राजधानी लखनऊ में मौलाना जरजिस अंसारी के कथित बयान को लेकर राजनीतिक बयानबाजी अब पोस्टर वार तक पहुंच गई है। भारतीय जनता पार्टी के नेता मनीष यादव ने शहर के विभिन्न इलाकों में पोस्टर लगाकर समाजवादी पार्टी और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से सार्वजनिक रूप से सवाल पूछे। पोस्टरों में मौलाना के कथित बयान का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव से अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की गई है। साथ ही श्रीकृष्ण जन्मभूमि के मुद्दे पर भी उनकी स्थिति स्पष्ट करने की बात कही गई है।
इस पोस्टरबाजी के बाद राजधानी की राजनीति और गरमा गई। लखनऊ के वीवीआईपी गेस्ट हाउस के बाहर लगाए गए पोस्टर सबसे अधिक चर्चा का विषय बने। पोस्टरों में भगवान श्रीकृष्ण का चित्र भी लगाया गया था, जिससे राजनीतिक विवाद और तेज हो गया।
भाजपा नेता मनीष यादव का कहना है कि मौलाना जरजिस अंसारी के कथित बयान को लेकर समाजवादी पार्टी को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को यह बताना चाहिए कि वह इस पूरे विवाद पर क्या सोच रखते हैं। उनका कहना है कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि जैसे विषय पर भी जनता के सामने स्पष्ट रुख आना चाहिए और वह इस मुद्दे को लगातार उठाते रहेंगे।
पोस्टर लगाए जाने की सूचना मिलने के बाद समाजवादी पार्टी के नेता शौकत अली मौके पर पहुंचे। उन्होंने विरोध जताते हुए पोस्टर फाड़ दिया और उसका फटा हुआ हिस्सा अपने साथ ले गए। इस घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों के बीच भी चर्चा का माहौल बन गया।
पोस्टर हटाने के बाद सपा नेता शौकत अली ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता के संरक्षण में समाजवादी पार्टी को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। उनका आरोप था कि सरकार से जुड़े वास्तविक मुद्दों पर सवाल उठाने के बजाय पोस्टरबाजी के जरिए राजनीतिक माहौल बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों में सरकार से जुड़े मुद्दों पर सवाल पूछने का साहस नहीं है, वही इस तरह के पोस्टर लगाकर जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास कर रहे हैं।
मामले को लेकर भाजपा और समाजवादी पार्टी के नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। दोनों पक्षों ने अपने-अपने तर्क रखे हैं और इस पूरे घटनाक्रम ने राजधानी की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। आने वाले दिनों में दोनों दलों की ओर से इस मुद्दे पर और प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है।
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