Thursday, 03 September 2026 | Lucknow | 29°C

लखनऊ में जाम लगा तो अब नहीं करना होगा इंतजार, दौड़ेगी सबसे नजदीकी मोबाइल टीम

12 प्रमुख मार्गों को सब-रूट में बांटकर 25 रूट मार्शल तैनात, रोज 70 से 100 किलोमीटर तक करेंगे गश्त
Bureau
Bureau News Desk
03 Sep 2026
07:29 PM
1 min read
लखनऊ में जाम लगा तो अब नहीं करना होगा इंतजार, दौड़ेगी सबसे नजदीकी मोबाइल टीम
सोर्स - लखनऊ संवाददाता (प्रदीप यादव)
हाइलाइट्स
लखनऊ में जाम से निपटने के लिए मोबाइल रिस्पॉन्स मॉडल लागू किया गया है।
12 प्रमुख मार्गों को छोटे सब-रूट में बांटकर 25 रूट मार्शल तैनात किए गए हैं।
रूट मार्शल रोजाना करीब 70 से 100 किलोमीटर तक गश्त करेंगे।
कंट्रोल रूम, हेल्पलाइन, सोशल मीडिया और फील्ड स्टाफ से मिली सूचना पर टीम मौके पर पहुंचेगी।

लखनऊ की सड़कों पर यातायात जाम और अचानक पैदा होने वाली सड़क बाधाओं से निपटने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने मोबाइल रिस्पॉन्स मॉडल लागू किया है। रिड्यूसिंग ट्रैफिक कंजेशन यानी आरटीसी परियोजना के तहत राजधानी के 12 प्रमुख मार्गों को छोटे-छोटे सब-रूट में बांटकर 25 रूट मार्शल तैनात किए गए हैं।

इस व्यवस्था में रूट मार्शल किसी एक चौराहे या स्थान पर स्थायी रूप से खड़े रहकर यातायात संभालने के बजाय अपने निर्धारित क्षेत्र में लगातार गश्त करेंगे। इन टीमों का उद्देश्य सड़क पर यातायात की स्थिति पर नजर रखना और किसी स्थान पर अचानक जाम या अन्य बाधा की सूचना मिलने पर मौके तक पहुंचना है।

ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, रूट मार्शल रोजाना करीब 70 से 100 किलोमीटर तक गश्त करेंगे। इस दौरान वे अपने निर्धारित सब-रूट में यातायात की स्थिति पर नजर रखेंगे।

यह खबर भी पढ़े - आशियाना में बारिश के बाद अचानक पहुंचे मंत्री एके शर्मा, अफसरों को साफ चेतावनी

नई व्यवस्था के तहत हजरतगंज, महानगर, गोमतीनगर, विभूतिखंड, वजीरगंज, कृष्णानगर, कैंट, चौक, पॉलीटेक्निक, कमता, बाराबिरवा और कैसरबाग जैसे प्रमुख क्षेत्रों को शामिल किया गया है।

इन क्षेत्रों में रोजाना बड़ी संख्या में वाहनों की आवाजाही होती है। कार्यालयों, बाजारों, व्यावसायिक गतिविधियों और प्रमुख सड़कों के कारण इन इलाकों में यातायात का दबाव भी रहता है। ऐसे में इन क्षेत्रों में मोबाइल टीमों की मौजूदगी का उद्देश्य यातायात संबंधी समस्या की जानकारी मिलने के बाद संबंधित स्थान तक तेजी से पहुंचना है।

12 प्रमुख मार्गों को छोटे सब-रूट में बांटे जाने के बाद प्रत्येक टीम को अपने क्षेत्र की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। इससे किसी विशेष हिस्से में यातायात प्रभावित होने की स्थिति में वहां मौजूद या सबसे नजदीकी टीम को भेजा जा सकेगा।

ट्रैफिक पुलिस के पास पहले से 42 रेसर मोबाइल बाइक उपलब्ध हैं। इनमें से 25 को नई व्यवस्था के तहत सब-रूट मार्शल की जिम्मेदारी दी गई है। प्रत्येक टीम में एक ट्रैफिक सब-इंस्पेक्टर और एक आरक्षी शामिल रहेगा। इस तरह मोबाइल टीम में अधिकारी और पुलिसकर्मी दोनों मौजूद रहेंगे, जो मौके की स्थिति के अनुसार यातायात व्यवस्था संभालने के लिए काम करेंगे।

यह खबर भी पढ़े - लखनऊ में महिला लेखपाल के निलंबन पर तहसील में धरना, शुक्रवार से काम बंद करने की चेतावनी

इस व्यवस्था में रूट मार्शल की भूमिका केवल किसी एक चौराहे पर यातायात संचालन तक सीमित नहीं होगी। उन्हें अपने निर्धारित क्षेत्र में घूमकर यातायात की स्थिति पर नजर रखने और बाधा की सूचना मिलने पर संबंधित स्थान पर पहुंचने की जिम्मेदारी दी गई है।

मोबाइल रिस्पॉन्स व्यवस्था में यातायात बाधित होने की सूचना के लिए कई माध्यमों को शामिल किया गया है। कंट्रोल रूम, हेल्पलाइन, सोशल मीडिया और फील्ड स्टाफ के माध्यम से जाम या यातायात में रुकावट की जानकारी मिलने पर सबसे नजदीकी रूट मार्शल को मौके पर भेजा जाएगा।

मौके पर पहुंचने के बाद टीम पहले स्थिति का आकलन करेगी। इसके बाद स्थानीय यातायातकर्मियों के साथ समन्वय कर वाहनों के आवागमन को सामान्य करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

इस व्यवस्था का उद्देश्य किसी समस्या की सूचना और मोबाइल टीम के मौके पर पहुंचने के बीच के समय को कम करना है। इसके तहत टीमों को अपने निर्धारित क्षेत्रों में लगातार सक्रिय रहने की जिम्मेदारी दी गई है।

रूट मार्शल की जिम्मेदारी केवल पहले से बने जाम तक सीमित नहीं रखी गई है। सड़क पर वाहन खराब होने, जलभराव या अचानक किसी अन्य अवरोध के कारण यातायात प्रभावित होने की स्थिति में भी मोबाइल टीम को मौके पर भेजा जा सकता है।

बारिश के दौरान शहर की प्रमुख सड़कों पर जलभराव होने से वाहनों की गति प्रभावित हो सकती है। ऐसे मामलों में रूट मार्शल स्थानीय यातायात टीम के साथ मिलकर मौके की स्थिति संभालने के लिए काम करेंगे। इसी तरह किसी प्रमुख मार्ग पर वाहन खराब होने से यातायात रुकने या धीमा होने की स्थिति में भी नजदीकी टीम को मौके पर पहुंचाया जा सकेगा।

नई जिम्मेदारी के तहत रेसर मोबाइल टीमों को मौके पर तत्काल यातायात संबंधी कार्रवाई के लिए जरूरी उपकरणों से लैस किया गया है। टीमों के पास हैंडसेट, लाउड हेलर, ब्रेथ एनालाइजर और स्पीडोमीटर जैसे उपकरण उपलब्ध रहेंगे।

इन उपकरणों की मदद से मोबाइल टीमों को मौके पर यातायात नियंत्रित करने और जरूरत के अनुसार कार्रवाई करने में सुविधा होगी। टीम के पास संचार के साधन होने से सूचना मिलने के बाद संबंधित अधिकारियों और स्थानीय यातायातकर्मियों के साथ समन्वय भी किया जा सकेगा।

राजधानी में बुधवार को प्रदर्शन और सड़क पर अलग-अलग बाधाओं के कारण कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ था। चारबाग से हजरतगंज तक वाहनों की कतारें देखी गईं।

इसके अलावा लक्ष्मण मेला फ्लाईओवर की मरम्मत के कारण यातायात एक लेन से संचालित हुआ। कैसरबाग डिपो की बस खराब होने और कुछ मार्गों पर वन-वे व्यवस्था के कारण भी यातायात का दबाव बढ़ा।

इस तरह की परिस्थितियों में यातायात पुलिस के सामने एक साथ कई स्थानों पर पैदा हुई समस्याओं से निपटने की चुनौती रहती है। मोबाइल रिस्पॉन्स मॉडल में अलग-अलग क्षेत्रों में गश्त कर रही टीमें सूचना मिलने के बाद प्रभावित हिस्से तक पहुंचने के लिए काम करेंगी।

आरटीसी मॉडल का उद्देश्य केवल जाम लगने के बाद उसे हटाना नहीं है। इसके तहत पहले से चिह्नित मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर यातायात की स्थिति की निगरानी पर भी जोर दिया जा रहा है।

रूट मार्शल लगातार अपने क्षेत्रों में गश्त करेंगे। इससे यातायात दबाव बढ़ने, वाहनों की कतार बनने या किसी अन्य बाधा के शुरुआती संकेत मिलने पर संबंधित टीम को स्थिति की जानकारी मिल सकती है।

प्रदेश में इस मॉडल के तहत वास्तविक समय में यातायात की निगरानी और ट्रैफिक विश्लेषण पर भी जोर दिया जा रहा है। लखनऊ में 25 रूट मार्शल की तैनाती इसी व्यवस्था के तहत की गई है।

नई व्यवस्था में कई तरह की यातायात संबंधी परिस्थितियों को शामिल किया गया है। सामान्य जाम के अलावा सड़क पर वाहन खराब होना, बारिश के बाद जलभराव, अचानक सड़क पर अवरोध पैदा होना और यातायात का दबाव बढ़ना ऐसी स्थितियां हैं, जिनमें रूट मार्शल को मौके पर भेजा जा सकता है।

प्रदर्शन, वीआईपी आवागमन या सड़क की मरम्मत के दौरान भी यातायात का दबाव अलग-अलग मार्गों पर बदल सकता है। ऐसे समय में मोबाइल टीमों के लगातार क्षेत्र में मौजूद रहने से प्रभावित मार्ग की स्थिति की जानकारी स्थानीय स्तर पर मिल सकेगी।

Explore Related Topics

लखनऊ ट्रैफिक पुलिस जाम रूट मार्शल लखनऊ ट्रैफिक मोबाइल ट्रैफिक टीम लखनऊ यातायात आरटीसी परियोजना

 

टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें

इस खबर को खबर पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद

ऐसी ही खबरों के लिए निचे स्क्रॉल करें

या होम पेज पर लेटेस्ट न्यूज़ पढ़ने के लिए क्लिक करें →

Related News