>राजपूत रेजीमेंट सेंटर में आयोजित बैनियल कॉन्फ्रेंस के दौरान वेस्टर्न आर्मी कमांडर एवं कर्नल ऑफ द रेजीमेंट लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार ने रेजीमेंट की ऐतिहासिक भूमिका और मौजूदा सुरक्षा चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की।
>कार्यक्रम में पहुंचे लेफ्टिनेंट जनरल कटियार ने फतेहगढ़ किले की 1720 से चली आ रही सैन्य विरासत को नमन करते हुए कहा कि राजपूत रेजीमेंट ने देश की सुरक्षा में सदैव अग्रणी योगदान दिया है। उन्होंने बताया कि रेजीमेंट ने विभिन्न अभियानों, जिनमें हालिया ऑपरेशन सिंदूर भी शामिल है, में दक्षता और साहस का प्रदर्शन कर देश का गौरव बढ़ाया है।
>उन्होंने कहा कि चीन और पाकिस्तान, दोनों दिशाओं से लगातार सुरक्षा चुनौतियां बनी हुई हैं, ऐसे में ऑपरेशनल प्रिपेरेडनेस में किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सेना का अपॉलिटिकल और सेकुलर चरित्र उसकी सबसे बड़ी शक्ति है और इसे सदा बनाए रखा जाना चाहिए। ड्रोन तकनीक पर पूछे गए प्रश्न के जवाब में उन्होंने बताया कि भविष्य की लड़ाइयों में ड्रोन वारफेयर निर्णायक भूमिका निभाएगा। इस संदर्भ में अग्निवीरों को भी उन्नत प्रशिक्षण दिए जाने पर बल दिया गया।
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