Friday, 07 August 2026 | Lucknow | 29°C

टांडा में रजवाहा कटने से 100 बीघा धान की फसल डूबी, खड़ंजा मार्ग भी बहा

अम्बेडकरनगर के चक संसारीपुर में जहांगीरगंज रजवाहा करीब 20 फुट तक कटा, सिंचाई विभाग ने पाइप से हुए रिसाव को बताया कारण, ग्रामीणों ने रखरखाव में लापरवाही का लगाया आरोप।
Bureau
Bureau News Desk
07 Aug 2026
10:00 AM
1 min read
टांडा में रजवाहा कटने से 100 बीघा धान की फसल डूबी, खड़ंजा मार्ग भी बहा
हाइलाइट्स
टांडा क्षेत्र में जहांगीरगंज रजवाहा करीब 20 फुट तक कट गया।
लगभग 100 बीघा धान की फसल जलमग्न हो गई।
तेज बहाव में नहर किनारे बना खड़ंजा मार्ग भी बह गया।
सिंचाई विभाग ने पाइप से हुए रिसाव और 'रेट होल' को घटना का कारण बताया।

अम्बेडकरनगर जिले के टांडा कोतवाली क्षेत्र स्थित हसनपुर सुंथर के मजरे चक संसारीपुर में गुरुवार दोपहर जहांगीरगंज रजवाहा अचानक कट जाने से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। करीब 20 फुट तक रजवाहा टूटने के बाद तेज बहाव का पानी आसपास के खेतों में फैल गया, जिससे लगभग 100 बीघा क्षेत्र में खड़ी धान की फसल जलमग्न हो गई। पानी के तेज बहाव से नहर के किनारे बना खड़ंजा मार्ग भी बह गया, जिससे कई गांवों के लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई।

ग्रामीणों के अनुसार, संसारीपुर निवासी राम कुशल वर्मा के खेत के पास से गुजरने वाला जहांगीरगंज रजवाहा अचानक कट गया। देखते ही देखते नहर का पानी आसपास के खेतों में फैलने लगा और बड़ी मात्रा में कृषि भूमि जलमग्न हो गई।

घटना में कुलदीप यादव, श्रीराम वर्मा, अरुण यादव, राम शब्द कनौजिया, सेवाराम कनौजिया सहित दर्जनों किसानों की धान की फसल प्रभावित हुई। किसानों के अनुसार, खेतों में पानी भरने से तैयार हो रही फसल को नुकसान पहुंचा है।

रजवाहा कटने के बाद पानी का बहाव इतना तेज था कि नहर किनारे बना खड़ंजा मार्ग भी क्षतिग्रस्त होकर बह गया। यह मार्ग आसपास के कई गांवों के लोगों के लिए शॉर्टकट के रूप में इस्तेमाल किया जाता था। मार्ग क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों को अब लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है, जिससे दैनिक आवागमन प्रभावित हुआ है।

घटना की जानकारी मिलने के बाद सिंचाई विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कटे हुए हिस्से की मरम्मत का कार्य शुरू कराया। विभाग ने पानी के बहाव को नियंत्रित करने के साथ रजवाहे को दोबारा सुरक्षित बनाने का प्रयास किया।

सिंचाई विभाग के अवर अभियंता शिवा तिवारी के अनुसार, किसानों द्वारा सिंचाई के लिए रजवाहे में पाइप डालने से रिसाव हुआ, जिसके कारण 'रेट होल' बनने की स्थिति पैदा हुई और अंततः रजवाहा कट गया।

दूसरी ओर, स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यदि नहर की नियमित निगरानी और समय-समय पर रखरखाव किया जाता, तो इस प्रकार की स्थिति से बचा जा सकता था। उनका आरोप है कि रखरखाव में लापरवाही के कारण रजवाहा कमजोर हुआ और अंततः टूट गया। हालांकि, इस संबंध में विभाग की ओर से पाइप के कारण हुए रिसाव को मुख्य वजह बताया गया है।

Explore Related Topics

टांडा रजवाहा कटा जहांगीरगंज रजवाहा अम्बेडकरनगर समाचार धान की फसल जलमग्न सिंचाई विभाग किसानों का नुकसान खड़ंजा मार्ग चक संसारीपुर

 

टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें

इस खबर को खबर पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद

ऐसी ही खबरों के लिए निचे स्क्रॉल करें

या होम पेज पर लेटेस्ट न्यूज़ पढ़ने के लिए क्लिक करें →

Related News