राजधानी लखनऊ के चिनहट इलाके में रविवार सुबह शुरू हुआ अग्निकांड कई घंटे बाद भी थमने का नाम नहीं ले रहा है। सुबह करीब छह बजे हिमालय कोल्ड स्टोरेज में लगी भीषण आग लगातार धधक रही है और समाचार लिखे जाने तक उस पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका है। आग की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि धुएं का घना गुबार कई किलोमीटर दूर तक दिखाई दे रहा है, जबकि प्रशासन ने एहतियात के तौर पर दयाल रेजिडेंसी में आसपास के घरों को खाली करा दिया है।




राजधानी लखनऊ के चिनहट थाना क्षेत्र स्थित हिमालय कोल्ड स्टोरेज में रविवार सुबह लगी भीषण आग छह घंटे बाद भी बेकाबू बनी हुई है। आग बुझाने के लिए चलाया जा रहा राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है, लेकिन समाचार लिखे जाने तक लपटों पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका था। आग की गंभीरता को देखते हुए दमकल विभाग ने संसाधन बढ़ा दिए हैं और अब तक करीब दो दर्जन फायर टेंडर मौके पर लगाए जा चुके हैं। इसके अलावा राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की दो टीमें भी राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं।
आग रविवार सुबह करीब छह बजे चिनहट स्थित हिमालय कोल्ड स्टोरेज में लगी थी। देखते ही देखते आग ने पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया और घना धुआं दूर-दूर तक फैल गया। आग के लगातार धधकने के कारण आसपास के रिहायशी क्षेत्रों में भी एहतियात बरती जा रही है।
शुरुआत में दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, लेकिन आग की तीव्रता को देखते हुए लगातार अतिरिक्त फायर टेंडर और हाइड्रोलिक वाहन बुलाए गए। अब तक करीब दो दर्जन दमकल गाड़ियां आग बुझाने में लगी हुई हैं। इसके बावजूद आग पूरी तरह नियंत्रित नहीं हो सकी है और राहत अभियान लगातार जारी है।
एसडीआरएफ की दो टीमें भी मौके पर तैनात हैं और दमकल विभाग, पुलिस तथा प्रशासन के साथ मिलकर राहत एवं बचाव कार्य में सहयोग कर रही हैं। आग फैलने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने दयाल रेजिडेंसी समेत आसपास के कई मकानों को एहतियातन खाली करा दिया है। पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर लोगों की आवाजाही सीमित कर दी है, जबकि स्थानीय लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
अहियागंज के कई व्यापारियों का माल हिमालय कोल्ड स्टोरेज में रखा हुआ था। आग की वजह से बड़ी मात्रा में सामान के नष्ट होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, प्रशासन ने अभी तक नुकसान का आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया है। अधिकारियों का कहना है कि आग पूरी तरह बुझने के बाद ही वास्तविक क्षति का आकलन किया जा सकेगा।
आग के फैलने की आशंका को देखते हुए दयाल रेजिडेंसी और आसपास के कई मकानों को एहतियातन खाली कराया गया। पुलिस और प्रशासन ने स्थानीय लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग अपने घरों से बाहर निकल आए, जबकि आसपास के रास्तों पर भी सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई।
प्रशासन की ओर से अब तक किसी जनहानि की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। हालांकि आग की तीव्रता को देखते हुए राहत एवं बचाव दल पूरी सतर्कता के साथ अभियान चला रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आग पर पूरी तरह नियंत्रण मिलने तक अभियान जारी रहेगा।
घटनास्थल पर मौजूद कुछ स्थानीय लोगों का आरोप है कि घनी आबादी वाले रिहायशी क्षेत्र के बीच व्यावसायिक कोल्ड स्टोरेज का संचालन सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर चिंता का विषय है। उनका कहना है कि इस तरह की व्यावसायिक गतिविधियों के कारण आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा पर लगातार जोखिम बना रहता है। हालांकि, स्थानीय लोगों के इन आरोपों पर प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
फिलहाल आग लगने के कारण स्पष्ट नहीं हो सके हैं। प्रशासन का कहना है कि जब तक आग पूरी तरह नहीं बुझ जाती, तब तक घटनास्थल का विस्तृत निरीक्षण संभव नहीं है। इसके बाद ही आग लगने के कारण, संभावित नुकसान और सुरक्षा मानकों के पालन की जांच की जाएगी।
यह एक (डेवलपिंग स्टोरी) है। आग बुझाने का अभियान अभी भी जारी है। जैसे-जैसे प्रशासन की ओर से नई आधिकारिक जानकारी सामने आएगी, खबर को अपडेट किया जाएगा।
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