>राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद को नमन करते हुए कहा कि “हर खिलाड़ी समाज का हीरो है, जो राष्ट्र के प्रति समर्पण और अनुशासन का संदेश देता है।”
>लखनऊ के पद्मश्री मोहम्मद शाहिद स्टेडियम, गोमती नगर में आयोजित कार्यक्रम में सीएम योगी ने खिलाड़ियों को सम्मानित किया और खेलों के क्षेत्र में तेजी से हो रहे विकास की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि “हर नागरिक को एक खिलाड़ी की तरह राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहिए—अनुशासन, टीमवर्क और उत्कृष्टता के साथ।”
>सीएम योगी ने कहा कि जब भी मेजर ध्यानचंद का नाम लिया जाता है, हर भारतीय के मन में हॉकी की स्टिक और ओलंपिक स्वर्ण पदकों की याद ताजा हो जाती है। 1928, 1932 और 1936 में लगातार तीन ओलंपिक स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने भारत की हॉकी को विश्व स्तर पर नई पहचान दिलाई।
>सीएम ने गर्व जताया कि उत्तर प्रदेश न केवल मेजर ध्यानचंद की जन्मभूमि है, बल्कि उनकी कर्मभूमि भी। उनकी स्मृति में मेरठ में प्रदेश की पहली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना की गई है, जिसका नाम मेजर ध्यानचंद विश्वविद्यालय रखा गया है और इस सत्र से वहां पाठ्यक्रम भी प्रारंभ हो गया है। सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खेलो इंडिया, फिट इंडिया मूवमेंट और सांसद-विधायक स्तर की प्रतियोगिताओं से देश में खेलों की नई क्रांति हुई है। प्रदेश सरकार की नई खेल नीति से खिलाड़ियों को मंच, बेहतर कोचिंग और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर मिल रहा है।
>सीएम योगी ने घोषणा की कि प्रदेश के हर कमिश्नरी में स्पोर्ट्स कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं। विभिन्न खेलों के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भी तैयार होंगे।
>ओलंपियन और नेशनल मेडलिस्ट खिलाड़ी कोच बनकर नई प्रतिभाओं को निखारेंगे।
>हर ग्राम पंचायत में खेल का मैदान, हर विकासखंड में मिनी स्टेडियम और हर जनपद में एक बड़ा स्टेडियम बनने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है।
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>ओपन जिम, स्पोर्ट्स किट और महिला-पुरुष मंगल दलों को सुविधाएं देकर युवाओं को खेलों से जोड़ा जा रहा है।
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