प्रतीक यादव के निधन के बाद अब इस मामले को लेकर नए दावे और सवाल सामने आने लगे हैं। समाजवादी पार्टी के विधायक रविदास मेहरोत्रा ने दावा किया है कि लोग प्रतीक यादव के शरीर पर चोट के निशान होने की बात कह रहे हैं। हालांकि इन दावों की अब तक किसी आधिकारिक एजेंसी, अस्पताल प्रशासन या पुलिस की ओर से पुष्टि नहीं की गई है।
समाजवादी पार्टी संस्थापक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे और अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव के निधन के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। इसी बीच सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा के बयान ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है।
मेहरोत्रा ने कहा कि लोगों के बीच यह चर्चा है कि प्रतीक यादव के शरीर पर चोट के निशान थे और यह सामान्य मौत नहीं लगती। उन्होंने आशंका जताते हुए कहा कि उन्हें जहर भी दिया जा सकता है। साथ ही उन्होंने इस पूरे मामले की जांच उच्च न्यायालय के किसी पूर्व न्यायाधीश की निगरानी में कराने की मांग की है।
लखनऊ के केजीएमयू में पोस्टमार्टम के दौरान पहुंचे रविदास मेहरोत्रा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच आवश्यक है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों का कहना है कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही प्रतीक यादव की मौत हो चुकी थी, इसलिए पूरे घटनाक्रम की गहन जांच होनी चाहिए।
इस बीच समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अस्पताल ले जाए जाने से पहले प्रतीक यादव अपने आवास की रसोई में बेहोश होकर गिर पड़े थे। रिपोर्ट के अनुसार घर के स्टाफ ने इसके बाद अपर्णा यादव के भाई अमन बिष्ट को फोन कर सूचना दी थी। हालांकि इस घटनाक्रम को लेकर भी अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
सूत्रों के मुताबिक प्रतीक यादव का पोस्टमार्टम पूरा हो चुका है। पोस्टमार्टम टीम में केजीएमयू के दो डॉक्टरों के अलावा मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय की ओर से चार डॉक्टर शामिल थे। जांच प्रक्रिया के तहत विसरा सुरक्षित रख लिया गया है, जिसे आगे की फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा।
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