दिल्ली में रोजाना लाखों लोगों के लिए सड़क पार करना अब पहले से अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक हो सकता है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) ने राजधानी के 13 मेट्रो स्टेशनों पर नए फुट ओवर ब्रिज (एफओबी) और सबवे (अंडरपास) बनाने की योजना तैयार की है। खास बात यह है कि इनका उपयोग केवल मेट्रो यात्रियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बिना मेट्रो यात्रा किए भी आम लोग व्यस्त सड़कों को सुरक्षित तरीके से पार कर सकेंगे।
डीएमआरसी के अनुसार, इन फुट ओवर ब्रिज और सबवे को इस प्रकार डिज़ाइन किया जाएगा कि लोगों को मेट्रो स्टेशन के भुगतान वाले क्षेत्र (पेड एरिया) में प्रवेश करने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे पैदल यात्रियों को सड़क पार करने के लिए ट्रैफिक के बीच जोखिम उठाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
नई व्यवस्था से उन लोगों को भी राहत मिलेगी जो केवल सड़क के एक ओर से दूसरी ओर जाना चाहते हैं। वहीं, मेट्रो यात्रियों के लिए विभिन्न लाइनों के बीच इंटरचेंज पहले की तुलना में अधिक आसान होगा। डीएमआरसी का कहना है कि यह पहल यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के साथ-साथ समय की भी बचत करेगी।
यह सभी निर्माण कार्य दिल्ली मेट्रो के फेज-4 विस्तार परियोजना का हिस्सा हैं। जनकपुरी वेस्ट-आरके आश्रम मार्ग कॉरिडोर पर पांच फुट ओवर ब्रिज बनाए जाएंगे, जबकि एरोसिटी-तुगलकाबाद कॉरिडोर पर चार फुट ओवर ब्रिज और चार सबवे तैयार किए जाएंगे। डीएमआरसी को उम्मीद है कि दोनों कॉरिडोर मौजूदा वित्तीय वर्ष के दौरान तैयार हो जाएंगे।
जनकपुरी वेस्ट-आरके आश्रम मार्ग कॉरिडोर के अंतर्गत केशोपुर, मंगोलपुरी, पीरागढ़ी, मधुबन चौक और आजादपुर स्टेशन पर नए फुट ओवर ब्रिज बनाए जाएंगे। केशोपुर और मंगोलपुरी में बनने वाले एफओबी व्यस्त सड़कों पर पैदल आवाजाही को सुरक्षित बनाएंगे। वहीं पीरागढ़ी, मधुबन चौक और आजादपुर में इनका उपयोग अलग-अलग मेट्रो लाइनों के बीच इंटरचेंज को आसान बनाने के लिए भी किया जाएगा।
मधुबन चौक स्टेशन पर 185 मीटर लंबा और छह मीटर चौड़ा फुट ओवर ब्रिज बनाया जाएगा, जो मैजेंटा लाइन और रेड लाइन के बीच आवागमन को आसान बनाएगा।
पीरागढ़ी स्टेशन पर 165 मीटर लंबा एफओबी मैजेंटा लाइन को ग्रीन लाइन से जोड़ेगा। वहीं आजादपुर को ट्रिपल इंटरचेंज स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां दो अलग-अलग फुट ओवर ब्रिज बनाए जाएंगे, जिनमें एक येलो लाइन और दूसरा पिंक लाइन से बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराएगा।
एरोसिटी-तुगलकाबाद कॉरिडोर पर महिपालपुर, किशनगढ़, वसंत कुंज और छतरपुर में पैदल यात्रियों के लिए सबवे बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा साकेत जी ब्लॉक, अंबेडकर नगर, खानपुर और संगम विहार में फुट ओवर ब्रिज तैयार किए जाएंगे।
छतरपुर स्टेशन पर दो अलग-अलग सबवे प्रस्तावित हैं। इनमें एक एंट्री गेट-3 और गेट-4 को स्टेशन से जोड़ेगा, जबकि दूसरा येलो लाइन के साथ इंटरचेंज सुविधा उपलब्ध कराएगा।
डीएमआरसी के अनुसार, वर्तमान में उसका परिचालन नेटवर्क करीब 416 किलोमीटर तक फैला हुआ है और इसमें 303 मेट्रो स्टेशन शामिल हैं। रेड, येलो, ब्लू, वायलेट और पिंक लाइनों पर पहले से लगभग 37 फुट ओवर ब्रिज मौजूद हैं।
डीएमआरसी के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास बिंदुओं को इस तरह डिज़ाइन किया जाता है कि उनका उपयोग केवल मेट्रो यात्री ही नहीं, बल्कि सड़क पार करने वाले पैदल यात्री भी आसानी से कर सकें। नई परियोजना इसी व्यवस्था को और विस्तारित करेगी।
किन स्टेशनों पर होगा निर्माण
- केशोपुर
- मंगोलपुरी
- पीरागढ़ी
- मधुबन चौक
- आजादपुर
- महिपालपुर
- किशनगढ़
- वसंत कुंज
- छतरपुर
- साकेत जी ब्लॉक
- अंबेडकर नगर
- खानपुर
- संगम विहार
Explore Related Topics
टिप्पणियाँ
टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें