लेख किया। अंतरराष्ट्रीय व्यापार में बढ़ते तनाव के कारण विभिन्न अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ने वाले प्रभाव को उन्होंने वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों से जोड़कर देखा। टैरिफ से जुड़े मुद्दे वैश्विक व्यापार और अर्थव्यवस्थाओं के लिए चुनौती पैदा कर सकते हैं। मायावती ने इसी संदर्भ में BRICS देशों के बीच सहयोग और सम्मेलन में बनी सहमति को महत्वपूर्ण बताया। उनका बयान ऐसे समय में आया है जब पार्टी की बैठक में अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम के साथ-साथ उत्तर प्रदेश से जुड़े स्थानीय मुद्दों को भी चर्चा के एजेंडे में शामिल किया गया।

BSP की बैठक का दूसरा प्रमुख मुद्दा लखनऊ में धरने पर बैठे पंचायती विभाग के कर्मचारियों की समस्याएं रहीं। मायावती ने बताया कि पार्टी की बैठक में इन कर्मचारियों की समस्याओं पर भी चर्चा की जाएगी। राजधानी में कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे हैं। पार्टी की बैठक के एजेंडे में इस मुद्दे को शामिल किए जाने से कर्मचारियों से जुड़े सवालों को राजनीतिक स्तर पर उठाने की BSP की प्राथमिकता सामने आई है। मायावती के बयान में कर्मचारियों की मांगों और उनकी समस्याओं पर ध्यान देने की बात कही गई। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इन कर्मचारियों की किसी विशिष्ट मांग या सरकार की ओर से इस संबंध में लिए गए किसी विशेष निर्णय का विस्तृत उल्लेख नहीं है।

बैठक में तीसरा प्रमुख मुद्दा BSP के संगठन को देशभर में ग्रासरूट स्तर पर मजबूत करना रहा। मायावती ने बहुजन समाज के बीच पार्टी का जनाधार बढ़ाने पर जोर दिया। इसके लिए संगठन को जमीनी स्तर तक सक्रिय करने की आवश्यकता पर बात की गई। पार्टी का फोकस गांव, सेक्टर और बूथ स्तर तक संगठन की पहुंच मजबूत करने पर है। इसके तहत स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाने और लोगों से संपर्क मजबूत करने की दिशा में काम करने की बात सामने आई है।

मायावती ने बहुजन समाज के बीच BSP के जनाधार को बढ़ाने को बैठक के महत्वपूर्ण उद्देश्यों में शामिल किया। पार्टी की राजनीति में बहुजन समाज लंबे समय से केंद्रीय भूमिका में रहा है। बैठक में संगठन विस्तार के साथ इस वर्ग के बीच पार्टी की पहुंच और सक्रियता बढ़ाने पर जोर दिया गया। संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की प्रक्रिया में स्थानीय मुद्दों को समझना, कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाना और लोगों से नियमित संपर्क बनाए रखना प्रमुख विषयों में शामिल किए गए हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मायावती ने पार्टी के संगठन को केवल चुनावी गतिविधियों तक सीमित रखने के बजाय देशभर में जमीनी स्तर पर मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

BSP की बैठक में संगठन के विस्तार को गांव, सेक्टर और बूथ स्तर तक ले जाने की बात कही गई। जमीनी संगठन किसी भी राजनीतिक दल के लिए स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं और जनता के बीच संपर्क का प्रमुख माध्यम होता है। मायावती ने इसी स्तर पर पार्टी की सक्रियता बढ़ाने पर जोर दिया। बैठक के एजेंडे में कार्यकर्ताओं की भूमिका और बहुजन समाज के बीच संपर्क बढ़ाने को भी महत्व दिया गया। इसका उद्देश्य पार्टी की संगठनात्मक मौजूदगी को देशभर में मजबूत करना बताया गया।

मायावती की ओर से बताए गए बैठक के तीन प्रमुख विषय अलग-अलग स्तर के मुद्दों से जुड़े हैं। पहला मुद्दा अंतरराष्ट्रीय स्तर का है, जिसमें BRICS सम्मेलन और उसके 140 पैराग्राफ वाले घोषणापत्र पर पार्टी का रुख शामिल है। दूसरा मुद्दा स्थानीय और कर्मचारी वर्ग से जुड़ा है। इसमें लखनऊ में धरने पर बैठे पंचायती विभाग के कर्मचारियों की समस्याओं को शामिल किया गया है। तीसरा मुद्दा पूरी तरह संगठनात्मक है। इसमें BSP को देशभर में जमीनी स्तर पर मजबूत करने और बहुजन समाज के बीच पार्टी का जनाधार बढ़ाने की बात कही गई है। इस तरह बैठक के एजेंडे में अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम, स्थानीय कर्मचारी मुद्दा और पार्टी का संगठनात्मक विस्तार तीनों शामिल रहे।

BSP की बैठक में संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया। पार्टी की ओर से गांव, सेक्टर और बूथ स्तर तक सक्रियता बढ़ाने की बात कही गई है। इसमें कार्यकर्ताओं की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। स्थानीय स्तर पर पार्टी की मौजूदगी बढ़ाने और बहुजन समाज के अलग-अलग वर्गों तक संपर्क मजबूत करने को संगठन विस्तार के प्रमुख हिस्से के तौर पर रखा गया है। मायावती ने बहुजन समाज के बीच पार्टी के जनाधार को बढ़ाने को भी इस अभियान से जोड़ा। बैठक में संगठन की सक्रियता और लोगों से संपर्क बढ़ाने की दिशा में आगे काम करने का मुद्दा रखा गया।

BSP की बैठक में अंतरराष्ट्रीय मुद्दे BRICS के साथ लखनऊ के पंचायती विभाग के कर्मचारियों का मामला शामिल किया जाना पार्टी के एजेंडे के दायरे को दर्शाता है। एक तरफ मायावती ने वैश्विक आर्थिक और कूटनीतिक परिस्थितियों पर प्रतिक्रिया दी, वहीं दूसरी तरफ राजधानी में चल रहे कर्मचारियों के धरने से जुड़े मुद्दे को भी बैठक में जगह दी। इससे पार्टी के सामने मौजूद राष्ट्रीय, स्थानीय और संगठनात्मक मुद्दों को एक साथ चर्चा में शामिल किए जाने की जानकारी मिलती है।

Explore Related Topics

मायावती BRICS BRICS घोषणापत्र BSP मायावती का बयान BSP बैठक पंचायती विभाग कर्मचारी BSP संगठन विस्तार बहुजन समाज पार्टी BRICS शिखर सम्मेलन

 

टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें

इस खबर को खबर पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद

ऐसी ही खबरों के लिए निचे स्क्रॉल करें

या होम पेज पर लेटेस्ट न्यूज़ पढ़ने के लिए क्लिक करें →

Related News