UP News: प्रयागराज में इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिकारियों को रहने के लिए अब सरकारी आवास मिल सकेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 845 नए आवास बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इन आवासों के निर्माण पर करीब 543.40 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि इस योजना के तहत 533 टाइप-3 और 312 टाइप-4 आवास बनाए जाएंगे। निर्माण के लिए 50 करोड़ रुपये जारी करने के प्रस्ताव को भी कैबिनेट के सामने रखा गया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट में क्लास-1 और क्लास-2 श्रेणी के अधिकारियों के कुल 2,607 पद स्वीकृत हैं और इनमें से 1,866 पदों पर अधिकारी काम कर रहे हैं लेकिन इसके बावजूद अधिकारियों के रहने के लिए अभी सिर्फ 128 सरकारी आवास ही उपलब्ध हैं। आवासों की कमी को देखते हुए नए मकान बनाने की योजना तैयार की गई है। इससे हाईकोर्ट में काम करने वाले अधिकारियों को सरकारी आवास मिलने में सुविधा होगी।
प्रयागराज के देवघाट झलवा क्षेत्र में 10.37 एकड़ जमीन पर नए आवास बनाए जाएंगे। तय मानकों के अनुसार 845 मकानों का निर्माण कराया जाएगा। इनमें 533 टाइप-3 और 312 टाइप-4 आवास शामिल होंगे। शुरुआत में इस परियोजना के लिए 560.04 करोड़ रुपये की लागत का अनुमान लगाया गया था लेकिन 30 जून 2026 को हुई व्यय वित्त समिति की बैठक में 543.4075 करोड़ रुपये की लागत को मंजूरी दी गई।
वित्त विभाग की सलाह के बाद वित्तीय वर्ष 2026-27 में इस परियोजना के लिए 543.4075 करोड़ रुपये की प्रशासनिक और वित्तीय मंजूरी देने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके साथ ही निर्माण कार्य शुरू कराने के लिए 50 करोड़ रुपये जारी करने की मंजूरी भी मांगी गई है। इस परियोजना के पूरा होने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिकारियों के लिए सरकारी आवासों की संख्या बढ़ेगी। इससे लंबे समय से बनी आवासों की कमी को दूर करने में मदद मिलेगी और अधिकारियो को राहत मिलेगी ।
Explore Related Topics
टिप्पणियाँ
टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें