लखनऊ। पारा क्षेत्र में नगर निगम की ओर से जब्त की गई भैंसों की नीलामी को लेकर शुरू हुआ विरोध अब पुलिस कार्रवाई तक पहुंच गया है। नगर निगम मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन और सड़क जाम करने के आरोप में हजरतगंज पुलिस ने सपा नेता अनीस राजा समेत 11 नामजद लोगों और करीब 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक मार्ग बाधित हुआ और यातायात प्रभावित हुआ। मामले में सरकारी कार्य में बाधा, सार्वजनिक मार्ग बाधित करने और समूह के रूप में विरोध-प्रदर्शन से जुड़े आरोपों में कार्रवाई की गई है। एफआईआर हजरतगंज थाने की लालबाग चौकी प्रभारी की तहरीर पर दर्ज की गई है।
पारा क्षेत्र में अवैध डेयरियों के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई के दौरान कई भैंसों को जब्त किया गया था। इन जब्त पशुओं की नीलामी की प्रक्रिया सोमवार को नगर निगम मुख्यालय में चल रही थी। इसी दौरान सपा नेताओं और उनके समर्थकों ने नीलामी का विरोध शुरू कर दिया।
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प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग नीलामी प्रक्रिया को रोकना थी। उनका कहना था कि जिन पशुपालकों से भैंसें जब्त की गई हैं, उन्हें अपने पशु वापस लेने का अवसर दिया जाना चाहिए। इसी मांग को लेकर प्रदर्शनकारी नगर निगम परिसर के बाहर जुटे और नारेबाजी की।
विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठ गए। इससे मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ और कुछ समय के लिए जाम की स्थिति बनी। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को सड़क से हटाने का प्रयास किया, लेकिन विरोध जारी रहने की बात कही गई है।
पुलिस के अनुसार, सड़क पर बैठने के कारण सार्वजनिक मार्ग बाधित हुआ और आम लोगों को आवागमन में परेशानी हुई। इसके बाद मामले में एफआईआर दर्ज की गई।
एफआईआर में पुलिस ने प्रदर्शन से जुड़े लोगों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा और सार्वजनिक मार्ग को बाधित करने समेत अन्य आरोप लगाए हैं। पुलिस की कार्रवाई का आधार प्रदर्शन के दौरान सामने आई स्थिति और उपलब्ध साक्ष्य बताए गए हैं।
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हजरतगंज थाने की लालबाग चौकी प्रभारी की तहरीर पर दर्ज मुकदमे में सपा नेता अनीस राजा समेत 11 लोगों को नामजद किया गया है। इसके अलावा करीब 50 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।
पुलिस अब प्रदर्शन के दौरान उपलब्ध वीडियो, फोटो और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। इन साक्ष्यों के आधार पर अज्ञात लोगों की पहचान किए जाने की बात कही गई है। मामले में आगे की पुलिस कार्रवाई जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर होने की बात कही गई है।
प्रदर्शनकारियों की ओर से जब्त भैंसों की नीलामी रोकने की मांग की गई थी। उनका कहना था कि पशुपालकों को पशु वापस लेने का मौका मिलना चाहिए। सपा नेताओं ने नगर निगम की कार्रवाई और नीलामी प्रक्रिया पर आपत्ति जताई।
दूसरी ओर नगर निगम का पक्ष है कि पारा क्षेत्र में अवैध डेयरियों के खिलाफ अभियान नियमों के तहत चलाया गया था। कार्रवाई के दौरान कई पशु जब्त किए गए थे। उनके रखरखाव और आगे की प्रक्रिया के तहत नगर निगम ने नीलामी की कार्रवाई शुरू की। इस तरह विवाद का मुख्य केंद्र जब्त पशुओं की आगे की प्रक्रिया और नीलामी को लेकर है।
पारा क्षेत्र में अवैध डेयरियों के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई के दौरान निगम और पुलिस की टीम के साथ विवाद और हमले की घटना सामने आने के बाद अभियान तेज किया गया था।
प्रदत्त जानकारी के अनुसार, कार्रवाई के दौरान टीम पर पथराव और सरकारी वाहनों को नुकसान पहुंचाने के आरोप भी लगे थे। इसके बाद नगर निगम ने बड़ी संख्या में पशुओं को कब्जे में लेकर अलग-अलग कांजी हाउस और संबंधित स्थानों पर रखवाया था। बाद में इन्हीं जब्त पशुओं की नीलामी की प्रक्रिया शुरू की गई। नीलामी की कार्रवाई शुरू होने के बाद पशुपालकों और राजनीतिक दलों की ओर से विरोध सामने आया।
जब्त भैंसों की नीलामी की घोषणा के बाद से ही पशुपालकों और राजनीतिक दलों की ओर से इसका विरोध किए जाने की जानकारी है। सपा नेताओं ने नगर निगम अधिकारियों से मुलाकात कर नीलामी रोकने की मांग भी की थी।
सोमवार को इसी मुद्दे को लेकर नगर निगम मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया गया। विरोध के दौरान प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठ गए और नारेबाजी की। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को सड़क से हटाने का प्रयास किया। इसी घटनाक्रम के बाद हजरतगंज पुलिस ने प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।
एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस की जांच आगे बढ़ गई है। प्रदर्शन स्थल के आसपास उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज, मौके पर बनाए गए वीडियो और फोटो समेत अन्य साक्ष्यों की जांच की जा सकती है।
इनका उपयोग उन लोगों की पहचान के लिए किया जाएगा जिनके नाम एफआईआर में अज्ञात के रूप में दर्ज हैं। पुलिस ने कहा है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। एफआईआर में करीब 50 अज्ञात लोगों का नाम होने के कारण पहचान की प्रक्रिया इस मामले की जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
पारा में अवैध डेयरियों के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई से शुरू हुआ मामला अब नीलामी और पुलिस कार्रवाई तक पहुंच गया है। एक तरफ नगर निगम जब्त पशुओं की नीलामी की प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा है, जबकि दूसरी ओर सपा नेता और समर्थक इसे रोकने की मांग कर रहे हैं।
विरोध प्रदर्शन के दौरान सड़क बाधित होने के आरोप के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। मामले में 11 लोगों को नामजद किया गया है, जबकि करीब 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी केस दर्ज हुआ है। आगे की कार्रवाई पुलिस जांच में सामने आने वाले तथ्यों, वीडियो, फोटो और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।
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