Monday, 29 June 2026 | Lucknow | 29°C

मानसून सत्र से पहले कर्मचारियों की पेंशन पर फिर छिड़ी बहस, जॉय बनर्जी ने रखीं तीन बड़ी मांगें

मानसून सत्र से पहले जॉय बनर्जी ने पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, NPS समाप्त करने और 'एक देश, एक पेंशन' लागू करने की मांग उठाई। उन्होंने सांसदों और विधायकों की पेंशन व्यवस्था की समीक्षा का भी आग्रह किया।
Bureau
Bureau News Desk
29 Jun 2026
03:26 PM
1 min read
मानसून सत्र से पहले कर्मचारियों की पेंशन पर फिर छिड़ी बहस, जॉय बनर्जी ने रखीं तीन बड़ी मांगें
मानसून सत्र से पहले कर्मचारियों की पेंशन पर फिर छिड़ी बहस
हाइलाइट्स
आगामी मानसून सत्र से पहले जॉय बनर्जी ने पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग उठाई।
उन्होंने नई पेंशन योजना समाप्त कर 'एक देश, एक पेंशन' लागू करने का आग्रह किया।
सांसदों और विधायकों की पेंशन व्यवस्था की समीक्षा की भी मांग की गई।
जॉय बनर्जी ने कहा कि कर्मचारियों की वर्षों पुरानी मांग पर मानसून सत्र में निर्णय लिया जाना चाहिए।

आगामी मानसून सत्र से पहले पुरानी पेंशन योजना को लेकर एक बार फिर बहस तेज होती दिखाई दे रही है। सामाजिक कार्यकर्ता और कर्मचारियों एवं श्रमिकों के मुद्दों को उठाने वाले जॉय बनर्जी ने केंद्र सरकार से आगामी संसद सत्र में सरकारी कर्मचारियों की पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग की है। उन्होंने इसके साथ ही नई पेंशन योजना को समाप्त कर देशभर में गारंटीड पेंशन व्यवस्था लागू करने का भी आग्रह किया।

जॉय बनर्जी ने जारी बयान में कहा कि लंबे समय से सरकारी कर्मचारी और श्रमिक संगठन पुरानी पेंशन योजना की बहाली की मांग करते रहे हैं। उनके अनुसार, कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति के बाद सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस विषय पर नीति स्तर पर निर्णय लिया जाना आवश्यक है।

यह खबर भी पढ़े - उत्तर प्रदेश PWD चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ का चुनाव संपन्न, हरिकेश प्रसाद बने अध्यक्ष

अपने बयान में जॉय बनर्जी ने सरकार से अपील की कि आगामी मानसून सत्र में कर्मचारियों की पेंशन से जुड़े मुद्दे पर निर्णय लिया जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारियों की वर्षों पुरानी मांग पर सकारात्मक विचार किया जाना चाहिए।

उन्होंने यह भी मांग की कि देशभर में 'एक देश, एक पेंशन' की अवधारणा पर विचार करते हुए सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए गारंटीड पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू की जाए।

यह खबर भी पढ़े - मौलाना सैयद सलमान हुसैनी नदवी का निधन, लखनऊ में ली अंतिम सांस

जॉय बनर्जी ने अपने बयान में सांसदों और विधायकों को मिलने वाली पेंशन व्यवस्था का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यदि निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के लिए पेंशन की व्यवस्था बनी हुई है, तो लंबे समय तक सरकारी सेवा देने वाले कर्मचारियों की पेंशन व्यवस्था पर भी समान रूप से विचार किया जाना चाहिए।

उन्होंने सरकार से सांसदों और विधायकों की पेंशन व्यवस्था की समीक्षा करने और कर्मचारियों की मांगों के संदर्भ में आवश्यक निर्णय लेने की अपील की। 

"जब एक बार विधायक या सांसद बनने पर जीवनभर की पेंशन सुरक्षित हो सकती है, तो तीस-तीस साल तक देश की सेवा करने वाले राष्ट्र निर्माता कर्मचारियों के बुढ़ापे की लाठी क्यों छीनी जा रही है? यह कैसा न्याय है?" — जॉय बनर्जी

जॉय बनर्जी ने अपने बयान में कहा कि वर्तमान नई पेंशन योजना बाजार आधारित व्यवस्था पर आधारित है। उन्होंने सरकार से इसे समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग दोहराई। उनके अनुसार, कर्मचारियों के भविष्य को देखते हुए गारंटीड पेंशन व्यवस्था अधिक उपयुक्त होगी।

अपने बयान के अंत में जॉय बनर्जी ने कर्मचारियों और श्रमिकों से इस मुद्दे पर एकजुट रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के हितों से जुड़े विषयों को लोकतांत्रिक तरीके से सरकार के समक्ष लगातार उठाया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कर्मचारियों की मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो कर्मचारी और श्रमिक अपनी आवाज उठाना जारी रखेंगे।

Explore Related Topics

OPS पुरानी पेंशन योजना NPS Joy Banerjee मानसून सत्र सरकारी कर्मचारी कर्मचारी पेंशन Old Pension Scheme New Pension Scheme One Nation One Pension

 

टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें

इस खबर को खबर पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद

ऐसी ही खबरों के लिए निचे स्क्रॉल करें

या होम पेज पर लेटेस्ट न्यूज़ पढ़ने के लिए क्लिक करें →

Related News