प्रतीक यादव के निधन के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में शोक का माहौल है। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी ने अपने निर्धारित राजनीतिक कार्यक्रमों को स्थगित करने का निर्णय लिया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी के निर्देश पर बुधवार को होने वाले महिला कार्यकर्ताओं के जिला स्तरीय विरोध प्रदर्शन कार्यक्रम रद्द कर दिए गए।
भाजपा की ओर से जारी बयान में कहा गया कि उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष और भाजपा नेता अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव के असामयिक निधन के कारण पार्टी ने संवेदना व्यक्त करते हुए अपने सभी निर्धारित विरोध प्रदर्शन कार्यक्रमों को तत्काल प्रभाव से स्थगित करने का फैसला लिया है। यह प्रदर्शन बुधवार 13 मई को प्रदेश के विभिन्न जिलों में आयोजित होने थे।
प्रतीक यादव समाजवादी पार्टी संस्थापक मुलायम सिंह यादव के पुत्र और अखिलेश यादव के सौतेले भाई थे। उनके निधन की खबर सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई। विभिन्न दलों के नेताओं ने परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की है।
इस बीच सपा प्रमुख अखिलेश यादव सुबह लखनऊ स्थित सिविल अस्पताल पहुंचे। बाद में वह केजीएमयू भी गए, जहां प्रतीक यादव के शव का पोस्टमार्टम किया जा रहा था। मीडिया से बातचीत में अखिलेश यादव ने कहा कि प्रतीक अपनी मेहनत के बल पर आगे बढ़ना चाहते थे और उनका निधन बेहद दुखद है।
प्रतीक यादव की मौत की जांच को लेकर पूछे गए सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा कि परिवार जो भी निर्णय करेगा, उसी के अनुरूप आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। उन्होंने बताया कि करीब दो महीने पहले उनकी प्रतीक से मुलाकात हुई थी और उस दौरान उन्होंने उन्हें अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने और कारोबार को आगे बढ़ाने की सलाह दी थी।
अखिलेश यादव ने बातचीत के दौरान कारोबारी दबाव और आर्थिक नुकसान की ओर भी संकेत किया। उन्होंने कहा कि कई बार वित्तीय और व्यापारिक नुकसान लोगों को मानसिक रूप से काफी प्रभावित कर देता है।
भाजपा नेता और पूर्व सांसद Brij भूषण शरण सिंह ने भी एक्स पर पोस्ट कर शोक व्यक्त किया। उन्होंने अपने संदेश में लिखा कि प्रतीक यादव के आकस्मिक निधन का समाचार अत्यंत दुखद और हृदयविदारक है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिवार को इस कठिन समय में शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
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