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राम मंदिर में नई जिम्मेदारी, सपा ने पूछा- चोरी मामले में कार्रवाई कहां तक?

नई नियुक्ति पर सीधे सवाल उठाने के बजाय सपा ने मंदिर में कथित चोरी, सीसीटीवी फुटेज डिलीट करने के आरोप और कार्रवाई की स्थिति पर जवाब मांगा।
Bureau
Bureau News Desk
03 Sep 2026
02:32 PM
1 min read
राम मंदिर में नई जिम्मेदारी, सपा ने पूछा- चोरी मामले में कार्रवाई कहां तक?
हाइलाइट्स
अयोध्या के राम मंदिर में एयर मार्शल (रिटायर्ड) जितेंद्र मिश्रा को सीईओ की जिम्मेदारी दी गई है।
नियुक्ति के बाद समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता उदयवीर सिंह की प्रतिक्रिया सामने आई है।
सपा प्रवक्ता ने मंदिर से जुड़े कथित चोरी के मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की है।
उन्होंने कुछ लोगों पर सीसीटीवी फुटेज डिलीट करने और जिम्मेदारियां अपनी मर्जी से बांटने के आरोपों का उल्लेख किया।

लखनऊ। अयोध्या के राम मंदिर में एयर मार्शल (रिटायर्ड) जितेंद्र मिश्रा को मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की जिम्मेदारी दिए जाने के बाद इस नियुक्ति को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आई है। समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता उदयवीर सिंह ने नई जिम्मेदारी पर सीधे सवाल उठाने के बजाय मंदिर की मौजूदा व्यवस्था और चोरी के मामले में जवाबदेही तय किए जाने की मांग की है। उदयवीर सिंह ने सवाल उठाया कि मंदिर की व्यवस्था में बदलाव और नई जिम्मेदारियां देना एक अलग विषय है, लेकिन पहले यह स्पष्ट होना चाहिए कि मंदिर से जुड़े चोरी के मामले में अब तक क्या कार्रवाई हुई है। उन्होंने व्यवस्था से जुड़े कुछ लोगों पर लगाए गए आरोपों की जांच की स्थिति और जिम्मेदारी तय किए जाने को लेकर सवाल उठाए।

राम मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था में जितेंद्र मिश्रा को सीईओ की जिम्मेदारी दिए जाने के बाद सपा की ओर से यह प्रतिक्रिया आई है। उदयवीर सिंह ने नियुक्ति पर सीधे आपत्ति दर्ज कराने के बजाय मंदिर की व्यवस्थाओं से जुड़े पुराने सवालों का उल्लेख किया। उनका कहना है कि नई जिम्मेदारियां तय करने के साथ पहले से सामने आए मामलों में भी जवाबदेही स्पष्ट होनी चाहिए। सपा प्रवक्ता ने विशेष रूप से चोरी के मामले का उल्लेख करते हुए पूछा कि इस प्रकरण में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई हुई है। उनके अनुसार, मंदिर की व्यवस्था से जुड़े कुछ लोगों पर गंभीर आरोप लगाए गए थे। इनमें सीसीटीवी फुटेज डिलीट करने और अलग-अलग जिम्मेदारियां अपनी मर्जी से बांटने के आरोप शामिल हैं। उदयवीर सिंह ने इन आरोपों की जांच की स्थिति को लेकर सवाल उठाया है।

सपा प्रवक्ता का मुख्य सवाल मंदिर की नई नियुक्ति से अधिक पुराने चोरी के मामले को लेकर है। उन्होंने मांग की कि यह स्पष्ट किया जाए कि मामले की जांच कहां तक पहुंची है और जिन लोगों पर आरोप लगाए गए हैं, उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है। यहां उल्लेखित चोरी और अन्य आरोप उदयवीर सिंह द्वारा लगाए गए आरोप हैं। उपलब्ध जानकारी में इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि या किसी जांच एजेंसी अथवा संबंधित प्राधिकरण की ओर से अंतिम निष्कर्ष का विवरण नहीं दिया गया है। उदयवीर सिंह ने कहा कि मंदिर की व्यवस्थाओं में बदलाव किया जा रहा है तो उसके साथ पहले सामने आए मामलों की जवाबदेही भी तय की जानी चाहिए। उनका तर्क है कि केवल नई जिम्मेदारियां या नए चेहरे सामने आने से पहले उठाए गए सवालों का जवाब नहीं मिलता।

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सपा प्रवक्ता ने मंदिर की व्यवस्था से जुड़े लोगों पर सीसीटीवी फुटेज डिलीट करने के आरोप का भी उल्लेख किया। उन्होंने सवाल किया कि यदि इस तरह के आरोप सामने आए थे तो उनकी जांच की स्थिति क्या है और संबंधित लोगों की जिम्मेदारी कैसे तय की गई। मंदिर परिसर की सुरक्षा और व्यवस्थाओं से जुड़े सीसीटीवी फुटेज का मुद्दा इसी संदर्भ में सपा की प्रतिक्रिया का हिस्सा है। हालांकि उपलब्ध सामग्री में यह जानकारी नहीं है कि रूप से फुटेज कब, कितनी मात्रा में या किस घटना से संबंधित डिलीट किए गए थे। इसी तरह, उपलब्ध जानकारी में किसी जांच रिपोर्ट, प्राथमिकी, जांच एजेंसी की कार्रवाई या अदालत के आदेश का विवरण नहीं दिया गया है। इसलिए इस मामले में फिलहाल वही तथ्य सामने रखे जा सकते हैं जो सपा प्रवक्ता के बयान में बताए गए हैं।

उदयवीर सिंह ने मंदिर की व्यवस्था से जुड़े कुछ लोगों पर अपनी मर्जी से अलग-अलग जिम्मेदारियां बांटने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आरोपों की स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए और यह सामने आना चाहिए कि व्यवस्था में किस स्तर पर किसकी जिम्मेदारी थी। उनका कहना है कि मंदिर प्रशासन से जुड़े पुराने मामलों की जवाबदेही तय किए बिना केवल नई नियुक्तियों पर ध्यान केंद्रित करना पर्याप्त नहीं होगा। सपा प्रवक्ता ने चोरी के मामले में वरिष्ठ स्तर तक जिम्मेदारी तय किए जाने की मांग की है।

हालांकि उपलब्ध सामग्री में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि किन-किन व्यक्तियों पर जिम्मेदारियां अपनी मर्जी से बांटने का आरोप है। इसी वजह से इस रिपोर्ट में किसी व्यक्ति का नाम आरोप के साथ नहीं जोड़ा गया है, सिवाय उस राजनीतिक बयान के जिसमें यह दावा किया गया है। उदयवीर सिंह की प्रतिक्रिया का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि उन्होंने एयर मार्शल (रिटायर्ड) जितेंद्र मिश्रा को सीईओ की जिम्मेदारी दिए जाने पर सीधे कोई आरोप नहीं लगाया। उनका सवाल मुख्य रूप से मंदिर की पुरानी व्यवस्थाओं और चोरी के मामले में जवाबदेही से जुड़ा है।

सपा प्रवक्ता ने कहा कि व्यवस्था में बदलाव और नई जिम्मेदारियां देना अपनी जगह है, लेकिन इससे पहले सामने आए मामलों की जांच और कार्रवाई की स्थिति भी स्पष्ट होनी चाहिए। इस तरह उनकी प्रतिक्रिया में नई नियुक्ति के साथ पुराने मामले को जोड़ते हुए जवाबदेही का मुद्दा उठाया गया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, उन्होंने नई जिम्मेदारी पर आपत्ति जताने के बजाय यह सवाल रखा कि मंदिर की व्यवस्था से जुड़े अनियमितताओं और चोरी के मामले में अब तक क्या हुआ।

उदयवीर सिंह ने चोरी के मामले में वरिष्ठ स्तर तक जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि किसी मामले में आरोप सामने आए हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जांच के आधार पर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। उनके बयान के मुताबिक, जब तक आरोपों की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक नई नियुक्तियों के संदर्भ में भी पुराने सवाल बने रहेंगे।

यह बयान समाजवादी पार्टी की ओर से आया राजनीतिक प्रतिक्रिया है। उपलब्ध सामग्री में राम मंदिर प्रशासन, संबंधित प्रबंधन या किसी अन्य जिम्मेदार पक्ष की ओर से इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया शामिल नहीं है। इसलिए इस रिपोर्ट में उस पक्ष की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं जोड़ी गई है। राम मंदिर की नई प्रशासनिक जिम्मेदारी के संदर्भ में सामने आया यह राजनीतिक बयान मुख्य रूप से व्यवस्था और जवाबदेही के मुद्दे पर केंद्रित है। एक तरफ जितेंद्र मिश्रा को सीईओ की जिम्मेदारी दिए जाने की जानकारी है, वहीं दूसरी तरफ सपा ने मंदिर की पुरानी व्यवस्थाओं से जुड़े मामले में कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।

उदयवीर सिंह के बयान में चोरी के साथ सीसीटीवी फुटेज डिलीट करने और जिम्मेदारियां बांटने जैसे आरोपों का उल्लेख किया गया है। उन्होंने इन मामलों में जांच और जिम्मेदारी तय किए जाने की मांग की है। उपलब्ध जानकारी में इन आरोपों पर किसी जांच का अंतिम परिणाम, दोष तय होने या किसी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की पुष्टि का विवरण नहीं है। ऐसे में फिलहाल इन मुद्दों को सपा प्रवक्ता द्वारा उठाए गए आरोप और सवाल के रूप में ही देखा जा सकता है।

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राम मंदिर CEO जितेंद्र मिश्रा अयोध्या

 

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