>उत्तर प्रदेश में मदरसों की निगरानी और पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से एटीएस (एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड) ने नया कदम उठाया है। एटीएस के हालिया आदेश के बाद फतेहपुर जिले में चल रहे सभी सरकारी तथा गैर-सरकारी मान्यता प्राप्त मदरसों की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। इसी क्रम में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी प्रशांत साहू ने सभी मदरसों को नोटिस जारी कर शिक्षकों, छात्रों और उनके अभिभावकों की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
>सूत्रों के अनुसार, अल्पसंख्यक विभाग ने जिले के लगभग छह मदरसों में प्राथमिक जांच की है। इस दौरान बच्चों की शिक्षा व्यवस्था, उपस्थितियों, शिक्षकों के विवरण और संस्थान के दैनिक संचालन से जुड़े कई बिंदुओं की गहराई से जांच की गई। मदरसे के प्रिंसिपलों को निर्देश दिया गया है कि वे बच्चों के अभिभावकों के मोबाइल नंबर, शिक्षकों की संपर्क जानकारी और अन्य आवश्यक रिकॉर्ड विभाग को तत्काल उपलब्ध कराएं।
>मदरसों में पढ़ाने वाले शिक्षकों ने सरकारी कार्रवाई का स्वागत किया है। उनका कहना है कि समय-समय पर ऐसे दस्तावेज मांगना प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है और वे पूरी तरह सहयोग कर रहे हैं। शिक्षकों का मानना है कि पारदर्शिता से मदरसों की छवि बेहतर होती है और इससे शिक्षा व्यवस्था मजबूत बनती है।
>जिला अल्पसंख्यक अधिकारी प्रशांत साहू ने बताया कि दो दिन पूर्व एटीएस द्वारा उनसे विस्तृत डेटा मांगा गया था। इसके बाद सभी मदरसों को नोटिस भेजते हुए बच्चों, शिक्षकों और अभिभावकों से संबंधित सूचनाएं विभाग में जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि जिले में कुल 111 मदरसे संचालित हैं और इनमें 6 ऐडेड मदरसे और 105 मान्यता प्राप्त रजिस्टर्ड मदरसे शामिल हैं इसके साथ ही ऐडेड मदरसों में 1,844 बच्चे और 88 शिक्षक है जबकि रजिस्टर्ड मदरसों में 8,295 छात्र और 757 शिक्षक है सभी संस्थानों से शिक्षकों के मोबाइल नंबर और बच्चों के अभिभावकों के संपर्क नंबर एकत्र किए जा रहे हैं। संकलित जानकारी को एटीएस को भेजा जाएगा।
टिप्पणियाँ
टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें