'अपने सिपहसालार को हैसियत के हिसाब से बात करना सिखाइए', ओवैसी को राजभर की नसीहत

राजा सुहेलदेव को लेकर AIMIM प्रदेशाध्यक्ष शौकत अली के बयान पर ओम प्रकाश राजभर ने जताई आपत्ति, ओवैसी से भाषा और व्यवहार पर ध्यान देने की अपील।
Bureau 13 Jun 2026, 01:13 PM 1 min read
'अपने सिपहसालार को हैसियत के हिसाब से बात करना सिखाइए', ओवैसी को राजभर की नसीहत

 

उत्तर प्रदेश में एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के प्रस्तावित दौरे से पहले सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष और प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने उनकी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। राजभर ने ओवैसी से अपने सहयोगियों को संयमित भाषा का इस्तेमाल करने की नसीहत दी।

 

दरअसल, AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने हाल ही में कहा था कि वह राजा सुहेलदेव को राजा नहीं मानते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि राजा सुहेलदेव वास्तव में राजा होते तो बहराइच में उनका कोई किला या अन्य ऐतिहासिक निशान दिखाई देता। उन्होंने राजा सुहेलदेव को काल्पनिक बताते हुए सवाल उठाए थे। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया।

 

ओम प्रकाश राजभर ने  एक्स पर शौकत अली के बयान का वीडियो साझा करते हुए असदुद्दीन ओवैसी को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि जब ओवैसी उत्तर प्रदेश आ रहे हैं तो उन्हें अपनी हैदराबादी बैरिस्टरी का कुछ ज्ञान अपने सिपहसालार को भी देना चाहिए। राजभर ने कहा कि बहराइच वही भूमि है जहां महाराजा सुहेलदेव राजभर के नेतृत्व में विदेशी आक्रांताओं के खिलाफ संघर्ष हुआ था और भारत की अस्मिता तथा स्वाभिमान की रक्षा की गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि नेताओं को अपनी हैसियत और व्यक्तित्व के अनुरूप भाषा का प्रयोग करना चाहिए और अनावश्यक उग्रता तथा अहंकार से सम्मान नहीं मिलता।

 

राजभर ने अपने बयान में कहा कि इतिहास गवाह है कि महाराजा सुहेलदेव राजभर के नेतृत्व में इस क्षेत्र के वीरों ने विदेशी आक्रमणकारियों का मुकाबला किया था। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की धरती अपने नायकों, इतिहास और स्वाभिमान का सम्मान करना जानती है।

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