अम्बेडकरनगर में "मेरी कहानी, मेरी जुबानी" से गूंजी आत्मनिर्भरता की आवाज, ब्रज की रंगारंग प्रस्तुतियों ने भी बांधा समा

अम्बेडकरनगर के राजकीय हवाई पट्टी पर महिला सशक्तिकरण और लोकसंस्कृति का ऐसा संगम दिखा, जहां प्रेरक कहानियों से लेकर मल्लखंभ के रोमांच तक हर प्रस्तुति ने दर्शकों का ध्यान खींचा।
Bureau 22 Jun 2026, 11:55 AM 1 min read
अम्बेडकरनगर में "मेरी कहानी, मेरी जुबानी" से गूंजी आत्मनिर्भरता की आवाज, ब्रज की रंगारंग प्रस्तुतियों ने भी बांधा समा

 

राजकीय हवाई पट्टी अकबरपुर पर रविवार को ऐसा दृश्य देखने को मिला, जहां एक ओर महिलाओं ने अपनी संघर्ष और सफलता की कहानियां सुनाकर आत्मनिर्भरता का संदेश दिया, तो दूसरी ओर ब्रज की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और मल्लखंभ के अद्भुत कौशल ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया। केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित महिला सम्मेलन, मिशन शक्ति कार्यक्रम और सांस्कृतिक संध्या में विकास, महिला सशक्तिकरण और भारतीय लोकसंस्कृति एक ही मंच पर नजर आए।

 

 

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कार्यक्रम का सबसे खास आकर्षण "मेरी कहानी, मेरी जुबानी" सत्र रहा। इस दौरान स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए और बताया कि किस प्रकार उन्होंने आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाए। मंच पर सुनाई गई इन कहानियों ने उपस्थित लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा और कार्यक्रम को भावनात्मक आयाम भी दिया।

 

कार्यक्रम में ब्रज लोकनृत्य, मयूर नृत्य और फूलों की होली की प्रस्तुतियों ने माहौल को उत्सव में बदल दिया। लोक कलाकारों की रंगारंग प्रस्तुतियों को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। पारंपरिक रंगों और लोक संस्कृति की झलक ने दर्शकों को लंबे समय तक बांधे रखा।

 

जहां सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने लोगों का मन मोह लिया, वहीं मल्लखंभ की रोमांचकारी प्रस्तुति ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया। कलाकारों ने अपने संतुलन, शक्ति और कौशल का प्रदर्शन कर तालियां बटोरीं। इस प्रस्तुति ने पारंपरिक भारतीय खेलों और कला के प्रति लोगों की रुचि को भी बढ़ाया।

 

कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों की ओर से लगाए गए स्टॉल और विकास प्रदर्शनी भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे। इन स्टॉलों के माध्यम से आम लोगों को विभिन्न योजनाओं और विभागीय गतिविधियों की जानकारी दी गई। कई लोगों ने योजनाओं से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने में रुचि दिखाई।

 

इस अवसर पर जिलाधिकारी ईशा प्रिया, पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह, मुख्य विकास अधिकारी आनंद शुक्ला, बीएएस पूनम मिश्रा और जिला विकास अधिकारी सविता सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। यह कार्यक्रम केवल एक सरकारी आयोजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता, लोकसंस्कृति और पारंपरिक कला की विविध झलकियां एक साथ देखने को मिलीं।

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