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शाहजहांपुर में दो साधुओं की हत्या, मंदिर परिसर में जला दिए गए शव

खुदागंज के सूथा गांव स्थित मंदिर परिसर में गोपाल दास और बाबा बिहारी दास के शव मिले, पुलिस ने गांव के ही सुमित की तलाश शुरू की।
Bureau
Bureau News Desk
01 Oct 2026
12:56 PM
1 min read
शाहजहांपुर में दो साधुओं की हत्या, मंदिर परिसर में जला दिए गए शव
हाइलाइट्स
शाहजहांपुर के खुदागंज क्षेत्र के सूथा गांव में दो सेवादारों की हत्या का मामला सामने आया।
दोनों की पहचान गोपाल दास और बाबा बिहारी दास के रूप में हुई है।
दोनों के शव मंदिर परिसर में जले हुए मिले।
सुबह ग्रामीणों के मंदिर पहुंचने पर घटना की जानकारी हुई।

शाहजहांपुर। उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले के खुदागंज क्षेत्र में एक मंदिर परिसर में दो सेवादारों की हत्या का मामला सामने आया है। घटना का पता सुबह उस समय चला, जब ग्रामीण मंदिर परिसर में पहुंचे। वहां दोनों सेवादारों के शव जले हुए मिले। घटना के बाद इलाके में पुलिस की कार्रवाई शुरू हुई और मामले में एक व्यक्ति का नाम सामने आया है।

यह घटना खुदागंज के सूथा गांव स्थित एक प्राचीन मंदिर परिसर की है। यहां गोपाल दास और बाबा बिहारी दास सेवादार के तौर पर रह रहे थे। उपलब्ध जानकारी के अनुसार दोनों की हत्या कर दी गई और इसके बाद उनके शव मंदिर परिसर में ही जला दिए गए। सुबह जब ग्रामीण मंदिर परिसर में पहुंचे तो उन्हें घटना की जानकारी हुई। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और मामले की जांच शुरू की गई। गोपाल दास शहर के अजीजगंज मोहल्ले के निवासी बताए गए हैं। वह कई वर्षों से सूथा गांव स्थित मंदिर परिसर में सेवादार के तौर पर रह रहे थे। वहीं बाबा बिहारी दास गांव के ही दूसरे मंदिर में रहते थे।

जानकारी के अनुसार बाबा बिहारी दास करीब एक महीने से गोपाल दास के साथ मंदिर परिसर में रह रहे थे। इससे पहले वह गांव के दूसरे मंदिर में रहते थे। इसी दौरान गांव के ही सुमित सिंह का दोनों सेवादारों के पास आना-जाना था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार सुमित करीब एक महीने पहले जेल से बाहर आया था। वह भी मंदिर परिसर में रहना चाहता था। मंदिर में रहने को लेकर सुमित और दोनों सेवादारों के बीच पहले भी कई बार विवाद होने की जानकारी सामने आई है। घटना से पहले रात में भी मंदिर परिसर में इसी मुद्दे को लेकर कहासुनी होने की बात सामने आई है।

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उपलब्ध जानकारी के अनुसार घटना वाली रात मंदिर में रहने और मंदिर पर कब्जे को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद दोनों सेवादारों की हत्या कर दी गई। हालांकि घटना के पूरे क्रम और हत्या के तरीके को लेकर पुलिस की जांच जारी है। सुबह ग्रामीणों के मंदिर पहुंचने के बाद घटना सामने आई। इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। दोनों शवों को लेकर भी पुलिस की कार्रवाई की गई है। मामले में उपलब्ध जानकारी के अनुसार घटना के बाद से सुमित फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।

शाहजहांपुर के पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित ने बताया कि मामले में गांव के ही सुमित का नाम प्रकाश में आया है। उसकी तलाश के लिए तीन पुलिस टीमों को लगाया गया है। पुलिस के अनुसार घटना के बाद से सुमित मौके पर नहीं मिला है। उसकी तलाश में पुलिस टीमों की कार्रवाई जारी है। मामले की जांच में घटना से पहले मंदिर परिसर में हुए विवाद और दोनों सेवादारों के साथ सुमित के संपर्क सहित अन्य पहलुओं को देखा जा रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार सुमित का दोनों सेवादारों के पास आना-जाना था। ग्रामीणों ने उसके बारे में यह भी बताया कि वह पहले जेल जा चुका था और करीब एक महीने पहले बाहर आया था। ग्रामीणों के अनुसार सुमित मंदिर परिसर में रहना चाहता था। इसी वजह से दोनों सेवादारों के साथ उसका विवाद हुआ था। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, उसके जेल से बाहर आने के बाद भी स्थानीय स्तर पर उसका विरोध किया गया था। हालांकि घटना के पीछे की पूरी वजह और वारदात का विस्तृत क्रम पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल पुलिस ने सुमित की तलाश पर ध्यान केंद्रित किया है।

गोपाल दास मूल रूप से शाहजहांपुर शहर के अजीजगंज मोहल्ले के निवासी बताए गए हैं। वह कई वर्षों से खुदागंज क्षेत्र के सूथा गांव स्थित मंदिर में सेवादार के रूप में रह रहे थे। दूसरी ओर बाबा बिहारी दास गांव के दूसरे मंदिर में रहते थे। करीब एक महीने पहले वह भी गोपाल दास के पास रहने लगे थे। इस तरह घटना से पहले दोनों सेवादार एक ही मंदिर परिसर में रह रहे थे। उपलब्ध जानकारी के अनुसार सुमित भी इसी परिसर में रहने की इच्छा रखता था और इसको लेकर पहले विवाद हो चुका था।

घटना रात के समय हुई और सुबह तक इसकी जानकारी ग्रामीणों को नहीं थी। सुबह ग्रामीण जब मंदिर परिसर में पहुंचे, तब उन्हें दोनों सेवादारों की हत्या की जानकारी हुई। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। मामले में घटनास्थल से जुड़ी परिस्थितियों और वारदात से पहले हुए विवाद की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस की ओर से अभी उपलब्ध जानकारी में सुमित का नाम सामने आने और उसकी तलाश के लिए तीन टीमों को लगाए जाने की बात कही गई है।

मामले में पुलिस के सामने सबसे महत्वपूर्ण बिंदु घटना से पहले हुआ विवाद और उसके बाद दोनों सेवादारों की हत्या है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार मंदिर में रहने को लेकर सुमित और दोनों सेवादारों के बीच पहले भी विवाद हुआ था। घटना के बाद सुमित के फरार होने की बात भी सामने आई है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। उसके मिलने के बाद घटना के पूरे क्रम और वारदात से जुड़े अन्य तथ्यों की जानकारी सामने आ सकती है। फिलहाल उपलब्ध तथ्यों के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपी की तलाश के लिए तीन टीमों को लगाया गया है।

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