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लखनऊ में छत पर करंट लगने से हुई युवक की मौत

कामिल नाश्ते के लिए तीसरी मंजिल की छत पर गया था; हादसे के बाद ग्रामीणों ने हाईटेंशन लाइन को लेकर शिकायतों का दावा किया
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Bureau News Desk
25 Aug 2026
04:29 PM
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लखनऊ में छत पर करंट लगने से हुई युवक की मौत
मृतक कामिल फाइल फोटो सोर्स - लखनऊ संवाददाता (प्रदीप यादव)
हाइलाइट्स
लखनऊ के काकोरी थाना क्षेत्र के करीमाबाद गांव में मंगलवार सुबह 20 वर्षीय कामिल की मौत हो गई।
बताया गया कि वह सुबह करीब सात बजे तीसरी मंजिल की छत पर नाश्ता करने गया था।
छत के ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से झुलस गया।
ग्रामीणों ने दावा किया कि आबादी के बीच से गुजर रही हाईटेंशन लाइन को लेकर पहले शिकायतें की गई थीं।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के काकोरी थाना क्षेत्र के करीमाबाद गांव में मंगलवार सुबह हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आने से 20 वर्षीय युवक कामिल की मौत हो गई। बताया गया कि कामिल सुबह करीब सात बजे मकान की तीसरी मंजिल की छत पर नाश्ता करने गया था। इसी दौरान छत के ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की बिजली लाइन की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से झुलस गया।

हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। आसपास के लोग और परिवार के सदस्य वहां पहुंचे। परिजनों के मुताबिक करंट का झटका इतना तेज था कि युवक को संभलने का मौका नहीं मिला। घटना के बाद गांव में मातम का माहौल है।

जानकारी के अनुसार कामिल मंगलवार सुबह करीब सात बजे नाश्ता करने के लिए मकान की तीसरी मंजिल पर गया था। मकान की छत के ऊपर से 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन गुजर रही थी। इसी दौरान वह बिजली के तारों के संपर्क में आ गया।

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तेज विद्युत प्रवाह की चपेट में आने से कामिल बुरी तरह झुलस गया। हादसे के बाद परिवार के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की जानकारी आसपास के लोगों को मिलने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। कामिल की मौत की खबर फैलते ही परिवार में कोहराम मच गया। घटना ने गांव में भी लोगों को स्तब्ध कर दिया।

बताया गया है कि कामिल मूल रूप से उन्नाव जिले के रावतपुर सरहवा का रहने वाला था। वह करीब 12 वर्षों से काकोरी के करीमाबाद गांव में अपने बहनोई रेहान के घर रह रहा था। कामिल शिवरी क्षेत्र में स्थित एक दुकान पर मजदूरी करता था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार वह मेहनत-मजदूरी कर परिवार की आर्थिक मदद करता था।

उसकी अचानक हुई मौत से मां शकीला, पिता रमजान और भाई सलमान समेत परिवार के अन्य सदस्य सदमे में हैं। परिजनों के अनुसार घटना के बाद उनका रो-रोकर बुरा हाल है।

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हादसे के बाद ग्रामीणों में बिजली विभाग के खिलाफ नाराजगी दिखाई दी। ग्रामीणों का आरोप है कि आबादी के बीच से गुजर रही हाईटेंशन लाइन लंबे समय से खतरे का कारण बनी हुई है। उनका कहना है कि कई जगह बिजली के तार मकानों की छतों के बेहद करीब से गुजर रहे हैं।

ग्रामीणों ने दावा किया कि इस संबंध में पहले भी शिकायतें की गई थीं और लाइन को आबादी से दूर करने या सुरक्षित दूरी पर स्थानांतरित करने की मांग उठाई गई थी। उनका आरोप है कि शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया।

हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित विद्युत विभाग की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इसलिए शिकायतों पर विभाग की ओर से पहले की गई किसी कार्रवाई के संबंध में स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। स्थिति को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती की गई और परिजनों तथा ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया गया। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू की। हालांकि, परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। परिवार घटना से गहरे सदमे में था और शव का पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहता था। घटना के बाद पुलिस की ओर से आगे की प्रक्रिया को लेकर उपलब्ध जानकारी में किसी अन्य कार्रवाई का विवरण नहीं दिया गया है।

करीमाबाद की घटना के बाद आबादी के बीच से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइनों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठे हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि इलाके में गुजर रही हाईटेंशन लाइनों की सुरक्षा स्थिति की जांच की जाए।

ग्रामीणों के मुताबिक कई मकान बिजली तारों के नजदीक बने हुए हैं। उनका कहना है कि ऐसे स्थानों पर तार और मकानों के बीच पर्याप्त सुरक्षित दूरी होना जरूरी है। घटना के बाद ग्रामीण यह जानना चाहते हैं कि संबंधित क्षेत्र में बिजली लाइन की स्थिति क्या थी और मकान तथा तार के बीच वास्तविक दूरी कितनी थी। यह भी सवाल उठाया जा रहा है कि यदि इस लाइन को लेकर पहले शिकायतें दी गई थीं तो उन शिकायतों पर क्या कार्रवाई की गई। इन बिंदुओं की पुष्टि संबंधित विभागीय जांच या आधिकारिक रिकॉर्ड से ही हो सकेगी।

कामिल की मौत के बाद ग्रामीणों ने मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता देने और पूरे घटनाक्रम की जांच कराने की मांग की है। उनकी मांग है कि यह देखा जाए कि हाईटेंशन लाइन की स्थिति क्या थी, बिजली के तार और मकान के बीच कितनी दूरी थी तथा लागू सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं। ग्रामीणों ने इलाके की अन्य हाईटेंशन लाइनों की भी जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जहां भी तार मकानों के खतरनाक रूप से करीब हैं, वहां सुरक्षा उपाय किए जाने चाहिए।

हादसे के बाद ग्रामीणों की प्रमुख मांग इलाके में हाईटेंशन बिजली लाइनों की सुरक्षा जांच को लेकर है। वे चाहते हैं कि आबादी वाले क्षेत्रों में बिजली तारों की स्थिति का आकलन किया जाए और जरूरत वाले स्थानों पर सुरक्षा संबंधी कदम उठाए जाएं। ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि पूर्व में की गई शिकायतों के रिकॉर्ड की जांच हो और यह पता लगाया जाए कि शिकायत मिलने के बाद विभाग ने कौन से कदम उठाए थे।

फिलहाल घटना के संबंध में विद्युत विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान उपलब्ध नहीं है। विभाग की प्रतिक्रिया सामने आने के बाद हाईटेंशन लाइन की स्थिति, पूर्व शिकायतों और सुरक्षा उपायों से जुड़े तथ्यों की अधिक स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।

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