नई दिल्ली। दिल्ली में सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए सरकारी आवास की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में तीन नई आवासीय परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। प्रस्तावित परियोजनाएं उत्तरी दिल्ली के गुलाबी बाग, पूर्वी दिल्ली के कल्याणवास और दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के बहापुर में विकसित की जानी हैं।
इन परियोजनाओं के तहत पुराने सरकारी आवासीय परिसरों का पुनर्विकास कर आधुनिक सुविधाओं से युक्त आवास तैयार करने की योजना है। इनमें गुलाबी बाग और कल्याणवास की परियोजनाएं ऐसी होंगी, जिनमें सरकारी आवास के साथ निजी खरीदारों के लिए भी कुछ फ्लैट और व्यावसायिक स्थान विकसित किए जाने का प्रस्ताव है। वहीं, बहापुर में सरकारी अधिकारियों के लिए आवास तैयार किए जाने की योजना है।
दिल्ली में सरकारी जमीन के बेहतर उपयोग के लिए लोक निर्माण विभाग कई परियोजनाओं पर काम कर रहा है। इसी योजना के तहत पुराने और जर्जर सरकारी आवासीय परिसरों को नए आवासीय एवं व्यावसायिक परिसरों में विकसित करने की तैयारी है। प्रस्तावित परियोजनाओं में बहुमंजिला आवासीय निर्माण की योजना शामिल है। इसका उद्देश्य मौजूदा सरकारी परिसरों को पुनर्विकसित कर अधिक व्यवस्थित और आधुनिक आवास उपलब्ध कराना है। परियोजनाओं के लिए जमीन और पुरानी इमारतों का सर्वे पूरा हो चुका है। निर्माण कार्य शुरू होने से पहले मौजूदा निवासियों को अस्थायी रूप से दूसरी जगह स्थानांतरित करने की योजना है।
तीनों प्रस्तावित परियोजनाओं में गुलाबी बाग की परियोजना सबसे बड़ी है। यह परियोजना करीब 70 एकड़ क्षेत्र में विकसित की जानी है। यह स्थान मेट्रो स्टेशन के पास स्थित है और यहां पुराने सरकारी क्वार्टरों के पुनर्विकास की योजना बनाई गई है। गुलाबी बाग परियोजना को ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट नीति के तहत विकसित करने की योजना है। इसके तहत परियोजना में करीब 90 प्रतिशत हिस्सा आवासीय और 10 प्रतिशत हिस्सा व्यावसायिक उपयोग के लिए रखने का प्रस्ताव है। आवासीय हिस्से में सरकारी कर्मचारियों के लिए अलग-अलग श्रेणियों के आवास शामिल किए जाएंगे। योजना के मुताबिक यहां टाइप-2, टाइप-3 और टाइप-4 श्रेणी के सरकारी आवास तैयार किए जाएंगे। इसके साथ ही निजी खरीदारों के लिए भी फ्लैट विकसित किए जाने का प्रस्ताव है। व्यावसायिक हिस्से में दुकानें, कार्यालय और मॉल जैसे स्थान विकसित किए जाने की योजना बताई गई है।
पूर्वी दिल्ली के कल्याणवास में करीब 32 एकड़ क्षेत्र में दूसरी बड़ी आवासीय परियोजना विकसित की जानी है। यहां भी गुलाबी बाग की तरह 90 प्रतिशत आवासीय और 10 प्रतिशत व्यावसायिक निर्माण का प्रस्ताव है। कल्याणवास परियोजना में सरकारी आवास के साथ कुछ फ्लैट आम लोगों को बेचने की भी योजना है। इस व्यवस्था के तहत परियोजना में सार्वजनिक और सरकारी आवास से जुड़े निर्माण के साथ व्यावसायिक गतिविधियों के लिए भी जगह विकसित की जाएगी। गुलाबी बाग और कल्याणवास, दोनों परियोजनाओं को लेकर एक अहम पहलू यह है कि इनसे मिलने वाले राजस्व के जरिए निर्माण लागत निकालने की योजना है। यानी परियोजनाओं में निजी बिक्री से प्राप्त राशि का उपयोग निर्माण खर्च की भरपाई के लिए किया जाएगा।
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दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के बहापुर में करीब 4 एकड़ क्षेत्र में तीसरी आवासीय परियोजना प्रस्तावित है। यह परियोजना गुलाबी बाग और कल्याणवास से अलग होगी। बहापुर परियोजना में केवल सरकारी अधिकारियों के लिए आवास तैयार किए जाने की योजना है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार यहां निजी खरीदारों के लिए फ्लैट या व्यावसायिक हिस्से का प्रस्ताव नहीं बताया गया है। इस तरह तीनों परियोजनाओं का उपयोग और स्वरूप अलग-अलग रखा गया है। गुलाबी बाग और कल्याणवास में सरकारी आवास के साथ निजी एवं व्यावसायिक विकास का प्रस्ताव है, जबकि बहापुर में सरकारी अधिकारियों के लिए आवास पर केंद्रित निर्माण की योजना है।
तीनों परियोजनाओं की प्रस्तावित जमीन का आकार अलग-अलग है। गुलाबी बाग में करीब 70 एकड़, कल्याणवास में करीब 32 एकड़ और बहापुर में करीब 4 एकड़ भूमि पर विकास की योजना है।
| स्थान | प्रस्तावित क्षेत्रफल | प्रमुख योजना |
| गुलाबी बाग | लगभग 70 एकड़ | सरकारी आवास, निजी फ्लैट और व्यावसायिक स्थान |
| कल्याणवास | लगभग 32 एकड़ | सरकारी आवास, निजी फ्लैट और व्यावसायिक स्थान |
| बहापुर | लगभग 4 एकड़ | सरकारी अधिकारियों के लिए आवास |
प्रस्तावित परियोजनाओं के लिए जमीन और मौजूदा पुरानी इमारतों का सर्वे पूरा किया जा चुका है। इसके बाद अगला प्रमुख चरण विस्तृत परियोजना रिपोर्ट, यानी डीपीआर तैयार करना है। डीपीआर तैयार होने के बाद ठेकेदारों की नियुक्ति और निविदा प्रक्रिया शुरू किए जाने की योजना है। इसके साथ ही निर्माण शुरू करने के लिए मौजूदा परिसरों में रह रहे लोगों को अस्थायी रूप से दूसरी जगह स्थानांतरित करना होगा। इस प्रक्रिया के बाद पुराने सरकारी आवासीय परिसरों के स्थान पर नए निर्माण को आगे बढ़ाया जाएगा।
इन तीनों परियोजनाओं का मुख्य फोकस सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए आवास की उपलब्धता बढ़ाना है। साथ ही, गुलाबी बाग और कल्याणवास की परियोजनाओं में निजी फ्लैट तथा व्यावसायिक स्थान विकसित करने की योजना से परियोजना के लिए राजस्व जुटाने का प्रावधान भी रखा गया है। पुराने सरकारी परिसरों के पुनर्विकास के जरिए एक ही स्थान पर आवासीय और व्यावसायिक विकास की योजना बनाई गई है। गुलाबी बाग और कल्याणवास में 90:10 के आवासीय-व्यावसायिक अनुपात का प्रस्ताव इसी मॉडल का हिस्सा है।
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