कोडीन युक्त कफ सिरप कांड के बाद FSDA सतर्क, थोक दवा लाइसेंस प्रणाली सख्त करने का प्रस्ताव

UP News: कोडीन युक्त कफ सिरप कांड के बाद FSDA ने शासन को प्रस्ताव भेजा। थोक दवा प्रतिष्ठानों की जियो-टैगिंग, कड़ा लाइसेंस और बिक्री रिकॉर्ड अनिवार्य करने की सिफारिश।
News Desk 30 Dec 2025, 12:42 PM 1 min read
कोडीन युक्त कफ सिरप कांड के बाद FSDA सतर्क, थोक दवा लाइसेंस प्रणाली सख्त करने का प्रस्ताव


>कोडीन युक्त कफ सिरप से जुड़े मामले के सामने आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने दवा वितरण तंत्र को अधिक पारदर्शी और नियंत्रित बनाने के लिए शासन को एक अहम प्रस्ताव भेजा है।


>FSDA ने थोक औषधि लाइसेंस प्रणाली को मजबूत करने पर जोर देते हुए दवा के थोक प्रतिष्ठानों की जियो-टैगिंग की सिफारिश की है। प्रस्ताव में लाइसेंस प्रक्रिया को और कड़ा करने, भंडारण क्षमता का पूर्ण रिकॉर्ड रखने और दवाओं की खरीद-फरोख्त का विवरण अनिवार्य करने की बात कही गई है।


>इसके साथ ही कफ सिरप की बिक्री पर कड़ी निगरानी रखने, तकनीकी कर्मियों के अनुभव प्रमाण का सत्यापन सुनिश्चित करने और ड्रग इंस्पेक्टर द्वारा अनिवार्य भौतिक सत्यापन का सुझाव दिया गया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर केंद्र सरकार से आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की मांग भी प्रस्ताव में शामिल है।


>प्रस्तावित उपायों के लागू होने से दवा आपूर्ति श्रृंखला में निगरानी बढ़ाने और अनियमितताओं पर नियंत्रण स्थापित करने की दिशा में प्रशासनिक कदम उठाए जाने की संभावना जताई जा रही है।


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