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लखनऊ-कानपुर बस से सफर करने वालों के लिए बदलाव, 50 किमी बढ़ेगी दूरी

नए मार्ग से बसों की दूरी करीब 140 किमी होने की संभावना, सर्वे के बाद किराये में बदलाव पर होगा फैसला।
Bureau
Bureau News Desk
15 Sep 2026
12:17 PM
1 min read
लखनऊ-कानपुर बस से सफर करने वालों के लिए बदलाव, 50 किमी बढ़ेगी दूरी
हाइलाइट्स
जाजमऊ गंगा पुल की मरम्मत के चलते रोडवेज बसों का रूट बदलेगा।
रूट डायवर्जन 13 सितंबर से 13 दिसंबर तक रहने की जानकारी दी गई है।
लखनऊ-कानपुर बसों को करीब 50 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ सकती है।
मौजूदा करीब 90 किलोमीटर की दूरी बढ़कर लगभग 140 किलोमीटर हो सकती है।

लखनऊ-कानपुर के बीच रोडवेज बस से सफर करने वाले यात्रियों के लिए रूट में बदलाव होने जा रहा है। कानपुर के जाजमऊ गंगा पुल की मरम्मत के चलते करीब तीन महीने तक भारी वाहनों और रोडवेज बसों के पुल से आवागमन पर रोक रहेगी। इसके चलते लखनऊ से कानपुर जाने वाली परिवहन निगम की बसें वैकल्पिक मार्ग से संचालित की जाएंगी।

बदले हुए मार्ग से बसों को मौजूदा रूट की तुलना में करीब 50 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ सकती है। इससे बसों के संचालन की लागत और किराये पर भी असर पड़ने की संभावना है। हालांकि, अभी किराये में कोई बदलाव नहीं किया गया है। रोडवेज प्रशासन पहले डायवर्जन रूट का सर्वे कराएगा और अतिरिक्त दूरी के आधार पर किराये में बदलाव पर निर्णय लिया जाएगा।

जाजमऊ गंगा पुल पर मरम्मत का काम 13 सितंबर से 13 दिसंबर तक चलना प्रस्तावित है। मरम्मत कार्य के दौरान पुल पर भारी वाहनों के साथ रोडवेज बसों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। इस वजह से लखनऊ और कानपुर के बीच संचालित बसों को वैकल्पिक मार्ग से भेजा जाएगा। परिवहन निगम की बसों के लिए यह बदलाव करीब तीन महीने तक प्रभावी रहने की जानकारी दी गई है। इस अवधि में बसों को सामान्य मार्ग की तुलना में अधिक दूरी तय करनी होगी।

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लखनऊ के आलमबाग से कानपुर जाने वाली रोडवेज बसें बदले हुए मार्ग से संचालित होंगी। प्रस्तावित मार्ग के अनुसार बसें उन्नाव के आगे गदन खेड़ा चौराहा, उन्नाव शहर, लालगंज और फतेहपुर होते हुए कानपुर की ओर जाएंगी। एक अन्य विवरण के अनुसार बसें गदन खेड़ा चौराहा से रायबरेली रोड और बक्सर पुल होते हुए फतेहपुर के रास्ते कानपुर की ओर जा सकेंगी। इस वैकल्पिक मार्ग के कारण बसों की कुल यात्रा दूरी बढ़ जाएगी।

वर्तमान में लखनऊ से कानपुर की दूरी करीब 90 किलोमीटर बताई गई है। जाजमऊ पुल से गुजरने के बजाय वैकल्पिक मार्ग अपनाने पर यह दूरी करीब 140 किलोमीटर होने की संभावना है। इस तरह बसों को मौजूदा दूरी की तुलना में लगभग 50 किलोमीटर अतिरिक्त सफर करना पड़ सकता है। अतिरिक्त दूरी के कारण यात्रा का समय भी सामान्य रूट की तुलना में अलग हो सकता है, हालांकि उपलब्ध जानकारी में यात्रा समय में होने वाली संभावित वृद्धि का कोई निर्धारित आंकड़ा नहीं दिया गया है।

बदले हुए रूट के कारण बसों के संचालन में अतिरिक्त किलोमीटर जुड़ेंगे। रोडवेज प्रशासन इन अतिरिक्त किलोमीटर का सर्वे कराएगा। इसके बाद यह निर्धारित किया जाएगा कि बसों के किराये पर कितना असर पड़ेगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार यदि अतिरिक्त दूरी 50 किलोमीटर रहती है तो किराये में करीब 60 रुपये तक की संभावित बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि, यह अभी अंतिम किराया नहीं है। फिलहाल यात्रियों से मौजूदा किराया ही लिया जा रहा है। इसलिए यात्रियों के लिए यह स्पष्ट है कि रूट में बदलाव लागू होने के बावजूद किराये में तत्काल बदलाव की घोषणा नहीं की गई है। किराये को लेकर अंतिम निर्णय अतिरिक्त दूरी के सर्वे और रोडवेज प्रशासन की प्रक्रिया के बाद होगा।

लखनऊ और कानपुर बस डिपो से लखनऊ-कानपुर मार्ग पर 80 से अधिक साधारण और ई-बसों का संचालन हो रहा है। इन बस सेवाओं से प्रतिदिन करीब 15 हजार से 20 हजार यात्री यात्रा करते हैं। जाजमऊ पुल पर आवागमन प्रतिबंधित होने का असर इस नियमित बस सेवा से यात्रा करने वाले यात्रियों पर पड़ेगा। बसों को वैकल्पिक मार्ग से चलाए जाने के कारण यात्रियों को सामान्य मार्ग की तुलना में अधिक दूरी तय करनी होगी।

क्षेत्रीय प्रबंधक विमल राजन के अनुसार आलमबाग से कानपुर जाने वाली बसों के रूट करीब तीन महीने तक बदले रहेंगे। उन्होंने बताया कि डायवर्जन रूट पर जल्द सर्वे कराया जाएगा और अतिरिक्त दूरी के आधार पर बसों के किराये पर असर पड़ेगा। इस प्रक्रिया के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि बदले हुए मार्ग के लिए यात्रियों को कितना अतिरिक्त किराया देना होगा। फिलहाल किराया यथावत है।

जाजमऊ गंगा पुल लखनऊ और कानपुर के बीच सड़क यातायात के लिए महत्वपूर्ण मार्गों में शामिल है। मरम्मत कार्य के दौरान पुल पर भारी वाहनों और रोडवेज बसों के प्रवेश पर प्रतिबंध के कारण परिवहन निगम को वैकल्पिक मार्ग अपनाना होगा। लखनऊ से कानपुर जाने वाली बसों के लिए प्रस्तावित डायवर्जन में उन्नाव, लालगंज और फतेहपुर क्षेत्र शामिल हैं। इस बदलाव से बसों की दूरी मौजूदा करीब 90 किलोमीटर से बढ़कर लगभग 140 किलोमीटर तक पहुंचने की संभावना है।

रूट डायवर्जन लागू होने के बाद लखनऊ से कानपुर जाने वाले रोडवेज यात्रियों को बदले हुए मार्ग से यात्रा करनी होगी। मुख्य बदलाव बसों के मार्ग और तय की जाने वाली दूरी में होगा। वर्तमान में करीब 90 किलोमीटर की दूरी तय करने वाली बसें डायवर्जन के दौरान लगभग 140 किलोमीटर की दूरी तय कर सकती हैं। अतिरिक्त दूरी के कारण किराये में बदलाव की संभावना है, लेकिन अभी तक संशोधित किराये को अंतिम रूप नहीं दिया गया है। रोडवेज प्रशासन द्वारा सर्वे पूरा होने के बाद ही अतिरिक्त दूरी और उसके आधार पर किराये में होने वाले बदलाव की स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल लखनऊ-कानपुर मार्ग पर संचालित बसों के लिए निर्धारित मौजूदा किराया लागू है।

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